Stock Market Today: सेंसेक्स-निफ्टी गिरावट के साथ बंद, स्मॉलकैप में 2.9% की गिरावट, जानें किन शेयरों में हुआ नुकसान

Stock Market Today: सेंसेक्स-निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुए। स्मॉलकैप इंडेक्स 2.9% लुढ़का। जानें शेयर बाजार में बिकवाली और नुकसान उठाने वाले शेयरों का हाल।

शुक्रवार को शेयर बाजार में बिकवाली के चलते सेंसेक्स 125 अंक और निफ्टी करीब 88 अंक गिरकर बंद हुआ। स्मॉलकैप शेयरों में सबसे ज्यादा नुकसान देखने को मिला। मेटल, रियल्टी और बैंकिंग समेत कई सेक्टरों के शेयरों में गिरावट रही।

बिजनेस न्यूज़: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 23 अक्टूबर को निवेशकों के लिए दिन अच्छा नहीं रहा। सुबह बढ़त के साथ कारोबार शुरू होने के बावजूद बाजार अपनी तेजी बरकरार नहीं रख सका। दिन के दौरान बिकवाली बढ़ी और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद हुए। बड़े शेयरों के मुकाबले छोटी और मझोली कंपनियों के शेयर ज्यादा टूटे। स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 2.9 फीसदी गिर गया। मेटल, रियल्टी और बैंकिंग शेयरों पर भी दबाव रहा।

सेंसेक्स 125 अंक गिरा, निफ्टी 22,600 पर बंद

हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन बीएसई सेंसेक्स 125.56 अंक यानी 0.17 फीसदी की गिरावट के साथ 73,123.83 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 87.65 अंक या 0.39 फीसदी फिसलकर 22,600 पर पहुंच गया। बाजार की शुरुआत अच्छी हुई थी, लेकिन कुछ ही समय बाद शेयरों में बिकवाली शुरू हो गई। कारोबार के दौरान प्रमुख इंडेक्स निचले स्तरों तक पहुंच गए। 

हालांकि बाद में कुछ बड़े शेयरों में खरीदारी लौटने से गिरावट थोड़ी कम हुई। इस पूरे हफ्ते बाजार पर दबाव बना रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोरी और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई।

स्मॉलकैप शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली

शुक्रवार को सबसे अधिक नुकसान छोटी कंपनियों के शेयरों में हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स करीब 2.94 फीसदी गिर गया। वहीं निफ्टी मिडकैप 100 में लगभग 2.21 फीसदी की कमजोरी दर्ज की गई। इन दोनों इंडेक्स की गिरावट सेंसेक्स और निफ्टी से कहीं ज्यादा रही। इससे पता चलता है कि बिकवाली केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं थी।

छोटी और मझोली कंपनियों के कई शेयर पहले से ऊंचे भाव पर कारोबार कर रहे थे। ऐसे में बाजार का माहौल कमजोर होते ही निवेशकों ने इनमें मुनाफावसूली की।

मेटल और रियल्टी शेयरों को बड़ा झटका

Stock Market Today: सेंसेक्स-निफ्टी गिरावट के साथ बंद, स्मॉलकैप में 2.9% की गिरावट, जानें किन शेयरों में हुआ नुकसान

सेक्टर के हिसाब से देखें तो मेटल कंपनियों के शेयरों में काफी गिरावट आई। निफ्टी मेटल इंडेक्स 2.71 फीसदी टूटकर 11,478.20 पर बंद हुआ। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स भी 2.63 फीसदी गिरकर 33,922 के स्तर पर आ गया। रियल्टी में 2.38 फीसदी, केमिकल में 2.32 फीसदी और पीएसयू बैंक इंडेक्स में 2.26 फीसदी की कमजोरी रही।

निजी और सरकारी बैंकों के साथ फार्मा, मीडिया, ऑटो और एफएमसीजी शेयरों में भी बिकवाली हुई। निफ्टी बैंक 1.16 फीसदी नीचे बंद हुआ। आईटी सेक्टर में गिरावट अपेक्षाकृत कम रही और इसका इंडेक्स 0.27 फीसदी फिसला।

श्रीराम फाइनेंस सहित इन शेयरों में गिरावट

निफ्टी 50 में श्रीराम फाइनेंस सबसे ज्यादा नुकसान वाले शेयरों में शामिल रहा। कंपनी का शेयर 3.98 फीसदी गिर गया। अदाणी एंटरप्राइजेज में 2.86 फीसदी और जेएसडब्ल्यू स्टील में 2.83 फीसदी की कमजोरी आई। जियो फाइनेंशियल सर्विसेज का शेयर 2.74 फीसदी नीचे बंद हुआ। अदाणी पोर्ट्स और टाटा स्टील जैसे बड़े शेयरों में भी निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के शेयर में करीब 2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

गिरते बाजार में भी इटर्नल और टीसीएस में तेजी

चारों तरफ बिकवाली के बावजूद कुछ कंपनियों के शेयर हरे निशान में बंद हुए। इटर्नल का शेयर 4.25 फीसदी चढ़कर 317.40 रुपये पर पहुंच गया। अपोलो हॉस्पिटल्स में 1.65 फीसदी और ओएनजीसी में 1.11 फीसदी की तेजी रही। एशियन पेंट्स, टीसीएस और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों ने भी बढ़त हासिल की।इसके अलावा मारुति सुजुकी, सिप्ला, रिलायंस इंडस्ट्रीज और इंफोसिस के शेयर मामूली तेजी के साथ बंद होने में कामयाब रहे।

शेयर बाजार में गिरावट क्यों आई?

शुक्रवार को शेयर बाजार में बिकवाली के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी भी एक वजह रही। मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा हुआ है। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। ऐसे में तेल की कीमत बढ़ने पर देश का आयात खर्च भी बढ़ सकता है।
दूसरे देशों के शेयर बाजारों में आई कमजोरी का असर भी भारतीय बाजार पर पड़ा। वहीं, छोटी कंपनियों के कई शेयर पहले से काफी महंगे स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस कारण निवेशकों ने इनमें मुनाफावसूली की और शेयर बेचने शुरू कर दिए।

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