रांची में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने राहुल गांधी पर विदेशी ताकतों के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। SIR के विरोध पर कांग्रेस को घेरा और कहा कि पार्टी झारखंड में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की परेशानियां नजरअंदाज कर रही है।
रांची: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शनिवार, 24 अक्टूबर को रांची में पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में उन्होंने कहा कि राहुल गांधी विदेशों से सक्रिय भारत विरोधी ताकतों के टूलकिट की तरह काम कर रहे हैं। चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर कांग्रेस के विरोध को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए। नवीन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को आम मतदाताओं की चिंता नहीं है, बल्कि वह घुसपैठियों को बचाने की राजनीति कर रही है। उन्होंने झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन और राज्य सरकार के कामकाज को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा।
रांची की बैठक में राहुल गांधी पर बरसे नितिन नवीन
नितिन नवीन तीन दिन के झारखंड दौरे पर शुक्रवार को रांची पहुंचे थे। शनिवार को कांके के सुकुरहुटू में आयोजित भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर देश में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने का आरोप लगाया।
नवीन का कहना था कि भारत की तरक्की कुछ विदेशी ताकतों को पसंद नहीं आ रही है। उन्होंने दावा किया कि ऐसी ताकतें देश की प्रगति रोकना चाहती हैं और कांग्रेस नेता उनकी मदद कर रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी को विदेशी टूलकिट से जोड़ते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार सवाल उठाना इसी कोशिश का हिस्सा है। हालांकि उन्होंने इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया।
SIR के विरोध पर कांग्रेस से पूछे सवाल
बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का मुद्दा भी उठा। नवीन ने कहा कि कांग्रेस चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है, लेकिन मतदाता सूची में सुधार के लिए उपलब्ध कानूनी रास्तों का इस्तेमाल नहीं करती।
उन्होंने बिहार में हुए SIR का जिक्र करते हुए दावा किया कि मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 60 दिन का समय दिया गया था। इसके बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक भी शिकायत दर्ज नहीं कराई। नवीन ने सवाल उठाया कि जब आपत्ति दर्ज कराने का मौका था, तब कांग्रेस ने इस प्रक्रिया का इस्तेमाल क्यों नहीं किया।
भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव में हार के बाद मतदाता सूची में गड़बड़ी का मुद्दा उठाती है। हालांकि उनके इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
बोले- कांग्रेस को घुसपैठियों की चिंता है
नितिन नवीन ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर घुसपैठियों के पक्ष में राजनीति करने का आरोप भी लगाया। उनका कहना था कि विपक्ष मतदाताओं के अधिकार बचाने की बात करता है, लेकिन उसकी प्राथमिकता कुछ और है।
उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों के वोट सुरक्षित रखना जरूरी है और मतदाता सूची में सुधार की प्रक्रिया को इसी नजरिए से देखना चाहिए। भाजपा अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे लोगों के बीच जाकर SIR को लेकर पार्टी का पक्ष रखें।
दूसरी तरफ कांग्रेस मतदाता सूची से पात्र नागरिकों के नाम हटाए जाने की आशंका जताती रही है। पार्टी का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है और हर योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची में होना चाहिए। SIR और कथित वोट चोरी को लेकर दोनों दलों के बीच लंबे समय से राजनीतिक विवाद चल रहा है।
संविधान को लेकर भी कांग्रेस पर साधा निशाना
भाजपा अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कांग्रेस के पुराने शासनकाल का भी जिक्र किया। उन्होंने 1975 में लगाए गए आपातकाल और विभिन्न राज्यों में राष्ट्रपति शासन लागू किए जाने के फैसलों को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाए।
नवीन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए संविधान की भावना के अनुरूप काम नहीं किया। उनका कहना था कि जो नेता आज लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की बात करते हैं, उन्हें अपने राजनीतिक इतिहास पर भी जवाब देना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है और भाजपा इस विकास यात्रा को रोकने की किसी भी कोशिश का राजनीतिक मुकाबला करेगी।
