चीनी हैकर्स का AI टूल से साइबर हमला, 2,250 कंपनियां निशाने पर, Microsoft ने दी चेतावनी

Microsoft की रिपोर्ट में Storm-0940 द्वारा ARTEX AI टूल से साइबर हमले का खुलासा हुआ। जानें 2,250 कंपनियों और ConnectWise की सेवाओं से जुड़ी पूरी जानकारी।

Microsoft की चेतावनी के अनुसार, Storm-0940 ने साइबर हमलों को तेज करने के लिए ARTEX AI टूल का इस्तेमाल किया। हमले में पासवर्ड स्प्रेइंग और OAuth ऐप्स की अनुमतियों का दुरुपयोग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया। रिपोर्ट में 2,250 कंपनियों को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है। ConnectWise की क्लाउड बैकअप सेवाओं को भी इस मामले में निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है।

Tech: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल अब साइबर अपराधों को अंजाम देने के लिए भी किया जा रहा है। Microsoft की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन से जुड़े हैकिंग ग्रुप Storm-0940 ने AI आधारित टूल ARTEX की मदद से कंपनियों के नेटवर्क में सेंध लगाने की कोशिश की। इस मामले ने क्लाउड सिक्योरिटी और डिजिटल सिस्टम की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।

AI की मदद से साइबर हमलों का बढ़ता खतरा

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक ने डिजिटल दुनिया में काम करने के तरीके को काफी बदल दिया है। हालांकि, इसके बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। अब हैकर्स AI आधारित टूल का सहारा लेकर हमलों की प्रक्रिया को तेज करने और नेटवर्क में मौजूद कमजोरियों का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

चीनी हैकर्स का AI टूल से साइबर हमला, 2,250 कंपनियां निशाने पर, Microsoft ने दी चेतावनी

Microsoft की रिपोर्ट में Storm-0940 नाम के एक हैकिंग ग्रुप की गतिविधियों का उल्लेख किया गया है। इस ग्रुप को चीन से जुड़ा माना जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसने कंपनियों के नेटवर्क तक पहुंच बनाने के लिए AI टूल का इस्तेमाल किया। इस घटना ने दिखाया है कि साइबर अपराधी नई तकनीकों को अपने हमलों में शामिल कर रहे हैं।

ARTEX टूल से कैसे किया गया हमला?

रिपोर्ट में ARTEX नाम के ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर का जिक्र किया गया है। इसके जरिए हमले के कुछ चरणों को ऑटोमैटिक करने की बात सामने आई है। इससे हैकर्स को कम समय में कई खातों और डिजिटल सेवाओं को निशाना बनाने में मदद मिल सकती है।

इस प्रक्रिया में इस्तेमाल की गई प्रमुख तकनीकों में पासवर्ड स्प्रेइंग शामिल है। इसमें हमलावर कई यूजर अकाउंट्स पर कुछ सामान्य पासवर्ड आजमाते हैं। यदि किसी खाते का पासवर्ड कमजोर है और अतिरिक्त सुरक्षा उपाय प्रभावी नहीं हैं, तो अनधिकृत पहुंच मिलने का जोखिम बढ़ सकता है।

दूसरी तकनीक OAuth ऐप्स की अनुमतियों से जुड़ी है। OAuth एक ऐसी व्यवस्था है, जिसके जरिए किसी ऐप को यूजर की अनुमति के आधार पर दूसरे प्लेटफॉर्म के कुछ संसाधनों तक पहुंच मिल सकती है। यदि इन अनुमतियों का गलत इस्तेमाल किया जाए या किसी ऐप को जरूरत से ज्यादा अधिकार दिए गए हों, तो संवेदनशील जानकारी तक अनधिकृत पहुंच का खतरा पैदा हो सकता है।

ConnectWise की सेवाएं भी जांच के दायरे में

इस मामले में ConnectWise नाम की IT कंपनी की क्लाउड बैकअप सेवाओं को निशाना बनाए जाने की जानकारी दी गई है। सप्लाई चेन अटैक में हमलावर किसी कंपनी या सेवा प्रदाता को निशाना बनाते हैं, ताकि उसके जरिए जुड़े दूसरे संगठनों तक पहुंचने का रास्ता मिल सके।

ConnectWise के CEO मैनी रिवेलो ने इस घटना के पीछे चीन से जुड़े किसी समूह की संभावित भूमिका की ओर संकेत किया। कंपनी ने प्रभावित ऐप्स के कनेक्शन रोककर नुकसान को सीमित करने के कदम उठाए। हालांकि, केवल कनेक्शन बंद कर देना हर स्थिति में पर्याप्त नहीं होता।

यदि हमलावर पहले ही किसी ग्राहक के नेटवर्क में प्रवेश कर चुके हों, तो वे सेवा प्रदाता की ओर से उठाए गए कदमों के बाद भी सिस्टम में मौजूद रह सकते हैं। इसलिए प्रभावित ग्राहकों को अपने नेटवर्क, यूजर अकाउंट्स और ऐप अनुमतियों की स्वतंत्र रूप से जांच करने की जरूरत है।

कंपनियां साइबर हमलों से कैसे बचें?

मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) लागू करना, कमजोर पासवर्ड से बचना, अनावश्यक ऐप अनुमतियां हटाना और संदिग्ध लॉगिन गतिविधियों की निगरानी करना सुरक्षा मजबूत करने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, कंपनियों को बैकअप की सुरक्षा और घटना सामने आने पर तुरंत कार्रवाई करने की योजना भी तैयार रखनी चाहिए।

AI आधारित टूल का इस्तेमाल साइबर सुरक्षा में कमजोरियों की पहचान करने के लिए भी किया जा सकता है, लेकिन यही तकनीक गलत हाथों में पड़ने पर हमलों को अधिक व्यवस्थित बना सकती है। इसलिए संगठनों के लिए जरूरी है कि वे तकनीकी सुरक्षा उपायों को लगातार अपडेट करें और अपने कर्मचारियों को साइबर जोखिमों के प्रति जागरूक रखें।

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