हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के मैहला विकास खंड के भताल गांव में वीरवार सुबह स्कूल जा रहे सरकारी शिक्षक राजेश कुमार पर मादा भालू ने हमला कर दिया। हमले में शिक्षक के चेहरे, हाथों और पैरों पर गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल चंबा में भर्ती कराया गया है। ग्रामीणों के शोर मचाने पर भालू जंगल की ओर भाग गया।
हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के मैहला विकास खंड के भताल गांव में वीरवार सुबह स्कूल जा रहे सरकारी शिक्षक राजेश कुमार पर मादा भालू ने हमला कर दिया। हमले में शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल चंबा में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद ब्रेही, भताल और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से भालू को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की है।
सुनसान पगडंडी पर अचानक सामने आया भालू
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिक्षक राजेश कुमार वीरवार सुबह अपने घर से स्कूल में ड्यूटी निभाने के लिए निकले थे। वह रोजाना की तरह पहाड़ी रास्ते से होकर जा रहे थे। इसी दौरान भताल गांव के समीप सुनसान पगडंडी पर झाड़ियों में छिपी मादा भालू ने अचानक उन पर हमला कर दिया।
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हमला इतना अचानक हुआ कि शिक्षक को संभलने का मौका नहीं मिला। भालू ने उन्हें जमीन पर गिरा दिया और पंजों से हमला कर दिया। इस दौरान उनके चेहरे, हाथों और पैरों पर गहरे जख्म आए। घटना के समय आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने शिक्षक की चीख-पुकार सुनी और मदद के लिए मौके की ओर दौड़ पड़े।
ग्रामीणों के शोर मचाने पर जंगल की ओर भागा भालू
शिक्षक पर हमले की जानकारी मिलते ही ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर घटनास्थल पर पहुंचे। लोगों ने एकजुट होकर शोर मचाया, जिसके बाद मादा भालू वहां से जंगल की ओर भाग गई। ग्रामीणों की तत्परता से घायल शिक्षक को घटनास्थल से निकालने और अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
पहाड़ी क्षेत्र में सड़क तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और लोगों ने घायल शिक्षक को पालकी तथा पीठ के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद निजी वाहन से उन्हें चंबा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है।
वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का किया निरीक्षण
घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की फील्ड टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। हमले के बाद क्षेत्र में वन्यजीवों की मौजूदगी को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी घटनाओं से लोगों के रोजमर्रा के कामकाज और आवाजाही पर असर पड़ सकता है।
भताल, ब्रेही और आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों के बीच बच्चों को स्कूल भेजने तथा जंगलों की ओर जाने को लेकर चिंता बनी हुई है। विशेष रूप से सुबह और शाम के समय सुनसान रास्तों से गुजरने वाले ग्रामीणों को अपनी सुरक्षा की आशंका सता रही है। पहाड़ी इलाकों में कई लोगों को स्कूल, खेतों और जंगलों तक पहुंचने के लिए पैदल रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ता है।
भालू को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग
घटना के बाद ग्राम पंचायत ब्रेही के ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल कदम उठाने की मांग की है। ग्रामीण चाहते हैं कि हमले में शामिल मादा भालू को पकड़ने के लिए क्षेत्र में पिंजरा लगाया जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य व्यक्ति पर हमला होने की आशंका कम की जा सके।
ग्रामीणों की चिंता का मुख्य कारण यह है कि संबंधित रास्ते का इस्तेमाल स्थानीय लोग नियमित रूप से करते हैं। ऐसे में वन विभाग से क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।
डीएफओ ने सतर्कता बरतने की अपील की
डीएफओ चंबा कृतज्ञ कुमार ने बताया कि विभागीय कर्मचारियों को भालू को दूर जंगल में खदेड़ने के निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे सुबह और शाम के समय अकेले जंगल के रास्तों पर जाने से बचें तथा सतर्कता बरतें।
फिलहाल, घायल शिक्षक का अस्पताल में उपचार जारी है। घटना ने एक बार फिर चंबा के ग्रामीण क्षेत्रों में मानव और वन्यजीवों के बीच बढ़ते टकराव से जुड़ी चिंताओं को सामने ला दिया है। स्थानीय लोगों की मांग है कि वन विभाग समय रहते आवश्यक कदम उठाए, ताकि ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और जंगलों में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।









