पीवी सिंधु फाइनल में पहुंचीं, जापान की हिना अकीची को हराया, अब वर्ल्ड नंबर-1 से मुकाबला

भारतीय शटलर पीवी सिंधु ने जापान की हिना अकीची को हराकर फ्रेंच ओपन के फाइनल में जगह बनाई। आज वर्ल्ड नंबर-1 एन से यंग से खिताबी मुकाबला होगा। जानें पूरा मैच।

भारत की पीवी सिंधु फ्रेंच ओपन बैडमिंटन के फाइनल में पहुंच गई हैं। उन्होंने जापान की हिना अकीची को 21-10, 20-22, 21-16 से हराया। रविवार को उनका सामना दक्षिण कोरिया की वर्ल्ड नंबर-1 एन से यंग से होगा।

 फ्रेंच ओपन: भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने फ्रेंच ओपन 2026 के फाइनल में जगह बना ली है। शनिवार, 24 अक्टूबर को खेले गए महिला सिंगल्स के सेमीफाइनल में सिंधु ने जापान की हिना अकीची को तीन गेम तक चले मुकाबले में हराया। पहला गेम आसानी से जीतने के बाद सिंधु को दूसरे गेम में हार का सामना करना पड़ा, लेकिन निर्णायक गेम में उन्होंने बाजी पलट दी। अब रविवार को उनका मुकाबला दक्षिण कोरिया की वर्ल्ड नंबर-1 एन से यंग से होगा। सिंधु के पास इस साल अपना दूसरा बड़ा खिताब जीतने का मौका है।

73 मिनट तक चला मुकाबला, सिंधु ने तीन गेम में जीती बाजी

पेरिस के एरिना ग्रैंड पेरिस में खेले गए सेमीफाइनल में 31 साल की पीवी सिंधु ने जापान की 21 वर्षीय हिना अकीची को 21-10, 20-22 और 21-16 से हराया। दोनों खिलाड़ियों के बीच यह मुकाबला एक घंटे 13 मिनट तक चला। दुनिया की 11वें नंबर की खिलाड़ी सिंधु के सामने वर्ल्ड रैंकिंग में 22वें स्थान पर मौजूद अकीची थीं। हालांकि जापानी खिलाड़ी ने पिछले मुकाबलों में दो शीर्ष खिलाड़ियों को हराया था, इसलिए उनके खिलाफ जीत आसान नहीं मानी जा रही थी। सिंधु ने पहले गेम में दबदबा बनाया, दूसरे में पिछड़ गईं और तीसरे गेम में आखिरी समय पर शानदार प्रदर्शन करते हुए मैच अपने नाम कर लिया।

पहले गेम में 8-8 तक बराबरी, फिर सिंधु ने नहीं दिया मौका

सेमीफाइनल की शुरुआत में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर हुई। पहले स्कोर 4-4 और फिर 8-8 की बराबरी पर पहुंच गया। अकीची लगातार सिंधु को लंबे शॉट खेलने पर मजबूर कर रही थीं। इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ी ने अपनी लय नहीं खोई। इंटरवल तक सिंधु ने 11-9 की मामूली बढ़त बना ली थी। इसके बाद उन्होंने कोर्ट पर अपनी रफ्तार बढ़ा दी। उनके तेज स्मैश और नेट के पास खेले गए शॉट का जापानी खिलाड़ी के पास जवाब नहीं था।

इंटरवल के बाद सिंधु ने आखिरी 12 में से 11 अंक जीत लिए। अकीची इस दौरान केवल एक अंक हासिल कर सकीं। सिंधु ने महज 18 मिनट में पहला गेम 21-10 से अपने नाम कर लिया। शुरुआती गेम देखकर लग रहा था कि मुकाबला सीधे दो गेम में समाप्त हो सकता है, लेकिन जापानी खिलाड़ी ने दूसरे गेम में जबरदस्त वापसी की।

दूसरे गेम में अकीची ने पलटा मैच, 22-20 से जीत दर्ज की

दूसरे गेम की शुरुआत सिंधु के लिए अच्छी नहीं रही। अकीची ने लगातार अंक बनाकर चार पॉइंट की बढ़त हासिल कर ली। सिंधु ने अपने शॉट की दिशा बदली और कुछ अच्छे स्मैश लगाकर स्कोर 7-7 से बराबर कर दिया। इसके बाद दोनों खिलाड़ी 10-10 तक एक-दूसरे के साथ बनी रहीं। जापानी खिलाड़ी ने नेट के पास बेहतर खेल दिखाया और फिर बढ़त बनाने लगीं।

सिंधु ने 14-14 पर दोबारा बराबरी की। कुछ देर बाद स्कोर 16-16 भी हुआ और भारतीय खिलाड़ी आगे निकल गईं। हालांकि अकीची ने हार नहीं मानी। उन्होंने लगातार अच्छे रिटर्न लगाए और गेम पॉइंट तक पहुंच गईं। सिंधु ने 20-20 पर स्कोर बराबर कर लिया, लेकिन अगले दो अंक जापानी खिलाड़ी ने जीत लिए। अकीची ने दूसरा गेम 22-20 से जीतकर मुकाबले को तीसरे गेम तक पहुंचा दिया।

तीसरे गेम में 16-16 के बाद बदला मुकाबला

निर्णायक गेम में सिंधु ने 5-3 की बढ़त के साथ शुरुआत की। अकीची ने वापसी करके स्कोर 6-5 कर लिया। कुछ समय तक दोनों खिलाड़ियों के बीच लगातार अंक बदलते रहे। सिंधु ने इंटरवल तक 11-9 की बढ़त बना ली और इसके बाद स्कोर 14-9 तक पहुंचा दिया। यहां से मैच उनके पक्ष में जाता दिख रहा था, लेकिन अकीची ने फिर चुनौती पेश की।

