पांच सीटों पर उपचुनाव की तैयारी में जुटी DMK, स्टालिन ने नेताओं से मांगे उम्मीदवारों के नाम

तमिलनाडु की पांच विधानसभा सीटों पर संभावित उपचुनाव से पहले एमके स्टालिन ने DMK नेताओं की बैठक बुलाई। हर सीट से 5-6 उम्मीदवारों के नाम मांगे। जानें पूरा मामला।

तमिलनाडु में पांच विधानसभा सीटों पर संभावित उपचुनाव को लेकर DMK ने तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी अध्यक्ष एमके स्टालिन ने जिला सचिवों से बैठक कर प्रत्येक सीट के लिए पांच-छह उम्मीदवारों के नाम मांगे हैं। तारीखें अभी घोषित नहीं हुई हैं।

चेन्नई: तमिलनाडु में पांच विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन डीएमके ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शनिवार, 24 अक्टूबर को चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय अन्ना अरिवालयम में जिला सचिवों और वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई। इसमें करूर, पेरुंदुरई, अंबासमुद्रम, विरालीमलाई और तिरुचिरापल्ली पूर्व विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारियों पर बातचीत हुई। स्टालिन ने स्थानीय नेताओं से कहा कि चुनाव आयोग की घोषणा का इंतजार करने के बजाय अभी से संगठन को सक्रिय किया जाए। उन्होंने प्रत्येक सीट से पांच से छह संभावित उम्मीदवारों के नाम भी मांगे हैं।

पांच विधानसभा सीटों पर चुनाव की तैयारी शुरू

शनिवार को हुई बैठक में स्टालिन ने उन पांच सीटों की स्थिति जानी, जहां विधायकों के इस्तीफे के बाद उपचुनाव होने हैं। उन्होंने जिला सचिवों से पूछा कि संबंधित इलाकों में पार्टी की मौजूदा स्थिति क्या है और चुनाव लड़ने के लिए कौन से नेता उपयुक्त हो सकते हैं। इस दौरान प्रचार की तैयारियों और स्थानीय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने पर भी चर्चा हुई।

पार्टी नेतृत्व चाहता है कि चुनाव की तारीख घोषित होने से पहले ही उम्मीदवारों के चयन से जुड़ी शुरुआती प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। इसके लिए जिला इकाइयों से संभावित प्रत्याशियों की सूची मांगी गई है। स्टालिन ने नेताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ाने और मतदाताओं से संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए।

हर सीट से पांच-छह उम्मीदवारों के नाम मांगे

स्टालिन ने बैठक में उम्मीदवारों के चयन को विशेष महत्व दिया। उन्होंने जिला सचिवों से कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए कम से कम पांच या छह ऐसे नाम भेजे जाएं, जिनकी स्थानीय लोगों के बीच अच्छी पहचान हो। सूची तैयार करते समय पार्टी के लिए लंबे समय से काम कर रहे नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी ध्यान में रखने को कहा गया है।

डीएमके नेतृत्व के मुताबिक, केवल संगठन में पद होना टिकट पाने का आधार नहीं होगा। उम्मीदवार की चुनाव जीतने की क्षमता, जनता के बीच उसकी छवि और क्षेत्र में उसकी सक्रियता को भी देखा जाएगा। जिला इकाइयों से सूची मिलने के बाद वरिष्ठ नेता सभी नामों पर विचार करेंगे। अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा। फिलहाल किसी सीट पर उम्मीदवार की घोषणा नहीं की गई है।

करूर से लेकर तिरुचिरापल्ली तक नेताओं के साथ चर्चा

बैठक में पांचों विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े नेताओं को बुलाया गया था। तिरुचिरापल्ली पूर्व सीट के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता केएन नेहरू और अनबिल महेश पोय्यामोझी के साथ बातचीत हुई। विरालीमलाई को लेकर केके चेल्लापांडियन से चर्चा की गई, जबकि करूर की राजनीतिक स्थिति पर वी सेंथिल बालाजी से जानकारी ली गई।

इसी तरह पेरुंदुरई सीट के लिए एस मुथुसामी और अंबासमुद्रम के लिए आर अवुदैयप्पन के साथ विचार-विमर्श हुआ। स्थानीय नेताओं ने अपने-अपने इलाकों में पार्टी की स्थिति और चुनावी तैयारियों के बारे में बताया। इन चर्चाओं के आधार पर आने वाले दिनों में आगे की रणनीति बनाई जाएगी।

मदुरांतकम और धारापुरम में दूसरे नंबर पर रही थी DMK

डीएमके की यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब तमिलनाडु की दो विधानसभा सीटों पर हाल ही में उपचुनाव हुए हैं। छह अक्टूबर को मदुरांतकम और धारापुरम में मतदान कराया गया था। नौ अक्टूबर को आए नतीजों में दोनों सीटें सत्तारूढ़ तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) ने जीतीं। हालांकि डीएमके उम्मीदवार दोनों जगह दूसरे स्थान पर रहे और AIADMK तीसरे नंबर पर खिसक गई।

