सऊदी अरब में एयरपोर्ट और तेल ठिकाने पर हमला, 1 भारतीय समेत 3 की मौत; 10 घायल

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने सऊदी अरब मे राजनयिको और उनके परिवारो को देश छोड़ने का निर्देश दिया। अमेरिकी सैन्य मौजूदगी घटाने से चिंताएं बढ़ीं।

सऊदी अरब में बुधवार देर रात दम्माम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सऊदी अरामको के तेल ठिकाने पर हुए हमलों में एक भारतीय समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में नेपाल और फिलीपींस के नागरिक भी शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इस महीने सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के छह बड़े हमले हो चुके हैं। 

दम्मम: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान पर संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की खबरों के बीच सऊदी अरब में अमेरिकी राजनयिकों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का निर्देश दिया गया है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में संयुक्त अरब अमीरात (UAE), जॉर्डन, कतर और बहरीन से भी अमेरिकी दूतावास के कर्मचारियों को वापस बुलाए जाने की खबरें सामने आईं। हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश केवल सऊदी अरब के लिए जारी किया गया है।

UAE, जॉर्डन, कतर और बहरीन को लेकर क्या कहा अमेरिका ने?

अमेरिकी राजनयिकों को सऊदी अरब से हटाए जाने के बीच दूसरे खाड़ी देशों से भी कर्मचारियों को वापस बुलाने की खबरों ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दीं। हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने बुधवार को इन खबरों का खंडन किया।

पिगॉट ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का निर्देश केवल सऊदी अरब के लिए दिया गया है। इस बयान के बाद UAE, जॉर्डन, कतर और बहरीन से अमेरिकी कर्मचारियों को हटाए जाने की खबरों पर स्थिति स्पष्ट हुई।

ईरान पर दोबारा हमले की योजना बना रहा ट्रम्प प्रशासन?

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का प्रशासन ईरान पर फिर से हमले शुरू करने की योजनाएं बना रहा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर किसी अंतिम फैसले की पुष्टि नहीं की गई है।

ईरान के खिलाफ संभावित कार्रवाई की खबरों के बीच अमेरिकी राजनयिकों की सुरक्षा और क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। यदि अमेरिका सैन्य कार्रवाई का फैसला करता है, तो इसका असर पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति पर पड़ सकता है। फिलहाल, संभावित हमले की समयसीमा और उसके दायरे को लेकर कोई पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।

पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी घटाने की खबर

NBC की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना हाल के दिनों में पश्चिम एशिया के कई सैन्य ठिकानों पर अपनी मौजूदगी धीरे-धीरे कम कर रही है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ रही हैं।

हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के एक प्रवक्ता ने कहा कि सैन्यकर्मियों को मिशन की तैयारी बेहतर बनाए रखने के लिए नियमित रूप से अलग-अलग स्थानों पर भेजा जाता है। प्रवक्ता के बयान में इस बदलाव को ईरान पर संभावित हमले से सीधे तौर पर नहीं जोड़ा गया।

खाड़ी देशों में बढ़ सकती है सुरक्षा चिंता

पश्चिम एशिया में बढ़ते हमलों, अमेरिकी कर्मचारियों की सुरक्षा और ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई की खबरों के बीच क्षेत्रीय हालात पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर रखी जा रही है। सऊदी अरब से अमेरिकी राजनयिकों को हटाने का निर्देश और सैन्य तैनाती में बदलाव की रिपोर्टें सुरक्षा चिंताओं को सामने लाती हैं।

हालांकि, दूसरे खाड़ी देशों से अमेरिकी कर्मचारियों को हटाने की खबरों को अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने खारिज किया है। ऐसे में क्षेत्र में आगे की स्थिति अमेरिकी प्रशासन के फैसलों और सैन्य गतिविधियों पर निर्भर करेगी।

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