पानीपत में 23 अक्टूबर से निरंकारी समागम, 15 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान, सुरक्षा और सुविधाओं के इंतजाम पूरे

पानीपत के भोड़वाल माजरी में 23 से 26 अक्टूबर तक निरंकारी समागम होगा। 15 लाख श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा, लंगर, चिकित्सा और ट्रैफिक के इंतजाम किए गए हैं।

हरियाणा के पानीपत स्थित भोड़वाल माजरी में 23 से 26 अक्टूबर तक निरंकारी समागम आयोजित होगा। इसमें 12 से 15 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। रेलवे स्टेशन, पंडाल, लंगर, चिकित्सा, पार्किंग और सुरक्षा की व्यवस्थाएं की गई हैं।

पानीपत: हरियाणा के भोड़वाल माजरी में आयोजित होने वाले निरंकारी समागम की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। 23 से 26 अक्टूबर तक चलने वाले इस आयोजन में देश-विदेश से 12 से 15 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशन पर स्वयंसेवकों की तैनाती, अतिरिक्त टिकट काउंटर, चिकित्सा सेवाएं, लंगर, पेयजल और पार्किंग की व्यवस्था की गई है। बिजली कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल को देखते हुए वैकल्पिक इंतजाम भी किए गए हैं।

पानीपत में चार दिन चलेगा निरंकारी समागम

हरियाणा के पानीपत जिले के भोड़वाल माजरी स्थित आध्यात्मिक स्थल पर 23 से 26 अक्टूबर तक निरंकारी समागम आयोजित किया जाएगा। आयोजन को लेकर निरंकारी मंडल के अधिकारी और स्वयंसेवक तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुमान के मुताबिक, इस बार समागम में 12 से 15 लाख श्रद्धालु पहुंच सकते हैं।

देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेश से भी श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया है। बड़ी संख्या में लोग ट्रेन से भोड़वाल माजरी रेलवे स्टेशन पहुंच रहे हैं। यात्रियों को सामान उतारने और समागम स्थल तक पहुंचने में सहायता देने के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है।

रेलवे स्टेशन पर 200 से अधिक सेवादल के जवान और स्वयंसेवक ड्यूटी कर रहे हैं। स्टेशन की लिफ्ट चालू कर दी गई है। इसके अलावा प्लेटफॉर्म और स्टेशन परिसर में बिजली, पानी, शौचालय तथा बैठने की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। श्रद्धालुओं के सामान रखने के लिए भी टेंट लगाए गए हैं।

सुरक्षा, रेलवे और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष ध्यान

समागम में आने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के जवान तैनात हैं। आयोजन स्थल पर चिकित्सा सेवाओं, लंगर, पेयजल, बिजली, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग और शौचालयों की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। परिसर में एटीएम और मोबाइल नेटवर्क से जुड़ी सुविधाएं भी स्थापित की जा रही हैं।

श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए रेलवे की ओर से 22 से 27 अक्टूबर तक 32 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने की योजना है। स्टेशन के साथ-साथ निरंकारी पंडाल में भी अतिरिक्त टिकट काउंटर बनाए जाएंगे, ताकि लोगों को टिकट लेने में परेशानी न हो।

बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने और लौटने की संभावना को देखते हुए रेलवे प्रशासन भीड़ नियंत्रण, टिकट उपलब्धता और ट्रेनों में चढ़ने-उतरने की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दे रहा है।

बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के बीच वैकल्पिक इंतजाम

समागम की तैयारियों के बीच बिजली आपूर्ति को लेकर चिंता भी सामने आई है। जानकारी के अनुसार, बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल 22 अक्टूबर की रात 10 बजे से प्रस्तावित है। ऐसे में आयोजन के दौरान बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।

निरंकारी मंडल ने समागम के लिए समालखा और गन्नौर से 2.5-2.5 मेगावाट बिजली का लोड लिया है। इसके अतिरिक्त बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति से निपटने के लिए बड़े जनरेटर भी लगाए गए हैं। बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता एमएस धीमान ने इस संबंध में प्रशासन और निरंकारी मंडल के अधिकारियों को पहले ही सूचना भेज दी है।

समागम से स्थानीय कारोबारियों को भी उम्मीद

समागम स्थल के आसपास अस्थायी दुकानें लगाने के लिए कारोबारियों में मांग बढ़ गई है। जमीन मालिकों ने परिसर से सटे खेतों को खाली कर दुकानों के लिए जगह उपलब्ध करानी शुरू कर दी है।

स्थानीय स्तर पर दुकान लगाने के लिए एक सप्ताह से दस दिनों तक की अवधि के हिसाब से जगह किराये या ठेके पर दी जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एक दुकान के लिए सात से दस दिन का किराया करीब 12 हजार से 15 हजार रुपये तक रखा गया है।

बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से स्थानीय कारोबारियों को व्यापार बढ़ने की उम्मीद है। वहीं, प्रशासन और आयोजन से जुड़े अधिकारियों के सामने चार दिनों तक भीड़, सुरक्षा, परिवहन और बुनियादी सुविधाओं को सुचारु बनाए रखने की चुनौती रहेगी।

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