शुक्रवार, 23 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत मजबूती के साथ होने के आसार हैं। शुरुआती कारोबार से पहले GIFT Nifty करीब 22,800 के स्तर पर था, जो पिछले बंद के मुकाबले लगभग 165 अंक यानी 0.73 फीसदी की बढ़त दर्शा रहा था।
बिजनेस न्यूज़: भारतीय शेयर बाजार में 23 अक्टूबर को GIFT Nifty के संकेतों से सकारात्मक शुरुआत की उम्मीद है। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, अमेरिकी टेक शेयरों में बिकवाली और एशियाई बाजारों की कमजोरी से निवेशकों की चिंता बढ़ सकती है। इस बीच Swiggy, Cyient, Colgate-Palmolive India और NLC India समेत कई कंपनियों के शेयर तिमाही नतीजों और कारोबारी अपडेट के कारण फोकस में रहेंगे।
भारतीय शेयर बाजार की कैसी रहेगी शुरुआत?
भारतीय शेयर बाजार के लिए शुक्रवार का कारोबारी सत्र वैश्विक संकेतों के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाला है। GIFT Nifty करीब 22,800 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद से लगभग 165 अंक या 0.73% ऊपर था। इससे सेंसेक्स और निफ्टी के सकारात्मक शुरुआत करने की संभावना बनी। हालांकि, शुरुआती तेजी के बावजूद बाजार में अस्थिरता देखने को मिल सकती है।
एशियाई बाजारों में कमजोरी और अमेरिकी टेक कंपनियों के शेयरों में बिकवाली निवेशकों के सेंटीमेंट को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में बाजार की दिशा तय करने में वैश्विक संकेतों के साथ कंपनियों के तिमाही नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों की अहम भूमिका रहेगी।
Crude Oil Price: ब्रेंट क्रूड $114 के पार
वैश्विक वित्तीय बाजारों के लिए कच्चे तेल की कीमतों में तेजी सबसे प्रमुख चिंताओं में से एक है। उपलब्ध कारोबारी आंकड़ों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 114 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड करीब 100 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। रिपोर्ट में दिया गया स्तर वर्ष 2022 के बाद का उच्चतम स्तर बताया गया है।
भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए महंगा कच्चा तेल आर्थिक दबाव बढ़ा सकता है। इससे आयात बिल में वृद्धि, महंगाई का जोखिम और रुपये पर दबाव देखने को मिल सकता है। इसके अलावा, एविएशन, पेंट, टायर और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों की लागत भी प्रभावित हो सकती है। यदि तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो निवेशक उन कंपनियों के प्रदर्शन पर अधिक ध्यान दे सकते हैं जिनके मुनाफे पर कच्चे माल और ईंधन की लागत का सीधा असर पड़ता है।
अमेरिकी बाजार में AI और टेक शेयरों की भारी बिकवाली
अमेरिकी बाजार में महंगाई संबंधी आंकड़ों के बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, CoreWeave के शेयर करीब 16%, Nebius के 11%, Oracle के 9% और Dell Technologies के 11% तक गिर गए। इन कंपनियों के बाजार मूल्य में कुल मिलाकर लगभग 80 अरब डॉलर की कमी आने की बात कही गई। इस बिकवाली ने AI इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में बढ़ती पूंजीगत जरूरतों और उधार की लागत को लेकर निवेशकों की चिंताओं को सामने रखा।
अमेरिकी टेक शेयरों में कमजोरी का असर वैश्विक निवेश धारणा पर पड़ सकता है। हालांकि, भारतीय बाजार पर इसका वास्तविक प्रभाव घरेलू संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और आईटी शेयरों में होने वाले कारोबार पर भी निर्भर करेगा।
Stocks to Watch Today: इन 7 कंपनियों पर रखें नजर
- Swiggy का दूसरी तिमाही में कंसोलिडेटेड घाटा घटकर 922 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले साल समान अवधि में यह 1,092 करोड़ रुपये था। कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 36.1% बढ़कर 7,571 करोड़ रुपये पहुंच गया। क्विक कॉमर्स और फूड डिलीवरी कारोबार में वृद्धि निवेशकों के लिए अहम रहेगी।
- Cyient का कंसोलिडेटेड मुनाफा 7.3% घटकर 132.5 करोड़ रुपये रहा। वहीं, रेवेन्यू 25.5% बढ़कर 2,235 करोड़ रुपये पहुंच गया। निवेशक कंपनी की लाभप्रदता और भविष्य की ग्रोथ पर ध्यान दे सकते हैं।
- Colgate-Palmolive India कंपनी का दूसरी तिमाही का मुनाफा 4.3% बढ़कर 341.6 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 12.3% की वृद्धि के साथ 1,705.8 करोड़ रुपये पहुंच गया। मजबूत बिक्री वृद्धि शेयर के लिए महत्वपूर्ण संकेत हो सकती है।
- Nuvoco Vistas सीमेंट कंपनी का कंसोलिडेटेड मुनाफा 79.2% बढ़कर 65.3 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू भी 13.5% बढ़कर 2,790 करोड़ रुपये पहुंच गया। निर्माण गतिविधियों और लागत प्रबंधन से जुड़े संकेतों पर नजर रहेगी।
- BlueStone Jewellery का घाटा पिछले साल के 51.7 करोड़ रुपये से घटकर 3.2 करोड़ रुपये रह गया। इस दौरान रेवेन्यू 45% बढ़कर 745 करोड़ रुपये पहुंचा। कारोबार की वृद्धि और घाटे में कमी निवेशकों के लिए अहम रह सकती है।
- CreditAccess Grameen कंपनी का स्टैंडअलोन मुनाफा 299% बढ़कर 501.6 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 31.3% की वृद्धि के साथ 1,350.7 करोड़ रुपये पहुंच गया। निवेशक कंपनी की वित्तीय स्थिति और माइक्रोफाइनेंस कारोबार के प्रदर्शन पर ध्यान दे सकते हैं।
- NLC India ने ओडिशा में कोल गैसीफिकेशन, सिंथेसिस गैस और बीच सैंड मिनरल प्रोसेसिंग की संभावनाओं को तलाशने के लिए समझौते किए हैं। बीच सैंड मिनरल प्रोसेसिंग सुविधा में लगभग 2,000 करोड़ रुपये के संभावित निवेश की योजना कंपनी के दीर्घकालिक विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
eMudhra ने ग्लोबल SSL/TLS सर्टिफिकेट कारोबार से स्वेच्छा से बाहर निकलने और एंटरप्राइज सॉल्यूशंस तथा ट्रस्ट सर्विसेज पर अधिक ध्यान देने का फैसला किया है। इसके अलावा शीट मेटल फैब्रिकेशन, बोनफिग्लिओली ट्रांसमिशन, टोंबो इमेजिंग इंडिया और सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज की मेनबोर्ड लिस्टिंग तथा Shelze India की SME लिस्टिंग भी बाजार की निगाह में रह सकती हैं।








