पैरा एशियन गेम्स के पांचवें दिन भारत ने छह स्वर्ण सहित 15 पदक जीते। हनी ने भाला फेंक में विश्व रिकॉर्ड बनाया, जबकि निशानेबाज मोना अग्रवाल ने दूसरा गोल्ड अपने नाम किया। भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर पहुंचा।
नागोया: पैरा एशियन गेम्स के पांचवें दिन भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए छह स्वर्ण, सात रजत और दो कांस्य पदक जीते। भाला फेंक में हनी ने 60.49 मीटर के थ्रो के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाया, जबकि संदीप ने 400 मीटर T64 स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया। निशानेबाज मोना अग्रवाल ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन SH1 स्पर्धा में दूसरा गोल्ड जीता। बैडमिंटन और तीरंदाजी में भी भारतीय खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक हासिल किए। दिन के मुकाबलों के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 103 हो गई।
पैरा एशियन गेम्स में भारत की पदक तालिका 103 तक पहुंची
पैरा एशियन गेम्स 2026 के पांचवें दिन भारतीय खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स, निशानेबाजी, बैडमिंटन और तीरंदाजी में शानदार प्रदर्शन किया। शुक्रवार, 23 अक्टूबर को भारत ने छह स्वर्ण पदक जीते। दिन के मुकाबलों में हनी और संदीप के विश्व रिकॉर्ड प्रदर्शन ने खास ध्यान खींचा, जबकि निशानेबाज मोना अग्रवाल ने प्रतियोगिता में अपना दूसरा गोल्ड हासिल किया।
भारत ने पांचवें दिन छह स्वर्ण, छह रजत और दो कांस्य सहित कुल 14 पदक जीते। इसके साथ देश के कुल पदकों की संख्या 103 हो गई, जिसमें 27 गोल्ड, 33 सिल्वर और 43 ब्रॉन्ज शामिल हैं। भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर बना हुआ है।
हनी ने 60.49 मीटर भाला फेंककर बनाया विश्व रिकॉर्ड
भारतीय एथलीट हनी ने पुरुषों की भाला फेंक F37/38 स्पर्धा में 60.49 मीटर का थ्रो करके स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनके इस प्रदर्शन ने विश्व रिकॉर्ड कायम किया। उन्हें 1,116 रजा पॉइंट मिले, जो इस स्पर्धा में उनके प्रदर्शन की गुणवत्ता को दर्शाते हैं।
हनी की जीत भारत के पैरा एथलेटिक्स अभियान के लिए अहम रही। भाला फेंक में लंबी दूरी हासिल करने के लिए ताकत, तकनीक और सटीक नियंत्रण की जरूरत होती है। हनी ने अपने प्रदर्शन से इन तीनों का बेहतरीन तालमेल दिखाया। उनका रिकॉर्ड थ्रो भारत के लिए दिन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा।
संदीप ने 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण के साथ बनाया रिकॉर्ड
पुरुषों की 400 मीटर T64 स्पर्धा में संदीप ने 52.28 सेकेंड का समय लेकर स्वर्ण पदक जीता। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने विश्व रिकॉर्ड भी बनाया। एशियन पैरा गेम्स में यह उनका पहला अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन था, जिसे उन्होंने स्वर्ण पदक और रिकॉर्ड के साथ यादगार बना दिया।
![]()
इसी स्पर्धा में भारत के अजय कुमार ने 53.61 सेकेंड के समय के साथ कांस्य पदक हासिल किया। इस तरह भारतीय खिलाड़ियों ने एक ही रेस में दो पदक अपने नाम किए। संदीप की जीत ने प्रतियोगिता में भारत के कुल पदकों को 100 के पार पहुंचाने में भी योगदान दिया।
मोना अग्रवाल ने दूसरी बार जीता गोल्ड
निशानेबाजी में मोना अग्रवाल ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन SH1 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 357.5 का स्कोर दर्ज किया और विश्व रिकॉर्ड के साथ एशियन पैरा गेम्स का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। इस प्रतियोगिता में यह उनका दूसरा स्वर्ण पदक है।
चीन की झांग कुइपिंग ने 353.7 अंक के साथ रजत पदक जीता, जबकि दक्षिण कोरिया की किम मियॉन्ग को 344.4 अंक के साथ कांस्य मिला। भारत की अवनि लेखरा 333.2 अंक हासिल कर चौथे स्थान पर रहीं। मोना के प्रदर्शन ने भारतीय निशानेबाजी दल को एक और बड़ी सफलता दिलाई।
बैडमिंटन में नीतेश और नवीन की जीत
बैडमिंटन के पुरुष सिंगल्स SL3 फाइनल में नीतेश कुमार ने हमवतन प्रमोद भगत को 21-18, 21-16 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। भारतीय खिलाड़ियों के बीच हुए इस मुकाबले में नीतेश ने दोनों गेम में अहम मौकों पर बढ़त बनाए रखी।
पुरुष सिंगल्स SL4 फाइनल में नवीन शिवकुमार ने इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान को 21-9, 21-17 से हराकर गोल्ड अपने नाम किया। नवीन ने पहले गेम में स्पष्ट बढ़त बनाई और दूसरे गेम में भी प्रतिद्वंद्वी को वापसी का मौका नहीं दिया।
महिला SU5 सिंगल्स में भारत की थुलासिमथि मुरुगेसन को रजत पदक मिला। फाइनल में उन्हें चीन की यांग क्यूशिया ने हराया। बैडमिंटन में भारतीय खिलाड़ियों के इन नतीजों ने पदक तालिका में देश की स्थिति मजबूत की।
तीरंदाजी में हरविंदर सिंह और विजय सुंडी चैंपियन
रिकर्व पुरुष डबल्स के फाइनल में हरविंदर सिंह और विजय सुंडी की भारतीय जोड़ी ने चीन को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। मुकाबले का पहला सेट 35-35 से बराबर रहा, लेकिन भारतीय तीरंदाजों ने अगले दोनों सेट में बेहतर निशाने लगाकर खिताब अपने नाम कर लिया।
भारत को महिला पैरा रिकर्व डबल्स में रजत पदक से संतोष करना पड़ा। भावना चौधरी और पूजा जाटयान की जोड़ी फाइनल में चीन की गाओ जिहान और वांग शुएचियान से 0-6 से हार गई।
भारत की नजरें पदक तालिका में बढ़त पर
पांचवें दिन के प्रदर्शन ने दिखाया कि भारतीय दल की सफलता केवल एक खेल तक सीमित नहीं है। एथलेटिक्स में रिकॉर्ड प्रदर्शन, निशानेबाजी में मोना की दूसरी जीत और बैडमिंटन तथा तीरंदाजी में स्वर्ण पदकों ने भारत की पदक संख्या को 103 तक पहुंचाया।
प्रतियोगिता में अब भारतीय खिलाड़ियों की कोशिश होगी कि वे बाकी मुकाबलों में भी इसी लय को बनाए रखें और स्वर्ण पदकों की संख्या बढ़ाएं।










