एमएस धोनी ने अगले IPL में खेलने को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। बेंगलुरु के कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि मेडिकल जांच के बाद दिसंबर से पहले फैसला करेंगे। पिंडली की चोट के कारण धोनी IPL 2026 में नहीं खेल पाए थे।
बेंगलुरु: महेंद्र सिंह धोनी अगले साल इंडियन प्रीमियर लीग में खेलेंगे या नहीं, इस सवाल का जवाब अब दिसंबर से पहले मिल सकता है। पूर्व भारतीय कप्तान ने शनिवार, 24 अक्टूबर को बेंगलुरु में एक हेल्थकेयर कार्यक्रम के दौरान अपने IPL भविष्य को लेकर बात की। धोनी ने कहा कि वह पहले मेडिकल जांच कराएंगे। रिपोर्ट आने के बाद ही देखेंगे कि उनका शरीर एक और सीजन खेलने के लिए कितना तैयार है। पिंडली की चोट के कारण 45 साल के धोनी IPL 2026 में एक भी मैच नहीं खेल पाए थे। ऐसे में उनके बयान के बाद चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के समर्थकों को यह उम्मीद जरूर मिली है कि वह मैदान पर लौटने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं।
दिसंबर से पहले फैसला करेंगे एमएस धोनी
कार्यक्रम के दौरान धोनी से पूछा गया कि क्या वह चेन्नई सुपर किंग्स के लिए एक और IPL सीजन खेलना चाहेंगे। इस पर उन्होंने तुरंत हां या ना नहीं कहा। उनका जवाब था कि पहले डॉक्टरों की जांच और मेडिकल रिपोर्ट जरूरी है। इसके बाद दिसंबर आने से पहले वह अपनी शारीरिक स्थिति का आकलन करेंगे।
धोनी ने कहा कि उन्हें देखना होगा कि एक और सीजन खेलने के लिए उनके शरीर में कितनी ताकत बची है। लंबे समय से क्रिकेट खेल रहे धोनी के लिए अब केवल बल्लेबाजी या विकेटकीपिंग का अभ्यास कर लेना काफी नहीं है। पूरे टूर्नामेंट के दौरान लगातार मैच खेल पाने की क्षमता भी जरूरी होगी।
उनके बयान से इतना स्पष्ट है कि IPL 2027 में खेलने का फैसला अभी नहीं हुआ है। हालांकि धोनी ने वापसी से इनकार भी नहीं किया। फिलहाल वह अपनी फिटनेस को सबसे ज्यादा महत्व दे रहे हैं।
डॉक्टरों से बोले- इस पुरानी गाड़ी को चलाते रहना है
धोनी ने अपने जवाब के दौरान डॉक्टरों के साथ मजाक भी किया। उन्होंने अपने शरीर की तुलना पुरानी विंटेज गाड़ी से की। उनका कहना था कि अगर जांच में वह पूरी तरह फिट नहीं मिलते हैं, तो डॉक्टरों को इस पुरानी गाड़ी को फिर से ठीक हालत में लाने के लिए काम करना होगा।
उन्होंने हंसते हुए कहा कि सारा दबाव डॉक्टरों पर है। उनके इस जवाब से कार्यक्रम में मौजूद लोगों को भी अंदाजा हो गया कि धोनी अपने भविष्य को लेकर जल्दबाजी में कोई घोषणा नहीं करना चाहते।
धोनी इससे पहले भी अपने संन्यास से जुड़े सवालों का जवाब हल्के-फुल्के अंदाज में देते रहे हैं। लेकिन इस बार उन्होंने फैसले के लिए एक समयसीमा बताई है। दिसंबर से पहले मेडिकल रिपोर्ट देखकर वह तय करना चाहते हैं कि अगले IPL की तैयारी शुरू करनी है या नहीं।
पिंडली की चोट से पूरा IPL 2026 छूट गया था
धोनी के लिए पिछला IPL सीजन निराशाजनक रहा। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही उनकी पिंडली में खिंचाव की समस्या सामने आई थी। मार्च में चेन्नई सुपर किंग्स ने बताया था कि धोनी चोट से उबर रहे हैं और शुरुआती मुकाबलों में उनका खेलना मुश्किल होगा।
शुरुआत में उम्मीद थी कि कुछ समय आराम करने के बाद वह टीम से जुड़ जाएंगे। मगर उनकी परेशानी पूरी तरह दूर नहीं हुई। सीजन आगे बढ़ता गया और धोनी मैदान पर नहीं लौट सके। IPL 2026 का पूरा टूर्नामेंट उनके बिना ही निकल गया।
धोनी IPL 2025 में चेन्नई के सभी 14 लीग मैचों में खेले थे। लेकिन 2026 में उन्हें एक भी मुकाबले में उतरने का मौका नहीं मिला। लंबे IPL करियर में पहली बार ऐसा हुआ कि चेन्नई ने पूरा सीजन खेला और धोनी एक मैच में भी नजर नहीं आए।
धोनी के बिना चेन्नई प्लेऑफ में नहीं पहुंच सकी
