श्रीलंका ने रचा इतिहास: इंग्लैंड के खिलाफ 430 रन का लक्ष्य हासिल कर दर्ज की रोमांचक जीत, हैरी ब्रूक का दोहरा शतक बेकार

Sri Lanka vs England: श्रीलंका ने इंग्लैंड के खिलाफ 430 रन का लक्ष्य हासिल कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। हैरी ब्रूक के दोहरे शतक के बावजूद इंग्लैंड को मिली हार।

श्रीलंका ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए त्रिकोणीय सीरीज के एक रोमांचक मुकाबले में इंग्लैंड को दो विकेट से शिकस्त दी।

स्पोर्ट्स न्यूज़: श्रीलंका क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ वनडे मुकाबले में असाधारण बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। त्रिकोणीय सीरीज के इस रोमांचक मैच में श्रीलंका ने 430 रनों के विशाल लक्ष्य को 49.5 ओवर में आठ विकेट खोकर हासिल कर लिया। टीम ने दो विकेट से जीत दर्ज की और वनडे क्रिकेट के इतिहास में सफल रन चेज का दूसरा सबसे बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया।

इंग्लैंड की ओर से कप्तान हैरी ब्रूक ने शानदार दोहरा शतक लगाकर अपनी टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया था। हालांकि, श्रीलंका के बल्लेबाजों ने दबाव में संयम बनाए रखा और आखिरी ओवरों तक चले मुकाबले में जीत हासिल की। पवन रत्नानायके, अविष्का फर्नांडो, दासुन शनाका और जनिथ लियानागे की पारियों ने इंग्लैंड की मजबूत गेंदबाजी के सामने मैच का रुख बदल दिया।

वनडे क्रिकेट में दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज

श्रीलंका की इस जीत ने वनडे क्रिकेट के बड़े रिकॉर्ड में बदलाव किया। 430 रन बनाकर टीम ने भारत के 406 रन के सफल रन चेज को पीछे छोड़ दिया। इससे पहले भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ गुवाहाटी में 406 रनों का लक्ष्य हासिल करके सुर्खियां बटोरी थीं। वनडे इतिहास में सबसे बड़े सफल रन चेज का रिकॉर्ड दक्षिण अफ्रीका के नाम है। दक्षिण अफ्रीका ने 2006 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 435 रनों का लक्ष्य हासिल किया था। इस सूची में अब श्रीलंका की 430 रनों की उपलब्धि भी शामिल हो गई है।

मुकाबले में दोनों टीमों ने मिलकर कुल 859 रन बनाए। यह वनडे क्रिकेट के सबसे बड़े मैच स्कोरों में से एक रहा और दर्शकों को अंत तक रोमांच से भरपूर मुकाबला देखने को मिला।

श्रीलंका ने रचा इतिहास: इंग्लैंड के खिलाफ 430 रन का लक्ष्य हासिल कर दर्ज की रोमांचक जीत, हैरी ब्रूक का दोहरा शतक बेकार

पवन रत्नानायके और अविष्का फर्नांडो की अहम साझेदारी

430 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत अच्छी नहीं रही। टीम ने शुरुआती ओवरों में कामिंदु मेंडिस और कुसल मेंडिस के विकेट गंवा दिए। ऐसे समय में अविष्का फर्नांडो और पवन रत्नानायके ने जिम्मेदारी संभाली। दोनों बल्लेबाजों के बीच तीसरे विकेट के लिए 166 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई। फर्नांडो ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 97 रन बनाए, लेकिन शतक पूरा करने से पहले आउट हो गए। उनकी पारी ने श्रीलंका को लक्ष्य के करीब पहुंचने का मजबूत आधार दिया।

इसके बाद रत्नानायके ने दासुन शनाका के साथ मिलकर इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए 133 रनों की साझेदारी हुई। रत्नानायके ने 106 गेंदों पर 130 रन बनाए, जिसमें 15 चौके और तीन छक्के शामिल रहे। शनाका ने भी 97 रनों की शानदार पारी खेली, लेकिन वह शतक से चूक गए।

आखिरी चरण में जनिथ लियानागे ने तेजी से रन बनाकर जीत की उम्मीदों को मजबूत किया। वह 27 गेंदों पर 61 रन बनाकर नाबाद लौटे। उनकी पारी में सात चौके और तीन छक्के शामिल थे। श्रीलंका ने 49.5 ओवर में लक्ष्य पूरा करके यादगार जीत हासिल की।

हैरी ब्रूक का रिकॉर्डतोड़ दोहरा शतक

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इससे पहले इंग्लैंड ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवर में चार विकेट पर 429 रन बनाए। कप्तान हैरी ब्रूक ने 116 गेंदों पर 202 रन की विस्फोटक पारी खेली। उन्होंने 10 चौके और 21 छक्के लगाकर श्रीलंकाई गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखा। ब्रूक ने अपनी पारी के दौरान केवल 114 गेंदों में दोहरा शतक पूरा किया। इस प्रदर्शन ने उन्हें वनडे क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की चर्चा के केंद्र में ला दिया। वह वनडे में दोहरा शतक बनाने वाले इंग्लैंड के पहले बल्लेबाज भी बने।

जो रूट ने 66 गेंदों पर 69 रन बनाकर ब्रूक का अच्छा साथ दिया। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 159 रनों की साझेदारी हुई। इसके बाद विल जैक्स ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 30 गेंदों पर नाबाद 66 रन बनाए। ब्रूक और जैक्स के बीच चौथे विकेट के लिए 185 रनों की साझेदारी ने इंग्लैंड को 429 रन तक पहुंचाया।

इंग्लैंड ने वनडे क्रिकेट में आठवीं बार 400 या उससे अधिक रन बनाने का कारनामा किया। श्रीलंका के लिए दुनिथ वेल्लालगे ने दो विकेट लिए, जबकि असिथा फर्नांडो और जनिथ लियानागे को एक-एक सफलता मिली। 

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