जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को पहले ही दिन निवेशकों का शानदार रिस्पॉन्स मिला है। बुधवार, 21 अक्टूबर को इश्यू खुलते ही इसमें निवेशकों ने जमकर दिलचस्पी दिखाई और पहले कारोबारी दिन यह 3 गुना से अधिक सब्सक्राइब हो गया।
Jio Platforms IPO: जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को पहले ही दिन निवेशकों से मजबूत प्रतिक्रिया मिली है। 21 अक्टूबर 2026 को खुला यह इश्यू पहले कारोबारी दिन कुल 3.01 गुना सब्सक्राइब हुआ। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इश्यू में 19.75 करोड़ शेयरों के मुकाबले 59.12 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुईं। इस दौरान सबसे ज्यादा दिलचस्पी क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) की ओर से देखने को मिली, जबकि रिटेल निवेशकों की भागीदारी अपेक्षाकृत धीमी रही।
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ की सब्सक्रिप्शन स्थिति पर बाजार की नजर बनी हुई है। कंपनी के इश्यू को संस्थागत निवेशकों से मिले मजबूत समर्थन ने पहले दिन की मांग को बढ़ावा दिया। हालांकि, रिटेल कैटेगरी में अभी पूरा सब्सक्रिप्शन नहीं मिला है। आईपीओ में आवेदन करने की अंतिम तारीख 23 अक्टूबर 2026 है, इसलिए आने वाले कारोबारी दिनों में सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों में बदलाव संभव है।
Jio Platforms IPO Subscription: पहले दिन कैसा रहा प्रदर्शन?
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को पहले दिन कुल 3.01 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इसका मतलब है कि निवेशकों ने उपलब्ध शेयरों की तुलना में लगभग तीन गुना शेयरों के लिए बोली लगाई। अलग-अलग निवेशक श्रेणियों के आंकड़ों से पता चलता है कि इस इश्यू में संस्थागत निवेशकों का उत्साह सबसे ज्यादा रहा।क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) की कैटेगरी में 9 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया।
वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) की श्रेणी 1.58 गुना सब्सक्राइब हुई। कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्से को 1.30 गुना और शेयरधारकों के लिए आरक्षित हिस्से को 1.38 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। इसके उलट, रिटेल निवेशकों की श्रेणी में पहले दिन मांग अपेक्षाकृत कमजोर रही। इस कैटेगरी को 0.68 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, यानी पहले दिन रिटेल निवेशकों की ओर से आरक्षित शेयरों की पूरी मांग नहीं आई थी।
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घरेलू संस्थागत निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी
जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ में घरेलू वित्तीय संस्थानों की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, घरेलू वित्तीय संस्थानों ने 25.02 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाईं। इसके मुकाबले विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की ओर से 14.99 करोड़ शेयरों के लिए बोली लगाई गई। इसके अलावा, म्यूचुअल फंड्स ने 3.10 करोड़ शेयरों के लिए आवेदन किया।
ये आंकड़े बताते हैं कि इश्यू के पहले दिन बड़े निवेशकों की ओर से अच्छी मांग देखने को मिली। हालांकि, केवल शुरुआती सब्सक्रिप्शन के आधार पर शेयर की लिस्टिंग या भविष्य के प्रदर्शन का अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।
रिटेल निवेशकों की मांग पर रहेगी नजर
संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी के बावजूद रिटेल कैटेगरी में पहले दिन पूरा सब्सक्रिप्शन नहीं मिलना इस आईपीओ का एक अहम पहलू रहा। आम निवेशकों की ओर से अगले कारोबारी दिनों में कितनी मांग आती है, इससे इश्यू की अंतिम सब्सक्रिप्शन स्थिति पर असर पड़ सकता है। आईपीओ में निवेश करने से पहले निवेशकों को कंपनी से संबंधित उपलब्ध दस्तावेजों, वित्तीय स्थिति, कारोबार की संभावनाओं और जोखिमों का आकलन करना चाहिए। केवल सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों या बाजार में चल रही चर्चाओं के आधार पर निवेश का फैसला लेना जोखिम भरा हो सकता है।










