उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सपा-कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे पर बहस तेज है। इटावा पहुंचे भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उनके हाथ में फैसला होता तो कांग्रेस को 25 से अधिक सीटें नहीं देते।
इटावा: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों के बीच सीटों के बंटवारे का मुद्दा गरमाने लगा है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में चल रही बातचीत के बीच भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने भी अपनी राय रखी है। रविवार, 25 अक्टूबर को इटावा पहुंचे बृजभूषण ने कहा कि अगर सीटों के बंटवारे का फैसला उन्हें करना होता तो वह कांग्रेस को केवल 25 सीटें देते। उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव को दिलचस्प बताया।
कांग्रेस की सीटों की मांग पर बृजभूषण ने क्या कहा?
बृजभूषण शरण सिंह रविवार को इटावा में क्षत्रिय स्वाभिमान मंच की ओर से आयोजित दशहरा मिलन समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद पत्रकारों ने उनसे आगामी विधानसभा चुनाव और सपा-कांग्रेस गठबंधन को लेकर सवाल किए।
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कांग्रेस की ओर से बड़ी संख्या में सीटों की मांग किए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि फैसला उनके हाथ में होता तो वह पार्टी को 25 से ज्यादा सीटें नहीं देते। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों विपक्षी दलों के बीच सीटों के बंटवारे पर अंतिम सहमति नहीं बनी है।
पूर्व सांसद ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश के अगले विधानसभा चुनाव में मुकाबला दिलचस्प होगा। उनके मुताबिक, राजनीतिक दल चुनाव की तैयारियों में जुटे हुए हैं।
सपा-कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे पर क्यों बढ़ी चर्चा?
उत्तर प्रदेश में विधानसभा की कुल 403 सीटें हैं। आगामी चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन जारी रखने की संभावनाओं पर बातचीत चल रही है। हालांकि, दोनों पार्टियां कितनी-कितनी सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगी, यह अभी तय नहीं हुआ है।
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, कांग्रेस ने करीब 175 से 200 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। दूसरी तरफ, समाजवादी पार्टी सीटों का बंटवारा उम्मीदवारों की जीत की संभावना को ध्यान में रखकर करना चाहती है।
कांग्रेस की ओर से बड़ी हिस्सेदारी मांगे जाने के कारण दोनों दलों के बीच बातचीत महत्वपूर्ण हो गई है। फिलहाल सीटों की संख्या को लेकर किसी अंतिम समझौते की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
इटावा में कांग्रेस नेताओं की नाराजगी भी आई सामने
समाजवादी पार्टी का मजबूत राजनीतिक आधार माने जाने वाले इटावा में भी सीटों को लेकर असहमति सामने आई है। जिले की पांच विधानसभा सीटों पर सपा लंबे समय से चुनाव लड़ती रही है।
हाल में स्थानीय कांग्रेस के कुछ पदाधिकारियों ने सीटों को लेकर पार्टी के रुख से नाराज होकर अपने संगठनात्मक पद छोड़ दिए। उनका कहना था कि कांग्रेस को भी जिले में चुनाव लड़ने का अवसर मिलना चाहिए।
हालांकि, पद छोड़ने वाले नेताओं ने पार्टी की सदस्यता नहीं छोड़ी है। इस घटनाक्रम ने इटावा में दोनों दलों के स्थानीय समीकरणों को चर्चा में ला दिया है।
अखिलेश यादव और आजम खान की मुलाकात पर भी बोले
बृजभूषण शरण सिंह से समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और वरिष्ठ नेता आजम खान की मुलाकात को लेकर भी सवाल पूछा गया।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को आजम खान से रामपुर जाकर पहले ही मिल लेना चाहिए था। इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने दोनों नेताओं की मुलाकात के समय को लेकर अपनी राय जाहिर की।
इसके अलावा एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और चंद्रशेखर आजाद की मुलाकात से जुड़े सवाल पर उन्होंने ओवैसी को एक नेता बताया।
दशहरा मिलन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि हुए शामिल
बृजभूषण शरण सिंह इटावा पुलिस लाइन पहुंचने के बाद क्षत्रिय स्वाभिमान मंच के दशहरा मिलन समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम में उन्होंने समाज के लोगों को संबोधित किया और मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया।
इस दौरान उन्होंने प्रदेश की राजनीति के अलावा अन्य राष्ट्रीय मुद्दों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान संबंधी बयान की उन्होंने आलोचना की। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को लेकर भी उन्होंने भारत के आधिकारिक दावे का समर्थन किया।
2027 के चुनाव से पहले सीटों पर फैसला होना बाकी
उत्तर प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में प्रस्तावित है। चुनाव की तारीखों की घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन दलों के बीच सीटों को लेकर बातचीत शुरू हो चुकी है।
बृजभूषण शरण सिंह का 25 सीटों वाला बयान उनकी व्यक्तिगत राजनीतिक राय है। समाजवादी पार्टी या कांग्रेस की ओर से इसे किसी सीट-बंटवारा प्रस्ताव के रूप में पेश नहीं किया गया है।
अब दोनों दलों के नेतृत्व के बीच होने वाली बातचीत से ही स्पष्ट होगा कि कांग्रेस को कितनी सीटें मिलती हैं और समाजवादी पार्टी कितने विधानसभा क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार उतारती है।










