रामनगर बस टर्मिनल का निर्माण वन भूमि की मंजूरी में फंसा, मार्च 2027 तक काम पूरा करने का लक्ष्य

रामनगर बस टर्मिनल का 60% निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन 0.126 हेक्टेयर वन भूमि की मंजूरी लंबित है। परियोजना मार्च 2027 तक पूरी करने का लक्ष्य है।

उत्तराखंड के रामनगर में आधुनिक बस टर्मिनल का निर्माण अतिरिक्त वन भूमि की मंजूरी नहीं मिलने से प्रभावित हो रहा है। 0.126 हेक्टेयर जमीन का प्रस्ताव केंद्र सरकार के पर्यावरण एवं वन मंत्रालय में लंबित है। परियोजना का करीब 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।

रामनगर: उत्तराखंड के रामनगर रोडवेज डिपो को आधुनिक बस टर्मिनल में बदलने की परियोजना अतिरिक्त वन भूमि की मंजूरी के इंतजार में है। दूसरे प्रवेश द्वार के निर्माण के लिए 0.126 हेक्टेयर अतिरिक्त जमीन की जरूरत है, जिसके हस्तांतरण का प्रस्ताव केंद्र सरकार के पर्यावरण एवं वन मंत्रालय में लंबित है। परियोजना को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि अधिकारियों के अनुसार अब तक करीब 60 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हुआ है।

वन भूमि की मंजूरी नहीं मिलने से बस टर्मिनल का काम प्रभावित

रामनगर में रोडवेज डिपो को आधुनिक बस टर्मिनल के रूप में विकसित करने की परियोजना में अतिरिक्त वन भूमि की मंजूरी अहम बाधा बन गई है। राज्य सरकार के माध्यम से जमीन हस्तांतरण का प्रस्ताव केंद्र सरकार के पर्यावरण एवं वन मंत्रालय को भेजा गया था। करीब एक महीने से यह प्रस्ताव लंबित है।

परियोजना के तहत वन विभाग की लीज पर उपलब्ध लगभग तीन एकड़ जमीन पर यात्रियों की सुविधाएं और विभागीय संसाधन विकसित किए जा रहे हैं। निर्माण कार्य पहले वर्ष 2024-25 तक पूरा होना था, लेकिन डिजाइन में बदलाव और यात्रियों के लिए अतिरिक्त सुविधाएं शामिल किए जाने के कारण समयसीमा बढ़ाकर मार्च 2027 कर दी गई।

अधिकारियों के मुताबिक, आधुनिक बस टर्मिनल के लिए दूसरा प्रवेश द्वार बनाना प्रस्तावित है। इसके लिए 0.126 हेक्टेयर अतिरिक्त जमीन की आवश्यकता है। जमीन का हस्तांतरण समय पर नहीं होने से निर्माण कार्य की रफ्तार और परियोजना की समयसीमा पर असर पड़ने की आशंका है।

50.14 करोड़ रुपये का संशोधित प्रस्ताव, निर्माण 60 प्रतिशत पूरा

परियोजना में नई सुविधाएं जोड़ने और लागत बढ़ने के बाद कार्यदायी संस्था ने 50.14 करोड़ रुपये का संशोधित प्रस्ताव भेजा था। इसमें से 28.14 करोड़ रुपये पहले जारी किए जा चुके थे। इसके बाद अप्रैल के दूसरे सप्ताह में शासन की ओर से शेष 21.57 करोड़ रुपये भी आवंटित किए गए।

धनराशि उपलब्ध होने के बाद निर्माण कार्य लगातार जारी है। हालांकि, अतिरिक्त जमीन की मंजूरी नहीं मिलने से परियोजना के कुछ जरूरी हिस्सों को पूरा करने में दिक्कत आ सकती है।

रामनगर रोडवेज डिपो के एआरएम नवीन आर्य के अनुसार, भूमि हस्तांतरण का प्रस्ताव राज्य सरकार से स्वीकृत होकर केंद्र सरकार के स्तर पर लंबित है। दूसरे गेट के निर्माण के लिए अतिरिक्त जमीन जरूरी है। उन्होंने बताया कि बस टर्मिनल का लगभग 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।

मुख्यमंत्री से बात कर जल्द मंजूरी दिलाने की कोशिश

रामनगर के विधायक दीवान सिंह बिष्ट के अनुसार, जमीन हस्तांतरण का प्रस्ताव लगभग एक महीने पहले केंद्र सरकार के पर्यावरण एवं वन मंत्रालय को भेजा गया था। उन्होंने कहा कि मंजूरी की प्रक्रिया जल्द पूरी कराने के लिए देहरादून में मुख्यमंत्री से बातचीत की जाएगी।

परियोजना पूरी होने के बाद यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। बस टर्मिनल में प्रवेश और निकास व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ यात्री सुविधाओं और विभागीय संसाधनों का विस्तार किया जा रहा है।

फिलहाल, निर्माण कार्य जारी है, लेकिन अतिरिक्त वन भूमि की मंजूरी मिलने का समय परियोजना की आगे की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। यदि अनुमति में और देरी होती है, तो मार्च 2027 तक काम पूरा करने का लक्ष्य प्रभावित हो सकता है।

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