जापानी खिलाड़ी ने लंबे शॉट और नेट के पास बेहतर खेल से स्कोर बराबर कर दिया। मुकाबला 16-16 तक पहुंचने के बाद एक लंबी रैली हुई। इस रैली में 38 बार शटल दोनों तरफ गई। आखिर में अकीची से नेट पर गलती हुई और सिंधु को जरूरी बढ़त मिल गई। इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने अपनी पकड़ मजबूत की और गेम 21-16 से जीत लिया। इस जीत के साथ उन्होंने पहली बार फ्रेंच ओपन के फाइनल में जगह बनाई।

फाइनल में एन से यंग से भिड़ेंगी पीवी सिंधु

सिंधु का अगला मुकाबला दक्षिण कोरिया की एन से यंग से होगा, जो फिलहाल महिला सिंगल्स की दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी हैं। रविवार, 25 अक्टूबर को दोनों के बीच खिताबी मुकाबला खेला जाएगा। एन से यंग ने अपने सेमीफाइनल में जापान की नोजोमी ओकुहारा को 21-12, 21-19 से हराया था।

कोरियाई खिलाड़ी इस समय शानदार फॉर्म में हैं। उनकी तेज रफ्तार, मजबूत डिफेंस और लंबे समय तक रैली में बने रहने की क्षमता उन्हें मुश्किल प्रतिद्वंद्वी बनाती है। सिंधु को फाइनल जीतने के लिए अपने आक्रामक खेल के साथ गलतियों पर भी नियंत्रण रखना होगा। खासकर नेट के पास होने वाली छोटी गलतियां मुकाबले का परिणाम बदल सकती हैं।

एन से यंग के खिलाफ लगातार 10 मैच हार चुकी हैं सिंधु

फाइनल में सिंधु के सामने सबसे बड़ी चुनौती दोनों खिलाड़ियों का पुराना रिकॉर्ड है। सिंधु और एन से यंग अब तक 10 बार आमने-सामने आई हैं। हर मुकाबला दक्षिण कोरिया की खिलाड़ी ने जीता है। यानी सिंधु अब तक उन्हें एक भी मैच में नहीं हरा सकी हैं।

इस साल इंडोनेशिया ओपन और सिंगापुर ओपन में भी दोनों के बीच मुकाबले हुए थे। दोनों बार एन से यंग ने सीधे गेम में जीत दर्ज की थी। अब फ्रेंच ओपन के फाइनल में उनकी 11वीं भिड़ंत होगी। सिंधु के पास न सिर्फ खिताब जीतने, बल्कि कोरियाई खिलाड़ी के खिलाफ लगातार हार के सिलसिले को तोड़ने का भी मौका है।

जापान ओपन जीत चुकी हैं सिंधु, इस साल दूसरा खिताब जीतने का मौका

पीवी सिंधु ने जुलाई 2026 में जापान ओपन का खिताब जीता था। वह प्रतियोगिता भी BWF वर्ल्ड टूर की सुपर 750 श्रेणी में आती है। अब फ्रेंच ओपन में फाइनल तक पहुंचकर उन्होंने इस सीजन में दूसरी बार सुपर 750 टूर्नामेंट के खिताबी मुकाबले में जगह बनाई है।

इस प्रतियोगिता में सिंधु का सफर आसान नहीं रहा। पहले दौर में थाईलैंड की सुपानिदा केतेथोंग ने उन्हें कड़ी टक्कर दी थी। सिंधु ने वह मैच 21-14, 8-21, 23-21 से जीता। दूसरे दौर में उन्होंने जापान की रिको गुंजी को हराया। क्वार्टर फाइनल में चीनी ताइपे की चिउ पिन-चियान के खिलाफ जीत हासिल की। इसके बाद सेमीफाइनल में अकीची को हराकर वह खिताब के करीब पहुंच गईं।

दो ओलिंपिक मेडल जीत चुकी हैं भारतीय स्टार

पीवी सिंधु भारतीय बैडमिंटन के सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने 2016 के रियो ओलिंपिक में सिल्वर मेडल जीता था। इसके बाद टोक्यो ओलिंपिक में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। वह ओलिंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं।

सिंधु ने 2019 में विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप का गोल्ड मेडल भी जीता था। लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल रही सिंधु के लिए फ्रेंच ओपन का फाइनल एक और महत्वपूर्ण मुकाबला होगा। पिछले कुछ समय में उनकी फिटनेस और प्रदर्शन को लेकर सवाल उठे थे, लेकिन जापान ओपन के बाद फ्रांस में भी उन्होंने अच्छा खेल दिखाया है।

फ्रेंच ओपन जीतने पर कितनी मिलेगी पुरस्कार राशि?

फ्रेंच ओपन बैडमिंटन 2026 की कुल पुरस्कार राशि 9 लाख 50 हजार अमेरिकी डॉलर रखी गई है। महिला सिंगल्स का खिताब जीतने वाली खिलाड़ी को 66,500 डॉलर मिलेंगे। फाइनल हारने वाली खिलाड़ी को 32,300 डॉलर की पुरस्कार राशि मिलेगी। विजेता को विश्व रैंकिंग के लिए 11 हजार अंक भी दिए जाएंगे।

फिलहाल सिंधु के सामने सबसे बड़ी चुनौती एन से यंग हैं। भारतीय खिलाड़ी ने सेमीफाइनल के बाद कहा कि उनका काम अभी पूरा नहीं हुआ है और वह अगले मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहती हैं। रविवार को होने वाले फाइनल में पता चलेगा कि सिंधु इस साल दूसरा सुपर 750 खिताब जीत पाती हैं या कोरियाई खिलाड़ी अपना दबदबा कायम रखती हैं।

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