झारखंड में छात्रों के आंदोलन पर कांग्रेस को घेरा
राष्ट्रीय राजनीति के अलावा नितिन नवीन ने झारखंड के स्थानीय मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने राज्य में भर्ती परीक्षाओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का जिक्र किया और कांग्रेस नेताओं पर उनकी परेशानियों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
नवीन ने कहा कि जब रांची में हजारों छात्र और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, तब कांग्रेस के नेता उनके समर्थन में सामने नहीं आए। लेकिन दिल्ली में वही नेता छात्रों और युवाओं के अधिकारों की बात करते हैं।
उन्होंने झारखंड में भर्ती परीक्षाओं की कथित गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि युवाओं को रोजगार और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था चाहिए, लेकिन राज्य सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है। ये भाजपा अध्यक्ष के आरोप हैं, जिन पर राज्य सरकार का पक्ष भी महत्वपूर्ण है।
हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ आंदोलन करने को कहा
नितिन नवीन ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कामकाज को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार बढ़ रहा है और आम लोगों की परेशानियों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से कहा कि छात्रों, युवाओं और स्थानीय नागरिकों की शिकायतों को लेकर वे सड़क से विधानसभा तक आवाज उठाएं। जरूरत पड़ने पर कानूनी रास्ता भी अपनाया जाए।
नवीन ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में झारखंड को अलग राज्य का दर्जा मिला था। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से राज्य में भाजपा का जनाधार मजबूत करने और लोगों के बीच लगातार सक्रिय रहने की अपील की।
2029 में झारखंड में सरकार बनाने का लक्ष्य
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में भाजपा के संगठन को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। नवीन ने कहा कि झारखंड में पार्टी की मजबूत राजनीतिक जमीन रही है और कार्यकर्ताओं को दोबारा सरकार बनाने के लिए अभी से तैयारी करनी चाहिए।
उन्होंने 2029 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया। पार्टी नेताओं से कहा गया कि वे केवल बड़े कार्यक्रमों तक सीमित न रहें, बल्कि गांवों और मोहल्लों में जाकर लोगों से संपर्क करें।
नवीन ने केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने को भी कहा। उन्होंने आयुष्मान भारत और जनजातीय समुदायों से जुड़ी योजनाओं का उदाहरण दिया।
कांग्रेस और JMM ने आरोपों पर किया पलटवार
नितिन नवीन के बयान पर झारखंड कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भी जवाब दिया है। कांग्रेस के प्रदेश महासचिव लाल किशोर नाथ शाहदेव ने भाजपा अध्यक्ष के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने संविधान के निर्माण और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
शाहदेव ने आरोप लगाया कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ संविधान के मूल्यों के खिलाफ रहे हैं। उनका कहना था कि भाजपा राजनीतिक फायदे के लिए संवैधानिक मुद्दों की अपनी सुविधा के अनुसार व्याख्या करती है।
वहीं, झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने झारखंड को भाजपा का मजबूत गढ़ बताने वाले बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि झारखंड किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं है। राज्य के लोगों ने लंबे संघर्ष के बाद अलग पहचान हासिल की है और सरकार किसकी बनेगी, इसका फैसला यहां की जनता करेगी।
SIR और छात्र आंदोलन पर बढ़ी राजनीतिक खींचतान
रांची में नितिन नवीन के संबोधन के बाद SIR, चुनाव आयोग और झारखंड के छात्रों की समस्याओं को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने और स्थानीय मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगा रही है। कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज किया है।
फिलहाल दोनों दलों के बीच सबसे बड़ा मतभेद मतदाता सूची की जांच और चुनावी प्रक्रिया को लेकर है। भाजपा इसे जरूरी सुधार बता रही है, जबकि कांग्रेस इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और पात्र मतदाताओं के अधिकार सुनिश्चित करने की मांग कर रही है।