चेन्नई सुपर किंग्स का प्रदर्शन पिछले दो IPL सीजन में अच्छा नहीं रहा है। साल 2025 में टीम अंक तालिका में आखिरी स्थान पर रही थी। इसके बाद 2026 में भी चेन्नई प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो गई और आठवें स्थान पर रही।
धोनी की गैरमौजूदगी चेन्नई के लिए एक बड़ा बदलाव था। वह लंबे समय तक टीम के कप्तान रहे हैं। कप्तानी छोड़ने के बाद भी विकेट के पीछे से गेंदबाजों को सलाह देना और आखिरी ओवरों में तेजी से रन बनाना उनकी भूमिका का हिस्सा रहा है।
हालांकि चेन्नई के खराब प्रदर्शन को केवल धोनी के नहीं खेलने से जोड़ना सही नहीं होगा। टीम को दूसरे खिलाड़ियों की चोटों, खराब प्रदर्शन और सही संयोजन तलाशने जैसी परेशानियों से भी जूझना पड़ा। धोनी ने खुद माना है कि पिछले दो सीजन में उनकी टीम उम्मीद के मुताबिक नहीं खेल पाई।
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बेंगलुरु में धोनी ने RCB की भी तारीफ की
बेंगलुरु के उसी कार्यक्रम में धोनी से चेन्नई सुपर किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के प्रदर्शन को लेकर भी सवाल किया गया। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले दो वर्षों में RCB ने बेहतर क्रिकेट खेला है।
धोनी ने कहा कि RCB लगातार अच्छा प्रदर्शन करती रही, जबकि चेन्नई ऐसा नहीं कर सकी। उन्होंने यह भी समझाया कि किसी टीम के पास कागज पर कितने अच्छे खिलाड़ी हैं, इससे ज्यादा महत्व इस बात का होता है कि वे मैच के दिन कैसा खेलते हैं।
धोनी के मुताबिक, किसी टीम का असली इम्तिहान तब होता है, जब उसके परिणाम खराब आने लगते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि चेन्नई अगले सीजन में चोटों की समस्या से बचेगी और सभी जरूरी खिलाड़ी पूरे टूर्नामेंट में उपलब्ध रहेंगे।
चेन्नई को पांच बार IPL चैंपियन बना चुके हैं धोनी
एमएस धोनी IPL के सबसे सफल कप्तानों में शामिल हैं। उनकी कप्तानी में चेन्नई सुपर किंग्स ने 2010, 2011, 2018, 2021 और 2023 में खिताब जीता। चेन्नई की पिछली IPL ट्रॉफी भी 2023 में आई थी।
धोनी 2008 में IPL शुरू होने के समय से चेन्नई की टीम से जुड़े रहे हैं। बीच में फ्रेंचाइजी पर प्रतिबंध लगने के दौरान उन्होंने राइजिंग पुणे सुपरजायंट की ओर से भी क्रिकेट खेला था। इसके बाद वह दोबारा चेन्नई लौट आए।
उन्होंने 2024 सीजन से पहले चेन्नई की कप्तानी ऋतुराज गायकवाड़ को सौंप दी थी। इसके बाद उनकी भूमिका मुख्य रूप से विकेटकीपर और निचले क्रम के बल्लेबाज की रह गई। कम गेंदों में तेजी से रन बनाने के लिए उन्हें पारी के आखिरी हिस्से में भेजा जाता था।
उम्र के साथ धोनी की फिटनेस बनी बड़ी चुनौती
सात जुलाई 1981 को जन्मे धोनी अब 45 साल के हैं। इस उम्र में IPL जैसे तेज रफ्तार टूर्नामेंट के लिए खुद को तैयार रखना आसान नहीं होता। विकेटकीपिंग के दौरान लगातार उठना-बैठना और बल्लेबाजी में तेजी से रन दौड़ना भी शरीर पर दबाव डालता है।
धोनी ने 2020 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। इसके बाद से वह मुख्य रूप से IPL में ही खेलते रहे हैं। इसलिए मैच अभ्यास और फिटनेस बनाए रखने के लिए उन्हें अलग तैयारी करनी पड़ती है।
हाल के वर्षों में उनके घुटने की समस्या भी चर्चा में रही है। IPL 2023 के बाद उनकी घुटने की सर्जरी हुई थी। अब पिंडली की चोट ने उनकी वापसी को लेकर मुश्किल बढ़ाई है।
क्या IPL 2027 में फिर दिखेंगे धोनी?
धोनी के ताजा बयान से उनकी वापसी की संभावना खुली हुई है, लेकिन अभी इसे पक्का नहीं माना जा सकता। उन्होंने न तो संन्यास की घोषणा की है और न अगले सीजन में खेलने की पुष्टि की है।
चेन्नई सुपर किंग्स को भी उनकी उपलब्धता के हिसाब से आगे की योजना बनानी होगी। अगर धोनी फिट होकर लौटते हैं तो टीम को एक अनुभवी विकेटकीपर और बल्लेबाज का विकल्प मिलेगा। वहीं, वह नहीं खेलते हैं तो फ्रेंचाइजी को उनके बिना अपनी तैयारी आगे बढ़ानी होगी।









