राजस्थान के चूरू में शनिवार सुबह कार और ट्रक की टक्कर से छह लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक परिवार के पांच सदस्य और चालक शामिल हैं। गंभीर रूप से घायल बच्ची को अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस जांच कर रही है।
चूरू: राजस्थान के चूरू जिले में शनिवार, 24 अक्टूबर की सुबह एक परिवार की धार्मिक यात्रा बड़े हादसे में बदल गई। सादुलपुर इलाके में ददरेवा-तारानगर रोड पर न्यांगली गांव के पास एक कार आगे चल रहे ट्रक के पिछले हिस्से से टकरा गई। कार में बैठे छह लोगों की जान चली गई, जबकि एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। मरने वालों में एक ही परिवार के पांच सदस्य और कार चालक शामिल हैं। टक्कर इतनी तेज थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस की मदद से कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला।
सुबह साढ़े आठ बजे हुआ हादसा, ट्रक में जा घुसी कार
हादसा शनिवार सुबह करीब 8:30 बजे सादुलपुर क्षेत्र में हुआ। तारानगर तहसील के सोमसीसर गांव से एक परिवार कार में सवार होकर धार्मिक यात्रा पर निकला था। ददरेवा और न्यांगली गांव के पास पहुंचने पर कार आगे चल रहे भारी वाहन के पिछले हिस्से से टकरा गई। टक्कर के बाद कार का अगला हिस्सा ट्रक के नीचे फंस गया। छत और बोनट भी बुरी तरह दब गए।
दुर्घटना के बाद सड़क पर कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण वहां पहुंचे। कार की हालत देखकर लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और भीतर फंसे यात्रियों को निकालने में मदद करने लगे। पुलिस के अनुसार, गाड़ी में सात लोग सवार थे। इनमें दो छोटे बच्चे भी थे।
पति-पत्नी, दो बहुओं और मासूम की मौत
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान सोमसीसर गांव निवासी 60 वर्षीय भंवरलाल शर्मा, उनकी पत्नी महेंद्र देवी (55), बहू कविता (28), यशोदा (34) और चार महीने के कन्हैया के रूप में हुई है। इनके अलावा कार चला रहे 31 वर्षीय मांगीलाल नाई की भी मौत हो गई। इस तरह एक परिवार के पांच सदस्यों के साथ चालक की जान चली गई।
कार में मौजूद नन्ही बच्ची दिव्यांशी हादसे में जीवित बची, लेकिन उसे गंभीर चोटें आई हैं। शुरुआती खबरों में उसकी उम्र सात महीने बताई गई थी, जबकि बाद में सामने आई स्थानीय रिपोर्टों में उसे नौ महीने का बताया गया है। बच्ची को पहले सादुलपुर के अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए चूरू भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
कुलदेवी के दर्शन और बच्चों के मुंडन के लिए निकला था परिवार
भंवरलाल शर्मा का परिवार धार्मिक कार्यक्रम के लिए घर से रवाना हुआ था। शुरुआती खबरों में परिवार के गोगामेड़ी जाने की बात कही गई थी। हालांकि बाद में परिजनों से बातचीत के आधार पर प्रकाशित रिपोर्टों में बताया गया कि वे हरियाणा के गुरुग्राम में कुलदेवी गुड़गांवा वाली माता के दर्शन और दो बच्चों का मुंडन संस्कार कराने जा रहे थे।
भंवरलाल के छोटे भाई मांगीलाल ने स्थानीय मीडिया को बताया कि एक दिन पहले उनकी बड़े भाई से मुलाकात हुई थी। तब भंवरलाल ने परिवार के साथ धार्मिक यात्रा पर जाने की बात कही थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि अगली सुबह इतना बड़ा हादसा हो जाएगा। दोनों बच्चों का मुंडन कराने की तैयारी थी, लेकिन मंजिल तक पहुंचने से पहले ही परिवार दुर्घटना का शिकार हो गया।
कार में फंसे लोगों को निकालने में करनी पड़ी मशक्कत
टक्कर के बाद कार इतनी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी कि उसमें बैठे लोगों को निकालना आसान नहीं था। स्थानीय ग्रामीणों ने बचाव कार्य शुरू किया। सूचना मिलने पर पुलिस और अन्य सहायता दल भी पहुंचे। कार के भीतर फंसे लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया।
सादुलपुर पुलिस के अनुसार, हादसे में पांच लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक बच्चे ने उपचार के दौरान दम तोड़ा। कुछ शुरुआती रिपोर्टों में सभी छह लोगों को अस्पताल पहुंचाने पर मृत घोषित किए जाने की जानकारी भी दी गई थी। हालांकि कुल मृतकों की संख्या छह ही बताई गई है।
