Starshield पर Elon Musk के फैसले से यूक्रेन की ड्रोन कार्रवाई प्रभावित, ट्रंप के हस्तक्षेप के बाद बहाल हुई सेवा

Elon Musk के Starshield नेटवर्क पर प्रतिबंध से यूक्रेन के ड्रोन ऑपरेशन प्रभावित हुए। डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप के बाद सेवा बहाल हुई। जानें पूरा मामला।

एलन मस्क की कंपनी SpaceX की सैन्य सैटेलाइट सेवा Starshield पर प्रतिबंध लगने से यूक्रेन के ड्रोन ऑपरेशन प्रभावित हुए। रिपोर्ट के मुताबिक मस्क ने कनेक्टिविटी सीमित करने का आदेश दिया था। बाद में डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप के बाद सेवा बहाल हुई।

Tech: रूस के खिलाफ युद्ध लड़ रहे यूक्रेन को अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में उस समय परेशानी का सामना करना पड़ा, जब उसके कई सैन्य ड्रोन अचानक सैटेलाइट नेटवर्क से संपर्क खोने लगे। शुरुआत में इसे तकनीकी खराबी माना गया, लेकिन बाद में सामने आई रिपोर्टों ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया। अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, SpaceX प्रमुख एलन मस्क ने खुद सैन्य सैटेलाइट सेवा की गति सीमित करने का निर्देश दिया था।

14 अक्टूबर को अचानक प्रभावित होने लगे यूक्रेनी ड्रोन

यूक्रेन की सेना 14 अक्टूबर को जापोरिझिया और दूसरे युद्धग्रस्त इलाकों में रूसी ठिकानों के खिलाफ ड्रोन ऑपरेशन चला रही थी। इसी दौरान कई ड्रोन का सैटेलाइट नेटवर्क से संपर्क टूटने लगा। संचार प्रभावित होने के कारण सैनिकों को कुछ अभियान बीच में रोकने पड़े।

Starshield पर Elon Musk के फैसले से यूक्रेन की ड्रोन कार्रवाई प्रभावित, ट्रंप के हस्तक्षेप के बाद बहाल हुई सेवा

यूक्रेन युद्ध में ड्रोन का इस्तेमाल केवल हमले करने तक सीमित नहीं है। इनकी मदद से रूसी सैनिकों की गतिविधियों पर नजर रखी जाती है और आने वाले दुश्मन ड्रोन को रोकने की कोशिश भी होती है। ऐसे में सैटेलाइट कनेक्टिविटी प्रभावित होने का असर सीधे सैन्य अभियानों पर पड़ा।

रिपोर्टों के अनुसार, नेटवर्क पर लगाए गए प्रतिबंध के कारण कुछ ड्रोन लगभग 160 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक रफ्तार पर संपर्क खो रहे थे। इससे तेज गति वाले हमलावर और इंटरसेप्टर ड्रोन का इस्तेमाल मुश्किल हो गया।

Elon Musk के आदेश पर लगाई गई थी पाबंदी?

20 अक्टूबर को द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अमेरिकी अधिकारियों और मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के हवाले से दावा किया कि एलन मस्क ने सैन्य सैटेलाइट सेवा की गति कम करने का आदेश दिया था।

इसके बाद यह सवाल उठने लगा कि क्या मस्क ने यह फैसला स्वतंत्र रूप से लिया था या अमेरिकी प्रशासन की सहमति से प्रतिबंध लागू किए गए थे।

इस मुद्दे पर अलग-अलग जानकारियां सामने आईं। कुछ अधिकारियों के अनुसार, मस्क ने अपने स्तर पर फैसला किया था, जबकि अन्य सूत्रों ने बताया कि उन्होंने अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से पहले बातचीत की थी। हालांकि, आदेश की शुरुआत कहां से हुई, इस पर स्पष्ट सहमति नहीं बन सकी। 

Starlink और Starshield में क्या अंतर है?

