UEFA Europa League में बॉर्नमाउथ ने सात बार के यूरोपीय चैंपियन एसी मिलान को 3-0 से हराकर बड़ा उलटफेर किया। जस्टिन क्लुइवर्ट और मार्कस टैवर्नियर ने पेनल्टी पर गोल किए, जबकि अमीन अदली ने फ्री-किक से तीसरा गोल दागा। इस जीत के साथ बॉर्नमाउथ ने प्रतियोगिता में लगातार तीसरा मुकाबला अपने नाम किया।
लंदन: इंग्लैंड के फुटबॉल क्लब बॉर्नमाउथ ने गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को अपने घरेलू मैदान विटैलिटी स्टेडियम में ऐसी जीत दर्ज की, जिसे उसके समर्थक लंबे समय तक याद रखेंगे। सामने इटली का मशहूर क्लब एसी मिलान था, जिसके नाम सात यूरोपीय खिताब दर्ज हैं। लेकिन मैदान पर बॉर्नमाउथ ने उसे वापसी का मौका नहीं दिया। मेजबान टीम ने 3-0 से मुकाबला जीता और यूरोपा लीग में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। यह क्लब के इतिहास का केवल तीसरा यूरोपीय मैच था।
आठवें मिनट में क्लुइवर्ट ने दिलाई बढ़त
मैच की शुरुआत में ही बॉर्नमाउथ ने मिलान के डिफेंस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था। आठवें मिनट में कोनी डी विंटर के हैंडबॉल के कारण मेजबान टीम को पेनल्टी मिली। जस्टिन क्लुइवर्ट ने मौका नहीं गंवाया और गेंद गोलपोस्ट में पहुंचा दी।
क्लुइवर्ट के इस गोल ने 1995 के Champions League फाइनल की याद दिला दी। उस मुकाबले में उनके पिता पैट्रिक क्लुइवर्ट ने अजाक्स के लिए एसी मिलान के खिलाफ निर्णायक गोल किया था। अब 31 साल बाद उनके बेटे ने भी उसी क्लब के खिलाफ गोल किया।
मिलान शुरुआती झटके से उबरने की कोशिश कर रहा था, लेकिन बॉर्नमाउथ लगातार मौके बना रहा था। मेजबान खिलाड़ियों की तेजी के सामने इतालवी टीम को गेंद अपने पास रखने और हमले तैयार करने में परेशानी हुई।
गोलकीपर को रेड कार्ड, मिलान की मुश्किल बढ़ी
मैच के 27वें मिनट में मिलान के कप्तान और गोलकीपर माइक मेन्यां को सीधे रेड कार्ड दिखाया गया। टायलर एडम्स के साथ हुई घटना के बाद रेफरी ने VAR की मदद ली और उन्हें मैदान छोड़ने का आदेश दिया।
दस खिलाड़ियों के साथ खेल रहे मिलान की परेशानी यहीं खत्म नहीं हुई। पांच मिनट बाद बॉर्नमाउथ को दूसरी पेनल्टी मिली। मार्कस टैवर्नियर ने 32वें मिनट में गोल करके स्कोर 2-0 कर दिया।
दूसरे हाफ में मिलान ने कुछ मौके बनाने की कोशिश की, लेकिन उसका कोई हमला गोल में नहीं बदल सका। 84वें मिनट में स्थानापन्न खिलाड़ी अमीन अदली ने लगभग 25 गज की दूरी से फ्री-किक पर गोल किया। इस तरह बॉर्नमाउथ ने तीन गोल के अंतर से जीत दर्ज की।
2008 में आर्थिक संकट से जूझ रहा था क्लब
बॉर्नमाउथ के लिए इस जीत की अहमियत केवल तीन अंक हासिल करने तक सीमित नहीं है। वर्ष 2008 में क्लब गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा था। उस समय उसके भविष्य पर सवाल खड़े हो गए थे।
इसके बाद टीम ने इंग्लिश फुटबॉल की निचली लीगों से आगे बढ़ते हुए Premier League तक का सफर तय किया। अब वही क्लब यूरोप के बड़े नामों को चुनौती दे रहा है।
बॉर्नमाउथ के मिडफील्डर रायन क्रिस्टी ने मैच के बाद TNT Sports से बातचीत में क्लब की इस यात्रा का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 15 साल पहले टीम League One में 17वें स्थान पर थी। उनके मुताबिक, पुराने समर्थकों के लिए मिलान जैसी टीम पर जीत हासिल करना बेहद खास है।
यूरोपा लीग में बॉर्नमाउथ की तीसरी जीत
बॉर्नमाउथ ने मौजूदा यूरोपा लीग सीजन में अब तक अपने तीनों मैच जीते हैं। इससे पहले उसने स्पेन के रियल सोसिएदाद और ऑस्ट्रिया के स्टर्म ग्राज को हराया था। दिलचस्प बात है कि तीनों प्रतिद्वंद्वी पिछले तीन वर्षों में Champions League खेल चुके हैं।
घरेलू Premier League में हालांकि बॉर्नमाउथ की शुरुआत अच्छी नहीं रही। शुरुआती सात मुकाबलों में उसके खाते में सिर्फ छह अंक आए थे। इसके उलट एसी मिलान इटली की Serie A तालिका में चौथे स्थान पर था। इसके बावजूद गुरुवार के मुकाबले में इंग्लिश टीम ज्यादा मजबूत नजर आई।
यूरोपीय प्रतियोगिताओं में इंग्लिश क्लब आगे
बॉर्नमाउथ की जीत ने Premier League की ताकत को लेकर चर्चा बढ़ा दी है। इस सप्ताह यूरोप में इंग्लिश क्लबों ने नौ मैच खेले, जिनमें केवल एक हार मिली। मौजूदा सीजन में Champions League, Europa League और Conference League को मिलाकर Premier League की टीमों ने 26 मुकाबले खेले हैं। इनमें सिर्फ चार मैच गंवाए हैं।
पिछले दो सीजन के दौरान Europa League और Conference League के नॉकआउट चरण में भी इंग्लिश क्लबों का रिकॉर्ड शानदार रहा है। उन्होंने गैर-इंग्लिश प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ सभी 21 मुकाबले जीते हैं।
Champions League में अब भी कड़ी चुनौती
यूरोपा लीग और कॉन्फ्रेंस लीग में बेहतर प्रदर्शन के बावजूद इंग्लिश क्लब Champions League में लगातार खिताब नहीं जीत पाए हैं। पिछले पांच वर्षों में मैनचेस्टर सिटी ही यह ट्रॉफी जीतने वाली Premier League टीम रही है।
इस प्रतियोगिता में रियल मैड्रिड, बायर्न म्यूनिख और यूरोप की दूसरी बड़ी टीमों से मुकाबला होता है। यहां मामूली गलती भी पूरे अभियान पर भारी पड़ सकती है। बॉर्नमाउथ ने एसी मिलान को हराकर साबित किया कि यूरोपीय फुटबॉल में केवल पुराने रिकॉर्ड के भरोसे मैच नहीं जीते जा सकते। इंग्लैंड की छोटी टीमें भी अब बड़े क्लबों को कड़ी टक्कर दे रही हैं।









