अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनेल मेसी को स्पेन का प्रतिष्ठित प्रिंसेस ऑफ ऑस्टुरियस खेल पुरस्कार मिला है। राजकुमारी लियोनोर ने उन्हें सम्मानित किया। आठ बैलन डी'ओर जीत चुके मेसी ने अगस्त 2026 में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लिया था।
स्पोर्ट्स: अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर लियोनेल मेसी के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। स्पेन में उन्हें साल 2026 का प्रिंसेस ऑफ ऑस्टुरियस खेल पुरस्कार दिया गया है। शुक्रवार, 23 अक्टूबर को स्पेन के ओविएदो शहर में आयोजित समारोह में राजकुमारी लियोनोर ने मेसी को सम्मानित किया। फुटबॉल में शानदार प्रदर्शन के साथ जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए किए गए कामों को देखते हुए उन्हें इस पुरस्कार के लिए चुना गया था। मेसी ने इसी साल अगस्त में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लिया था।
अर्जेंटीना की जर्सी पहनकर पहुंचे मेसी के फैंस
स्पेन के ओविएदो शहर में पुरस्कार समारोह के दौरान मेसी को देखने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक पहुंचे। कई लोग अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम की जर्सी पहने हुए थे। जैसे ही मेसी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, फैंस उनका नाम पुकारने लगे।
समारोह के दौरान पारंपरिक बैगपाइप और ड्रम भी बजाए गए। मेसी को मंच पर बुलाया गया तो वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया।
पुरस्कार लेने के लिए मेसी अकेले मंच पर पहुंचे। राजकुमारी लियोनोर ने उन्हें सम्मान के रूप में औपचारिक प्रमाणपत्र सौंपा। इस दौरान स्पेन के शाही परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे।
39 साल के मेसी के लिए यह पल खास था। उन्होंने अपने फुटबॉल करियर का बड़ा हिस्सा स्पेन में बिताया है। बार्सिलोना के लिए खेलते हुए वह दुनिया के सबसे लोकप्रिय खिलाड़ियों में शामिल हुए थे।
राजकुमारी लियोनोर ने मेसी की तारीफ में क्या कहा?
सम्मान समारोह में स्पेन की राजकुमारी लियोनोर ने मेसी के खेल और उनके व्यवहार की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि मेसी मैदान पर परिस्थितियों को इतनी जल्दी समझ लेते थे कि बहुत कम समय में सही फैसला कर पाते थे। इसी खूबी ने उन्हें दूसरे खिलाड़ियों से अलग बनाया।
राजकुमारी ने मेसी की टीम भावना का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक मेसी ने व्यक्तिगत उपलब्धियों से ज्यादा टीम की सफलता को महत्व दिया।
लियोनोर स्पेन के राजा फेलिपे छठे की बड़ी बेटी और देश के सिंहासन की उत्तराधिकारी हैं। उनके राजकीय पद प्रिंसेस ऑफ ऑस्टुरियस के नाम पर ही यह पुरस्कार दिया जाता है।
जून में ही हो गया था मेसी के नाम का ऐलान
लियोनेल मेसी को इस पुरस्कार के लिए 3 जून 2026 को चुना गया था। प्रिंसेस ऑफ ऑस्टुरियस फाउंडेशन की जूरी ने खेल के क्षेत्र में उनके योगदान और सामाजिक कार्यों को देखते हुए यह फैसला लिया।
जूरी के सामने इस बार 12 देशों से कुल 27 नाम आए थे। इनमें से मेसी को पुरस्कार देने पर सहमति बनी।
चयन समिति ने कहा कि मेसी ने अपने खेल से दुनिया भर में सम्मान हासिल किया है। वह मैदान पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के साथ अनुशासन और विनम्रता के लिए भी पहचाने जाते हैं।
मेसी की संस्था जरूरतमंद बच्चों को स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए काम करती है। चयन में उनके इन प्रयासों को भी महत्व दिया गया।
आठ बैलन डी'ओर और विश्व कप जीत चुके हैं मेसी
लियोनेल मेसी का नाम फुटबॉल इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल है। उन्होंने अपने करियर में आठ बार बैलन डी'ओर पुरस्कार जीता है। यह सम्मान दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फुटबॉल खिलाड़ियों को दिया जाता है।
अर्जेंटीना को 2022 का फीफा विश्व कप जिताने में भी उनकी बड़ी भूमिका रही थी। कतर में हुए उस टूर्नामेंट के फाइनल में अर्जेंटीना ने फ्रांस को पेनल्टी शूटआउट में हराया था।
मेसी ने राष्ट्रीय टीम के साथ 2021 और 2024 में कोपा अमेरिका खिताब भी जीते।
