आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू और पवन कल्याण की मुलाकात, इस्तीफे की अफवाहों पर सरकार सख्त

आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू और पवन कल्याण ने गठबंधन के मुद्दों पर चर्चा की। इस्तीफे की फर्जी खबरों और स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर सरकार ने सख्ती दिखाई।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के बीच गुरुवार को 30 मिनट तक बैठक हुई। इस दौरान गठबंधन में मतभेद और स्थानीय निकाय चुनावों पर चर्चा हुई। वहीं, पवन कल्याण के इस्तीफे की अफवाहों पर सरकार ने सख्ती दिखाई।

अमरावती: आंध्र प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण की मुलाकात चर्चा का विषय बन गई है। गुरुवार को दोनों नेताओं के बीच करीब 30 मिनट तक बैठक हुई। इसका मकसद सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर सामने आए छोटे-मोटे मतभेदों को दूर करना और राज्य में चल रही राजनीतिक गतिविधियों पर चर्चा करना था।

इस मुलाकात के बीच पवन कल्याण के मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने की खबरें भी सोशल मीडिया पर फैलने लगीं। हालांकि, ये खबरें फर्जी बताई गई हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय और उपमुख्यमंत्री कार्यालय ने ऐसी सूचनाओं पर भरोसा नहीं करने की अपील की है।

बिना सुरक्षा के पहुंचे पवन कल्याण, शुरू हुई अटकलें

बताया गया कि पवन कल्याण मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से मिलने बिना किसी सुरक्षा दल या एस्कॉर्ट के पहुंचे थे। उनके इस तरह पहुंचने के बाद सोशल मीडिया के कुछ मंचों पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

इसी दौरान 'Deputy CMO Andhra Pradesh' नाम से चल रहे एक कथित फर्जी व्हाट्सऐप ग्रुप में उनके इस्तीफे को लेकर संदेश प्रसारित किए जाने लगे। इन संदेशों ने राजनीतिक हलकों में अटकलों को हवा दी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में पवन कल्याण के इस्तीफे की पुष्टि नहीं की गई है।

मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। कार्यालय की ओर से स्पष्ट किया गया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित ऐसी खबरों को सच मानकर आगे साझा नहीं किया जाना चाहिए। उपमुख्यमंत्री कार्यालय ने भी फर्जी सूचनाएं फैलाने वालों को कार्रवाई की चेतावनी दी है।

फर्जी खबर फैलाने वालों पर कार्रवाई की तैयारी

पवन कल्याण के इस्तीफे से जुड़ी अफवाहों के मामले में अधिकारियों ने सख्त रुख अपनाया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस संबंध में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा चुकी है। जांच का उद्देश्य उन सोशल मीडिया चैनलों और अन्य माध्यमों की पहचान करना है, जिनके जरिए कथित तौर पर गलत जानकारी फैलाई गई।

फर्जी व्हाट्सऐप ग्रुप की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की भ्रामक खबरों से लोगों के बीच भ्रम पैदा हो सकता है और राजनीतिक स्थिति को लेकर गलत संदेश जा सकता है।

फिलहाल, इस मामले में जांच के नतीजों और जिम्मेदार लोगों की पहचान से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। ऐसे में इस्तीफे को लेकर किए जा रहे दावों पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है।

स्थानीय निकाय चुनाव भी बैठक का अहम मुद्दा

नायडू और पवन कल्याण की बैठक के दौरान आंध्र प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) को निर्देश दिया है कि चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की अंतिम सूची का प्रकाशन 25 अक्टूबर 2026 तक टाला जाए।

अदालत ने आयोग से उन शिकायतों और सबूतों की जांच करने को भी कहा है, जिनमें कुछ उम्मीदवारों को कथित तौर पर नामांकन दाखिल करने से रोके जाने के आरोप लगाए गए हैं। इस प्रक्रिया में वीडियो रिकॉर्डिंग सहित उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने का निर्देश दिया गया है।

इन निर्देशों के बाद राज्य में चुनावी प्रक्रिया और उम्मीदवारों की अंतिम सूची को लेकर प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण गतिविधियां चल रही हैं। ऐसे समय में सत्तारूढ़ गठबंधन के दोनों प्रमुख नेताओं की बैठक को राजनीतिक और चुनावी दृष्टि से अहम माना जा रहा है।

गठबंधन की एकजुटता पर रहेगी नजर

चंद्रबाबू नायडू और पवन कल्याण की मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब एक ओर स्थानीय निकाय चुनावों से जुड़े सवाल सामने हैं और दूसरी ओर सोशल मीडिया पर इस्तीफे की अफवाहें फैल रही हैं।

सरकार की ओर से फर्जी खबरों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है, जबकि गठबंधन के भीतर मतभेदों को दूर करने के लिए दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई। आने वाले दिनों में चुनावी प्रक्रिया से जुड़े फैसलों और जांच की प्रगति पर नजर रहेगी।

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