तमिलनाडु में नाम तमिलर काची (NTK) की नेता और धारापुरम विधानसभा उपचुनाव की उम्मीदवार कार्तिका की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने गिरफ्तारी की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री विजय की सरकार पर पुलिस के जरिए राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।
चेन्नई: तमिलनाडु में नाम तमिलर काची (NTK) की नेता कार्तिका की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने मुख्यमंत्री विजय की सरकार पर राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने और पुलिस का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। कार्तिका को धारापुरम विधानसभा उपचुनाव के दौरान दर्ज मामलों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। नागेंद्रन ने सुबह करीब पांच बजे उनके घर पहुंचकर गिरफ्तारी किए जाने पर सवाल उठाए और इसे महिलाओं को राजनीतिक गतिविधियों से रोकने की कोशिश बताया।
सुबह पांच बजे गिरफ्तारी पर भाजपा ने उठाए सवाल
नैनार नागेंद्रन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पूछा कि कार्तिका को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस को सुबह पांच बजे उनके घर जाने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने सवाल किया कि क्या पुलिस उन्हें जांच में शामिल होने के लिए समन जारी नहीं कर सकती थी।
भाजपा नेता ने गिरफ्तारी के तरीके पर आपत्ति जताते हुए दावा किया कि यह महिलाओं की गिरफ्तारी से जुड़े सूर्यास्त से सूर्योदय तक के प्रतिबंधों का उल्लंघन हो सकता है। हालांकि, उन्होंने अपने बयान में यह स्पष्ट नहीं किया कि इस कार्रवाई के लिए अदालत से कोई अनुमति ली गई थी या नहीं। गिरफ्तारी के संबंध में पुलिस की ओर से विस्तृत पक्ष भी उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।
महिलाओं के राजनीतिक अधिकारों का मुद्दा उठाया
नागेंद्रन ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय महिलाओं को राजनीतिक विचार रखने के कारण निशाना बनाना स्वस्थ लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुकूल नहीं है। उन्होंने कार्तिका के दो बेटियों की मां होने का उल्लेख करते हुए गिरफ्तारी के तरीके पर सवाल उठाए।
उन्होंने मुख्यमंत्री विजय से पूछा कि उनकी सरकार महिलाओं के साथ किस तरह का व्यवहार कर रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने इस कार्रवाई को उत्पीड़न और राजनीतिक विरोध को दबाने का प्रयास बताया।
सरकार पर दोहरे रवैये का आरोप
भाजपा नेता ने सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सरकार पर आरोप लगाया कि वह विपक्षी नेताओं के कथित मामलों पर कार्रवाई करने में तेजी दिखाती है, जबकि सत्तारूढ़ दल के सदस्यों पर लगे आरोपों को लेकर उतनी सक्रियता नहीं दिखाती।
नागेंद्रन ने सत्तारूढ़ दल के कुछ सदस्यों से जुड़े कथित यौन अपराधों और मादक पदार्थों की गतिविधियों के आरोपों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि राजनीतिक विरोध के कारण सरकार अपनी प्राथमिक जिम्मेदारियों से ध्यान भटका रही है। ये आरोप भाजपा नेता के बयान पर आधारित हैं और उपलब्ध सामग्री में इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं दी गई है।
विपक्षी दलों ने सरकार को घेरा
नागेंद्रन ने मुख्यमंत्री से अपील की कि कानून का इस्तेमाल व्यक्तिगत पसंद या राजनीतिक विरोध के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सार्वजनिक सुरक्षा तथा कानून के निष्पक्ष पालन पर ध्यान देना चाहिए।
कार्तिका की गिरफ्तारी की आलोचना इससे पहले AIADMK की ओर से भी की गई थी। इसके बाद मामला राज्य की राजनीति में और चर्चा का विषय बन गया है। विपक्षी दलों ने चुनाव के दौरान दर्ज मामलों में कार्रवाई को लेकर सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
फिलहाल, गिरफ्तारी से जुड़े मामलों के सटीक आरोपों, पुलिस की कार्रवाई के आधार और सरकार के आधिकारिक जवाब के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।