क्लब फुटबॉल में उन्होंने बार्सिलोना के साथ चार चैंपियंस लीग और दस स्पेनिश लीग खिताब जीते। उनके करियर में दर्जनों अन्य ट्रॉफियां भी शामिल हैं।
31 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से लिया संन्यास
मेसी ने 31 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया के जरिए अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने की घोषणा की थी।
इससे पहले अर्जेंटीना की टीम 2026 फीफा विश्व कप के फाइनल में पहुंची थी। न्यू जर्सी में खेले गए खिताबी मुकाबले में अर्जेंटीना को स्पेन के खिलाफ 1-0 से हार मिली।
इस हार के बाद मेसी ने राष्ट्रीय टीम से विदाई लेने का फैसला किया। उन्होंने बताया था कि अर्जेंटीना की जर्सी में खेलना उनके लिए हमेशा खास रहा है और इस सफर को खत्म करने का फैसला आसान नहीं था।
मेसी अर्जेंटीना के लिए सबसे ज्यादा मैच खेलने और सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी के रूप में विदा हुए।
हालांकि अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल छोड़ने के बाद भी उनका क्लब करियर जारी है।
बार्सिलोना से इंटर मियामी तक का शानदार सफर
मेसी का जन्म 24 जून 1987 को अर्जेंटीना के रोसारियो शहर में हुआ था। बचपन से ही उन्हें फुटबॉल खेलने का शौक था।
कम उम्र में वह स्पेन चले गए और बार्सिलोना की फुटबॉल अकादमी ला मासिया में शामिल हुए। इसके बाद 2004 में उन्हें बार्सिलोना की मुख्य टीम के लिए खेलने का मौका मिला।
अगले कई वर्षों तक मेसी बार्सिलोना की सफलता का प्रमुख चेहरा बने रहे। उन्होंने 2021 में क्लब छोड़ा और फ्रांस के पेरिस सेंट-जर्मेन से जुड़ गए।
दो साल बाद 2023 में मेसी अमेरिका के इंटर मियामी क्लब में शामिल हुए। वहां भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में टीम को सफलता दिलाई।
![]()
बच्चों की मदद के लिए भी पहचाने जाते हैं मेसी
मेसी केवल गोल करने और रिकॉर्ड बनाने के लिए नहीं जाने जाते। फुटबॉल मैदान से बाहर भी उन्होंने कई सामाजिक काम किए हैं।
उनकी लियो मेसी फाउंडेशन जरूरतमंद बच्चों की मदद करती है। इसका मुख्य ध्यान शिक्षा, स्वास्थ्य और बच्चों को बेहतर अवसर देने पर रहता है।
मेसी 2010 से यूनिसेफ के सद्भावना राजदूत भी हैं। इस भूमिका के जरिए वह बच्चों से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में योगदान देते रहे हैं।
पुरस्कार देने वाली संस्था ने स्पष्ट किया कि मेसी के चयन में उनकी सामाजिक जिम्मेदारी भी एक महत्वपूर्ण कारण रही।
ब्रिटिश लेखक और अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री को भी पुरस्कार
ओविएदो में आयोजित समारोह में केवल मेसी को ही सम्मानित नहीं किया गया। अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले कई लोगों और संस्थाओं को भी पुरस्कार मिले।
ब्रिटिश लेखक जूलियन बार्न्स को साहित्य, अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री क्रिस्टीना कोच को कॉनकॉर्ड और गायिका पैटी स्मिथ को कला के क्षेत्र में सम्मान मिला।
जापान के प्रसिद्ध एनिमेशन स्टूडियो स्टूडियो घिबली को संचार और मानविकी क्षेत्र का पुरस्कार दिया गया।
इन पुरस्कारों के जरिए विज्ञान, संस्कृति, समाज और अंतरराष्ट्रीय सहयोग में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को सम्मानित किया जाता है।
1981 में शुरू हुआ था प्रिंसेस ऑफ ऑस्टुरियस पुरस्कार
प्रिंसेस ऑफ ऑस्टुरियस पुरस्कारों की शुरुआत वर्ष 1981 में हुई थी। इन्हें स्पेनिश भाषी दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में गिना जाता है।
प्रत्येक पुरस्कार के साथ 50 हजार यूरो की राशि, एक प्रमाणपत्र, प्रतीक चिह्न और विशेष मूर्ति दी जाती है।
इससे पहले खेल श्रेणी में राफेल नडाल, सेरेना विलियम्स, एलियुड किपचोगे और लिंडसे वॉन जैसे दिग्गजों को भी सम्मान मिल चुका है।
मेसी का नाम अब इस प्रतिष्ठित सूची में जुड़ गया है।
अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से विदाई लेने के कुछ ही समय बाद मिला यह सम्मान उनके लंबे करियर की उपलब्धियों को दर्शाता है। स्पेन, जहां उन्होंने अपने खेल जीवन के कई यादगार साल बिताए, उसी देश में एक बार फिर उन्हें विशेष पहचान मिली है।










