कर्नाटक के मैसूरु दशहरा समारोह में 21 अक्टूबर को जंबू सवारी के दौरान नंदी ध्वज पूजा में तीन मंत्रियों को कथित तौर पर रोके जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जनता दल (सेक्युलर) ने कांग्रेस सरकार पर दलित मंत्रियों का अपमान करने का आरोप लगाते हुए सामाजिक न्याय और डॉ. बी.आर. आंबेडकर के आदर्शों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए हैं।
मैसूरु: दशहरा समारोह के दौरान 21 अक्टूबर को जंबू सवारी में नंदी ध्वज पूजा में तीन मंत्रियों को कथित तौर पर रोके जाने के मामले ने कर्नाटक की राजनीति में विवाद खड़ा कर दिया है। जनता दल (सेक्युलर) यानी JD(S) ने कांग्रेस सरकार पर दलित मंत्रियों का अपमान करने का आरोप लगाया है। केंद्रीय मंत्री और JD(S) के प्रदेश अध्यक्ष एच.डी. कुमारस्वामी की पार्टी ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से सवाल किया कि उनके साथ आए मंत्रियों को मंच तक क्यों नहीं ले जाया गया। पार्टी ने कांग्रेस के सामाजिक न्याय और डॉ. बी.आर. आंबेडकर की विचारधारा के प्रति समर्पण पर भी सवाल उठाए।
JD(S) ने कांग्रेस पर दलितों को वोट बैंक बनाने का लगाया आरोप
जनता दल (सेक्युलर) के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी की पार्टी ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर इस घटना की निंदा की। JD(S) ने आरोप लगाया कि कांग्रेस दलितों को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करती है और सत्ता में आने के बाद उनके साथ अपमानजनक व्यवहार करती है।
डी.के. शिवकुमार से पूछे सवाल
JD(S) ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से सवाल किया कि उनके साथ आए मंत्रियों को मंच तक ले जाने के बजाय पीछे क्यों छोड़ दिया गया। पार्टी ने कहा कि यदि सरकार में मंत्रियों के साथ ऐसा व्यवहार किया जा सकता है, तो आम लोगों की स्थिति क्या होगी।
सामाजिक न्याय और आंबेडकर की विचारधारा पर उठाए सवाल
पार्टी ने कांग्रेस की सामाजिक न्याय संबंधी नीतियों और डॉ. बी.आर. आंबेडकर की विचारधारा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए। JD(S) ने आरोप लगाया कि धर्मनिरपेक्षता की बात करने वाली कांग्रेस के शासन में इस तरह की घटना अस्पृश्यता जैसी मानसिकता को दर्शाती है और इससे कर्नाटक की छवि को नुकसान पहुंचता है।
आंबेडकर के ऐतिहासिक राजनीतिक सफर का किया जिक्र
JD(S) ने डॉ. बी.आर. आंबेडकर के साथ कांग्रेस के ऐतिहासिक व्यवहार पर भी निशाना साधा। पार्टी का आरोप है कि कांग्रेस ने अतीत में आंबेडकर का अपमान किया और उन्हें चार बार चुनाव में हराकर राजनीतिक रूप से हाशिये पर रखने की कोशिश की। पार्टी ने दावा किया कि लगभग 75 साल बाद भी कांग्रेस का रवैया नहीं बदला है।
दलित मंत्रियों से घटना की निंदा करने की अपील
मैसूरु दशहरा के दौरान देवी चामुंडेश्वरी की शोभायात्रा का उल्लेख करते हुए JD(S) ने कथित घटना को दलित विरोधी सोच से जोड़ने का आरोप लगाया। पार्टी ने चेतावनी दी कि सरकार को अपने रवैये के परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
इसके साथ ही JD(S) ने कर्नाटक मंत्रिमंडल के सभी दलित मंत्रियों से अपील की कि वे मुख्यमंत्री और संबंधित अधिकारियों के कथित व्यवहार की निंदा करें। ये आरोप पार्टी के बयान पर आधारित हैं। घटना को लेकर सरकार और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने पर मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।









