महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान छात्रों के आंदोलन, सत्ता परिवर्तन और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।
मुंबई: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने देश के राजनीतिक हालात, NEET पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन, चुनाव में बैलेट पेपर के इस्तेमाल और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सदस्यों की गिरफ्तारी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। मुंबई प्रेस क्लब में बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने दावा किया कि अगले दो से पांच महीनों में देश में कोई बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम हो सकता है। उन्होंने यहां तक कहा कि आने वाले समय में ऐसी स्थिति भी बन सकती है, जब देश के पास प्रधानमंत्री न हो। हालांकि, उन्होंने इस आशंका के समर्थन में कोई ठोस जानकारी या संभावित घटनाक्रम का विवरण नहीं दिया।
राज ठाकरे के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। उन्होंने शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत की सत्ता परिवर्तन से जुड़ी टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी और बताया कि इस मुद्दे पर उनकी राउत से बातचीत हुई है।
NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन पर उठाए सवाल
राज ठाकरे ने NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध कर रहे विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज करना उचित नहीं था। उनके मुताबिक, छात्रों ने ऐसा कुछ नहीं किया था, जिसके लिए उनके साथ इस तरह का व्यवहार किया जाता।
MNS प्रमुख ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को अपने पुराने आंदोलनों का इतिहास याद करना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि जब छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, तो उसमें अराजकता कहां थी? उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान हालात बिगाड़ने में दूसरे तत्वों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। राज ठाकरे ने इस मुद्दे को छात्रों के अधिकारों और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन की स्वतंत्रता से जोड़ते हुए सरकार से जवाबदेही की मांग की।
बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग दोहराई
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राज ठाकरे ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर भी अपनी पुरानी मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि वह 2018 से ही बैलेट पेपर के जरिए मतदान कराने की वकालत करते आ रहे हैं। उनके अनुसार, मतदाता को इस बात का भरोसा होना चाहिए कि उसका वोट सही तरीके से दर्ज हुआ है। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग करते हुए कहा कि चुनाव में जीत या हार से ज्यादा महत्वपूर्ण मतदाताओं का भरोसा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि बैलेट पेपर से मतदान और मतगणना में कुछ अधिक समय लगता है, तो इसमें नुकसान क्या है?
राज ठाकरे ने दूसरे देशों में इस्तेमाल होने वाली मतदान प्रणालियों का उल्लेख करते हुए भारत में भी बैलेट पेपर के विकल्प पर विचार करने की बात कही। हालांकि, चुनाव प्रणाली में बदलाव का फैसला संबंधित संवैधानिक और चुनावी प्रक्रियाओं के तहत ही किया जा सकता है।
‘देश में बड़ा राजनीतिक बदलाव हो सकता है’
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज ठाकरे का सबसे चर्चित बयान संभावित सत्ता परिवर्तन को लेकर रहा। उन्होंने कहा कि अगले दो से पांच महीनों में देश में कुछ बड़ा हो सकता है। उन्होंने भविष्य की राजनीतिक परिस्थितियों पर टिप्पणी करते हुए यह भी कहा कि ऐसी स्थिति बन सकती है, जब देश के पास प्रधानमंत्री न हो। राज ठाकरे ने भारत में लोकतंत्र की स्थिति पर सवाल उठाए और अमेरिका का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां राजनीतिक नेताओं की आलोचना की जा सकती है। उनके मुताबिक, भारत में विरोध की आवाजों और सरकार की आलोचना करने वालों के सामने मुश्किलें बढ़ रही हैं।
हालांकि, अगले कुछ महीनों में बड़े राजनीतिक बदलाव की उनकी टिप्पणी एक अनुमान है। उन्होंने इसके समर्थन में कोई स्पष्ट आधार या संभावित घटनाक्रम नहीं बताया।
CJP नेताओं की गिरफ्तारी पर सरकार को घेरा
राज ठाकरे ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सदस्यों सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण विरोध करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, जबकि दूसरी ओर गंभीर मामलों में आरोपियों को राहत मिल जाती है। उन्होंने देश की स्वायत्त संस्थाओं और जांच एजेंसियों की स्वतंत्रता पर चिंता जताई।
राज ठाकरे ने सवाल किया कि क्या मौजूदा परिस्थितियों में संवैधानिक संस्थाएं स्वतंत्र रूप से काम कर पा रही हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी तंत्र का इस्तेमाल विरोधी आवाजों को दबाने के लिए किया जा रहा है। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और मामले से जुड़े न्यायिक तथ्यों को अलग से देखना महत्वपूर्ण है।