SpaceX की Starlink और Starshield सेवाएं सैटेलाइट संचार उपलब्ध कराती हैं, लेकिन दोनों के इस्तेमाल का उद्देश्य अलग है।

Starlink मुख्य रूप से इंटरनेट और संचार सेवाओं के लिए बनाया गया नेटवर्क है। यूक्रेन युद्ध में इसका इस्तेमाल सैनिकों के बीच संपर्क बनाए रखने, रसद संबंधी काम और रक्षात्मक गतिविधियों में किया जाता रहा है।

वहीं, Starshield सैन्य जरूरतों के लिए विकसित सेवा है। इसका इस्तेमाल अमेरिकी सरकार के नियंत्रण वाले सैन्य संचार ढांचे के तहत किया जाता है। यूक्रेन की कुछ आक्रामक ड्रोन गतिविधियां भी इसी नेटवर्क पर निर्भर हैं।

मस्क का कहना है कि Starshield से जुड़ी पाबंदियों पर फैसला अमेरिकी सेना और राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में आता है। दूसरी ओर, प्रकाशित रिपोर्टों में सेवा सीमित करने के आदेश से उनका नाम जोड़ा गया है। 

रूसी तेल ठिकानों पर हमलों के बाद बढ़ा था विवाद

Starshield की कनेक्टिविटी को लेकर विवाद ऐसे समय सामने आया, जब यूक्रेन रूस के तेल रिफाइनरी और ऊर्जा ठिकानों पर हमले कर रहा था।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन हमलों पर नाराजगी जताई थी। उनका कहना था कि इससे ऊर्जा की कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है। एलन मस्क भी यूक्रेन की सैन्य कार्रवाई की आलोचना कर चुके हैं।

हालांकि, रूस के ऊर्जा ठिकानों पर हमलों और Starshield की पाबंदियों के बीच सीधे संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इसे प्रतिबंध लगाने का स्थापित कारण नहीं माना जा सकता। 

ट्रंप ने मस्क से बात कर प्रतिबंध हटाने को कहा

22 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ने एक दिन पहले एलन मस्क से फोन पर बातचीत की थी। उन्होंने यूक्रेन के लिए सैटेलाइट नेटवर्क पर लगाई गई पाबंदियां हटाने को कहा।

इस बातचीत के बाद सेवा की स्थिति में सुधार दिखाई दिया। हालांकि, उस समय कुछ यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि कनेक्टिविटी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई थी।

24 अक्टूबर को यूक्रेन के रक्षा मंत्री ने जानकारी दी कि सैन्य Starshield सेवा फिर सामान्य रूप से काम कर रही है। ड्रोन परीक्षणों में 400 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार पर भी स्थिर कनेक्शन मिलने की बात सामने आई। 

निजी कंपनियों के नियंत्रण पर उठे सवाल

इस घटनाक्रम ने युद्ध में निजी तकनीकी कंपनियों की भूमिका को लेकर नई बहस छेड़ दी है। आधुनिक सैन्य अभियानों में सैटेलाइट इंटरनेट, ड्रोन और डिजिटल संचार पर निर्भरता लगातार बढ़ी है।

यूक्रेन के मामले में सामने आया कि नेटवर्क की गति या उपलब्धता में बदलाव से सैन्य अभियान प्रभावित हो सकते हैं। इससे यह सवाल भी महत्वपूर्ण हो गया है कि युद्ध के दौरान जरूरी तकनीकी सेवाओं पर अंतिम नियंत्रण किसका होना चाहिए।

फिलहाल Starshield सेवा सामान्य होने की जानकारी सामने आ चुकी है, लेकिन प्रतिबंध लगाने का आदेश किस स्तर पर लिया गया था, इस पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। आने वाले दिनों में अमेरिकी प्रशासन और SpaceX की ओर से मिलने वाली जानकारी इस विवाद को और स्पष्ट कर सकती है।

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