बच्ची को बचाने के लिए तुरंत इलाज शुरू किया गया। उसकी हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने आगे उपचार की सलाह दी। हादसे के बाद घटनास्थल पर मौजूद लोगों से भी पुलिस ने जानकारी जुटाई।
एडिशनल एसपी और थानाधिकारी मौके पर पहुंचे
दुर्घटना की सूचना मिलने पर एडिशनल एसपी रिछपाल सिंह और थानाधिकारी राजेश कुमार सिहाग पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त वाहनों की स्थिति देखी और दुर्घटना के बारे में जानकारी ली। मृतकों के शव राजकीय उप जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाए गए, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।
चूरू के पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद ने बताया कि कार आगे चल रहे ट्रक से टकराई थी। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी जांच चल रही है। पुलिस वाहन की गति, सड़क की स्थिति और टक्कर के समय दोनों वाहनों की दिशा समेत जरूरी तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने कार की रफ्तार अधिक होने की बात कही है। हालांकि दुर्घटना की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
ट्रक चालक की भूमिका की भी होगी जांच
हादसे के बाद भारी वाहन के चालक को लेकर भी सवाल उठे हैं। शुरुआती रिपोर्टों में चालक के घटनास्थल से चले जाने की बात कही गई थी। हालांकि पुलिस की ओर से उसकी गिरफ्तारी या फरार होने की स्थिति की स्पष्ट पुष्टि नहीं मिली है।
जांच में यह पता लगाना जरूरी होगा कि टक्कर के समय ट्रक चल रहा था या उसकी रफ्तार कम हुई थी। कार चालक को आगे चल रहे वाहन से कितनी दूरी मिली थी और क्या अचानक ब्रेक लगाने जैसी कोई स्थिति बनी थी, इन सवालों के जवाब भी जांच से मिलेंगे।
फिलहाल किसी एक चालक की लापरवाही को दुर्घटना का साबित कारण नहीं माना जा सकता। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे जांच की जाएगी।
सोमसीसर गांव में हादसे की खबर पहुंचते ही पसरा मातम
भंवरलाल शर्मा और उनके परिवार के साथ हुई दुर्घटना की खबर सोमसीसर गांव पहुंची तो परिचित और रिश्तेदार अस्पताल की ओर रवाना होने लगे। एक ही घर से पांच लोगों की मौत ने पूरे गांव को झकझोर दिया। जिन परिजनों ने सुबह परिवार को धार्मिक यात्रा के लिए विदा किया था, उन्हें कुछ ही समय बाद दुर्घटना की सूचना मिली।
स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, भंवरलाल खेती से जुड़े हुए थे। उनके परिवार के कुछ सदस्य काम के सिलसिले में गुजरात में रहते हैं। घटना के बाद रिश्तेदारों को इसकी जानकारी दी गई। परिवार में जीवित बची बच्ची के इलाज को लेकर भी सभी चिंतित हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लिया हादसे का जायजा
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने चूरू हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने अधिकारियों से फोन पर घटना की जानकारी ली और घायल बच्ची को जरूरी उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए प्रशासन को हर संभव मदद करने के लिए कहा।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने भी हादसे में हुई मौतों पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने घायल बच्ची के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। जिला प्रशासन की ओर से दुर्घटना से जुड़ी कानूनी कार्रवाई और प्रभावित परिवार को सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
सड़क हादसे की जांच में किन बातों का पता लगाया जाएगा?
ददरेवा-तारानगर मार्ग पर हुई इस दुर्घटना ने एक बार फिर भारी वाहनों और कारों के बीच सुरक्षित दूरी रखने की जरूरत सामने रखी है। सड़क पर आगे चल रहे ट्रक से कार की सीधी टक्कर होने पर छोटे वाहन में बैठे यात्रियों के लिए खतरा काफी बढ़ जाता है।
पुलिस जांच में दुर्घटना का सही कारण पता चलने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसे में तेज रफ्तार, वाहन नियंत्रण या किसी दूसरी परिस्थिति की भूमिका थी। अभी तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कार में सवार सात लोगों में से केवल बच्ची जीवित बची है और उसका उपचार चल रहा है।








