मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास स्थित मस्जिद को लेकर विवाद बढ़ गया है। बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने निर्माण को अवैध बताते हुए इसे हटाने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। दूसरी ओर, AIMIM नेता वारिस पठान ने इस चेतावनी पर आपत्ति जताई है। मस्जिद प्रबंधन ने भी अवैध निर्माण के आरोपों से इनकार किया है।
मुंबई: अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-2 के पास बनी एक मस्जिद को लेकर महाराष्ट्र में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को बीजेपी के पूर्व सांसद किरीट सोमैया अपने समर्थकों के साथ मस्जिद के बाहर धरने पर बैठे। उन्होंने आरोप लगाया कि एयरपोर्ट के नजदीक जमीन पर बिना जरूरी अनुमति के धार्मिक निर्माण किया गया है। सोमैया ने प्रशासन से इसे हटाने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि अगर 48 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो वह खुद विरोध प्रदर्शन के लिए मैदान में उतरेंगे।
मस्जिद की जमीन को लेकर क्या है विवाद?
किरीट सोमैया का आरोप है कि वर्ष 2014 से पहले संबंधित स्थान पर कोई मस्जिद नहीं थी। उनके मुताबिक, बाद में करीब 5,000 वर्ग फुट जमीन पर कब्जा करके टिन शेड लगाया गया और उसे धार्मिक स्थल का रूप दे दिया गया।
सोमैया ने निर्माण की अनुमति पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि वहां पानी और बिजली के अस्थायी कनेक्शन भी लिए गए। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र के आसपास होने वाले निर्माण की जांच जरूरी है। हालांकि, जमीन पर कब्जे और निर्माण की वैधता से जुड़े ये आरोप अभी विवाद का विषय हैं। इन पर संबंधित अधिकारियों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी
48 घंटे में कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदर्शन की चेतावनी
सोमैया ने मुंबई पुलिस, मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के सामने शिकायत करने की बात कही है। उनका कहना है कि कथित अवैध निर्माण को लंबे समय तक बने रहने देना उचित नहीं होगा। उन्होंने 24 अक्टूबर को हथौड़ा लेकर प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी है।
सोमैया का दावा है कि संबंधित एजेंसियों को पहले भी मामले की जानकारी दी गई थी, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। वह चाहते हैं कि प्रशासन निर्माण से जुड़े दस्तावेजों की जांच करके जल्द फैसला ले।
वारिस पठान ने बीजेपी नेता पर साधा निशाना
मस्जिद को लेकर शुरू हुए विवाद में AIMIM नेता वारिस पठान भी सामने आए हैं। उन्होंने किरीट सोमैया के बयान पर नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि धार्मिक स्थल को लेकर दबाव की राजनीति की जा रही है। पठान ने सोमैया के रवैये को गुंडागर्दी बताया। उनका कहना है कि मामला अदालत में विचाराधीन है, इसलिए कानूनी फैसला आने से पहले निर्माण गिराने की चेतावनी देना गलत है।
उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से सवाल किया कि जब कोई नेता सार्वजनिक रूप से हथौड़ा लेकर धार्मिक स्थल तोड़ने की बात करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाती।
मस्जिद प्रबंधन ने क्या कहा?
मस्जिद से जुड़े लोगों ने मस्जिद के अवैध निर्माण के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा है कि एयरपोर्ट के तत्कालीन संचालक GVK और संबंधित अधिकारियों की जानकारी में नमाज के लिए स्थान उपलब्ध कराया गया था।
प्रबंधन वर्ष 2015 के एक पत्र का हवाला दे रहा है। उसके अनुसार, इस पत्र में मोहम्मद सरवर नामक व्यक्ति से जुड़ी प्रार्थना स्थल की व्यवस्था का उल्लेख है। मस्जिद पक्ष का कहना है कि संबंधित अधिकारियों से बातचीत चल रही है और मामला बॉम्बे हाईकोर्ट में भी लंबित है। हालांकि, पत्र और अन्य दस्तावेज निर्माण की वैधता साबित करते हैं या नहीं, यह कानूनी जांच का विषय है।
MMRDA और BMC की जांच में क्या सामने आया?
इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर भी कदम उठाए गए हैं। सितंबर 2026 में MMRDA ने कहा था कि संबंधित धार्मिक निर्माण के लिए उसकी ओर से अनुमति जारी नहीं की गई। प्राधिकरण ने मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) से कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा था।
वहीं, BMC ने मस्जिद के पानी के कनेक्शन पर सवाल उठाए। नगर निकाय ने संबंधित अधिकारियों से कनेक्शन की मंजूरी से जुड़े दस्तावेज मांगे थे।
महाराष्ट्र सरकार का क्या है रुख?
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा है कि राज्य में अवैध निर्माण पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। उनके मुताबिक, नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माणों के खिलाफ आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल इस विवाद में प्रशासन की अगली कार्रवाई और संबंधित पक्षों के कानूनी दावों पर नजर बनी हुई है। मस्जिद को हटाने का कोई भी निर्णय निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत ही लिया जाना होगा।








