फरीदाबाद के भांकरी गांव में डंपिंग यार्ड के विरोध में हुई महापंचायत में दो हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए। आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए कमेटी बनाने का फैसला हुआ। हिरासत में लिए गए लोगों के मामले को हाईकोर्ट ले जाने की भी तैयारी है।
फरीदाबाद: भांकरी गांव में कचरा डालने को लेकर चल रहा विरोध अब और तेज होने जा रहा है। रविवार को गांव के सरकारी स्कूल में 36 बिरादरी की महापंचायत बुलाई गई, जिसमें दो हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। पंचायत में ग्रामीणों ने डंपिंग यार्ड के खिलाफ आंदोलन जारी रखने का फैसला किया। इसके लिए पूर्व मेयर अतर सिंह की अध्यक्षता में कमेटी बनाई जाएगी। बैठक में प्रदूषण की समस्या के साथ पुलिस कार्रवाई और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए।
महापंचायत में उठी डंपिंग यार्ड हटाने की मांग
भांकरी गांव और आसपास के इलाकों में नगर निगम की ओर से कचरा डालने का विरोध कई दिनों से चल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रिहायशी इलाकों के पास कूड़ा जमा होने से दुर्गंध फैल रही है। उन्हें डर है कि आगे चलकर इससे आसपास के पर्यावरण और लोगों की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है।
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इन्हीं समस्याओं को लेकर रविवार को सरकारी स्कूल में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। महापंचायत में 36 बिरादरी के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। ग्रामीणों ने कहा कि डंपिंग यार्ड का मुद्दा केवल एक गांव तक सीमित नहीं है। आसपास की कॉलोनियों में रहने वाले परिवार भी इससे प्रभावित हो सकते हैं।
बैठक में लोगों ने अपनी मांगों को लेकर संगठित तरीके से आवाज उठाने पर सहमति जताई।
पूर्व मेयर अतर सिंह संभालेंगे आंदोलन की कमान
महापंचायत में कांग्रेस नेता विजय प्रताप ने बताया कि आंदोलन को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने के लिए जल्द एक कमेटी गठित की जाएगी। इसकी अध्यक्षता पूर्व मेयर अतर सिंह करेंगे।
यह कमेटी ग्रामीणों के साथ बातचीत करके आगे की रणनीति तैयार करेगी। प्रशासन के सामने लोगों की मांगें रखने और विरोध प्रदर्शन से जुड़े फैसलों में भी इसकी भूमिका रहेगी।
विजय प्रताप ने कहा कि प्रदूषण के खिलाफ शुरू हुई इस लड़ाई में लोगों को एकजुट रहने की जरूरत है। महापंचायत में मौजूद लोगों ने भी आंदोलन को आगे बढ़ाने के फैसले का समर्थन किया।
NGT पहुंचा मामला, अब हाईकोर्ट जाने की तैयारी
डंपिंग यार्ड का विरोध अब कानूनी स्तर पर भी किया जा रहा है। पर्यावरणविद् जितेंद्र भड़ाना ने महापंचायत को संबोधित करते हुए बताया कि इस मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) में याचिका दायर की गई है।
उन्होंने कचरे से होने वाले प्रदूषण पर कार्रवाई की मांग उठाई। उनका कहना था कि लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
वहीं, प्रदर्शन के दौरान लोगों को हिरासत में लिए जाने का मामला भी अदालत ले जाने की तैयारी है। महापंचायत में बताया गया कि इस संबंध में दो दिन के भीतर हाईकोर्ट में याचिका दायर की जाएगी।
हालांकि, इन मामलों में अदालत की ओर से किसी आदेश की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
धरना हटाने के दौरान पुलिस से हुआ था टकराव
भांकरी में डंपिंग यार्ड का विवाद पिछले कई दिनों से बना हुआ है। शनिवार, 24 अक्टूबर को नगर निगम ने पुलिस की मौजूदगी में धरना स्थल खाली कराया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई और पथराव की घटना भी सामने आई।
कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया था। नगर निगम ने धरनास्थल पर लगे टेंट भी हटवा दिए थे। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों की नाराजगी बढ़ गई।
नगर निगम के संयुक्त आयुक्त अनिल यादव ने इससे पहले बताया था कि कचरे के निस्तारण की योजना तैयार की जा रही है। हालांकि, शहर का कचरा एकत्र करना भी जरूरी है। इसी कारण धरना हटाया गया था।
पार्षद और विधायक की गैरमौजूदगी पर जताई नाराजगी
महापंचायत में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के नहीं पहुंचने का मुद्दा भी उठा। एडवोकेट जितेंद्र ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्या लेकर एकत्र हुए हैं, लेकिन पार्षद और विधायक बैठक में मौजूद नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि लोगों की परेशानी सुनना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने महापंचायत से दूरी बनाने वाले जनप्रतिनिधियों से इस्तीफा देने की मांग भी की।
हालांकि, संबंधित जनप्रतिनिधियों की ओर से महापंचायत में नहीं पहुंचने का कारण सामने नहीं आया है।
अब आंदोलन की अगली रणनीति पर नजर
महापंचायत के बाद भांकरी में डंपिंग यार्ड का विवाद नए चरण में पहुंच गया है। ग्रामीण अब कमेटी के जरिए अपनी मांगों को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। दूसरी ओर, कचरा निस्तारण की व्यवस्था करना नगर निगम के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है।
आने वाले दिनों में प्रस्तावित कमेटी के गठन, अदालत में होने वाली कार्रवाई और प्रशासन के फैसलों पर लोगों की नजर रहेगी। फिलहाल ग्रामीणों ने डंपिंग यार्ड के विरोध में एकजुट रहने और अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया है।
फरीदाबाद के भांकरी डंपिंग यार्ड विवाद, महापंचायत के फैसलों और आगे की कानूनी कार्रवाई से जुड़ी जानकारी के लिए स्थानीय प्रशासन तथा संबंधित विभागों के आधिकारिक अपडेट देखते रहें।











