असम में 19.6 करोड़ की 78,400 नशीली गोलियां जब्त, एक गिरफ्तार, पुलिस जांच तेज

असम के कछार जिले मे पुलिस बड़ी कार्रवाई करते हुए 19.6 करोड़ रुपये की 78,400 याबा टैबलेट्स जब्त की हैं। एक व्यक्ति गिरफ्तार हुआ। CM हिमंत बिस्व सरमा ने दी जानकारी

असम के कछार जिले में पुलिस ने 19.6 करोड़ रुपये की 78,400 प्रतिबंधित याबा टैबलेट्स जब्त की हैं। इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने पुलिस की कार्रवाई की जानकारी सोशल मीडिया पर दी।

गुवाहाटी: असम में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच कछार पुलिस ने बड़ी मात्रा में याबा टैबलेट्स पकड़ी हैं। जब्त की गई 78,400 गोलियों की अनुमानित कीमत 19.6 करोड़ रुपये बताई गई है। पुलिस ने इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सीमा के पास वाहन बदलने की कोशिश के बावजूद संदिग्ध खेप पुलिस की पकड़ से नहीं बच सकी।

गाड़ी से बरामद हुईं 78,400 नशीली गोलियां

कछार जिले में पुलिस को नशीली दवाओं की एक बड़ी खेप ले जाए जाने की जानकारी मिली थी। पुलिस के मुताबिक, तलाशी के दौरान एक गाड़ी से 78,400 संदिग्ध याबा टैबलेट्स बरामद हुईं।

स्थानीय समाचार रिपोर्टों के अनुसार, ये गोलियां एक मारुति इग्निस कार में रखी गई थीं। गाड़ी सिलचर और आइजोल को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-6 पर नतून बाजार के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी।

पुलिस को पहले से इस खेप की जानकारी थी। हालांकि, गाड़ी जांच चौकी तक पहुंचने से पहले ही हादसे का शिकार हो गई। इसके बाद तलाशी में नशीली गोलियां मिलने की बात सामने आई।

हादसे के बाद कैसे खुला पूरा मामला?

स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक, 21 अक्टूबर की रात कार ने पहले एक मोटरसाइकिल को टक्कर मारी और फिर सड़क पर मौजूद एक व्यक्ति को भी चपेट में ले लिया। हादसे में तीन लोग घायल हुए थे।

दुर्घटना के बाद कुछ लोग अलग-अलग गाड़ियों से वहां पहुंचे। स्थानीय लोगों को उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं। इसके बाद क्षतिग्रस्त कार में रखे सामान की जांच की गई।

तलाशी के दौरान आठ पैकेट में रखी याबा टैबलेट्स मिलीं। पुलिस ने गाड़ी और प्रतिबंधित पदार्थ अपने कब्जे में ले लिए।

इस मामले में गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान इस्लामुल हक मजूमदार के रूप में बताई गई है। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, वह ढोलाई इलाके का रहने वाला है।

मुख्यमंत्री ने कछार पुलिस की तारीफ की

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने X पर पोस्ट करके इस कार्रवाई की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि सीमा पर गाड़ी बदलने से भी तस्करी में शामिल लोग पुलिस से नहीं बच सके।

सरमा ने बताया कि कछार पुलिस ने करीब 19.6 करोड़ रुपये की संदिग्ध याबा टैबलेट्स बरामद की हैं और एक व्यक्ति को पकड़ा गया है।

मुख्यमंत्री ने असम पुलिस के काम की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि राज्य में नशीले पदार्थों का कारोबार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

क्या होती हैं याबा टैबलेट्स?

याबा एक प्रतिबंधित नशीली गोली है। इसमें आमतौर पर मेथामफेटामाइन और कैफीन का मिश्रण होता है।

मेथामफेटामाइन एक तेज असर करने वाला नशीला पदार्थ है। इसके सेवन से व्यक्ति को कुछ समय के लिए ज्यादा सक्रियता महसूस हो सकती है, लेकिन यह लत लगाने वाला पदार्थ है और सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।

याबा की तस्करी दक्षिण-पूर्व एशिया के कई हिस्सों में होती रही है। भारत में भी इसके अवैध कारोबार के मामले सामने आते हैं।

पिछले हफ्ते भी पकड़ी गई थी बड़ी खेप

कछार पुलिस ने इससे पहले 15 अक्टूबर को भी याबा टैबलेट्स की बड़ी खेप जब्त की थी। उस कार्रवाई में एक ट्रक के गुप्त हिस्से से 2.3 लाख गोलियां बरामद हुई थीं।

पुलिस ने उनकी अनुमानित कीमत 57.5 करोड़ रुपये बताई थी। उस मामले में दो लोगों को पकड़ा गया था। असम के कछार और आसपास के जिलों में पिछले कुछ महीनों के दौरान नशीले पदार्थों की कई बड़ी बरामदगी हुई हैं। पुलिस इन मामलों में तस्करी के रास्तों और सप्लाई करने वाले लोगों की जानकारी जुटा रही है।

पुलिस अब कहां से आई खेप, इसकी जांच कर रही

कछार पुलिस ने ताजा मामले में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इतनी बड़ी संख्या में टैबलेट्स कहां से लाई गई थीं और इन्हें किस जगह पहुंचाया जाना था।

पुलिस यह भी जांच रही है कि गिरफ्तार व्यक्ति के साथ दूसरे लोग शामिल थे या नहीं। फिलहाल इस खेप के स्रोत और इसकी मंजिल के बारे में पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।

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