मदुरांतकम में TVK की के. मरगथम कुमारवेल को 74,048 वोट मिले थे। डीएमके के आई. परंधामन ने 54,008 वोट हासिल किए। यहां जीत का अंतर 20,040 वोट रहा। धारापुरम में TVK की पी. सत्यभामा ने डीएमके उम्मीदवार एस. सुगन्या को 9,471 वोटों से हराया।

दोनों सीटों पर हार के बावजूद डीएमके को उम्मीद है कि आगे के मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन किया जा सकता है। इसी वजह से पार्टी ने अगले उपचुनावों के लिए तैयारी तेज कर दी है।

पांचों विधानसभा सीटें खाली कैसे हुईं?

जिन पांच सीटों पर उपचुनाव की संभावना है, उनमें चार सीटें पहले AIADMK के पास थीं। करूर, पेरुंदुरई, विरालीमलाई और अंबासमुद्रम से चुने गए विधायकों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद ये नेता सत्तारूढ़ TVK से जुड़ गए।

करूर से एमआर विजयभास्कर, विरालीमलाई से सी. विजयभास्कर, पेरुंदुरई से एस. जयकुमार और अंबासमुद्रम से इसक्की सुब्बैया ने विधानसभा की सदस्यता छोड़ी थी। इन इस्तीफों के कारण चारों सीटें खाली हुईं।

पांचवीं सीट तिरुचिरापल्ली पूर्व है। यहां से अभिनेता से राजनेता बने सी. जोसेफ विजय चुनाव जीते थे। विजय ने विधानसभा चुनाव में पेरंबूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व दोनों सीटों पर जीत हासिल की थी। बाद में उन्होंने पेरंबूर सीट अपने पास रखी और तिरुचिरापल्ली पूर्व से इस्तीफा दे दिया। विजय इस समय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री हैं।

कानूनी विवाद के कारण अब तक घोषित नहीं हुई तारीख

पांच विधानसभा सीटें खाली होने के बावजूद चुनाव आयोग ने अभी तक इनके उपचुनाव का कार्यक्रम जारी नहीं किया है। इसके पीछे अदालत में चल रहा कानूनी विवाद है। इन सीटों पर पहले चुनाव जीतने वाले उम्मीदवारों के निर्वाचन को चुनौती देते हुए मद्रास हाई कोर्ट में याचिकाएं दाखिल की गई थीं।

बाद में विधायकों के इस्तीफे के बावजूद चुनाव याचिकाएं लंबित होने का सवाल उठा। इसी आधार पर उपचुनाव कराने के खिलाफ भी अदालत में मामला पहुंचा। मद्रास हाई कोर्ट ने पांचों सीटों के लिए चुनाव अधिसूचना जारी करने पर अंतरिम रोक लगाई थी।

एक अक्टूबर को अदालत ने संबंधित याचिका पर सुनवाई पूरी करने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया था। चुनाव आयोग ने भी कहा था कि कानूनी अड़चन दूर होने के बाद ही आगे की चुनावी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसलिए अभी मतदान की कोई तारीख तय नहीं है।

विजय की TVK से फिर होगा DMK का मुकाबला

तमिलनाडु की राजनीति में इस समय मुख्यमंत्री विजय की TVK और विपक्षी डीएमके के बीच मुकाबला महत्वपूर्ण हो गया है। मई 2026 के विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद डीएमके अब उपचुनावों के जरिए अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करना चाहती है।

मदुरांतकम और धारापुरम में TVK ने जीत दर्ज करके अपना विधानसभा संख्या बल बढ़ाया था। इन नतीजों के बाद अगले पांच उपचुनावों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर इसलिए क्योंकि इनमें से चार सीटें पहले AIADMK के पास थीं और वहां से जीतने वाले नेता अब TVK से जुड़ चुके हैं।

इन क्षेत्रों में डीएमके, TVK, AIADMK और नाम तमिलर काची के बीच मुकाबला हो सकता है। हालांकि वास्तविक चुनावी तस्वीर उम्मीदवारों की घोषणा और संभावित गठबंधनों की स्थिति साफ होने के बाद ही सामने आएगी।

कार्यकर्ताओं को अभी से जनता के बीच जाने के निर्देश

स्टालिन चाहते हैं कि पार्टी के नेता चुनाव की घोषणा होने तक खाली न बैठें। उन्होंने स्थानीय पदाधिकारियों से कहा कि वे अपने इलाकों में संगठन की गतिविधियां बढ़ाएं और मतदाताओं से संपर्क करें। पार्टी के लिए लंबे समय से काम कर रहे कार्यकर्ताओं को भी चुनावी तैयारियों में शामिल करने पर जोर दिया गया है।

डीएमके का मानना है कि क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहने वाले उम्मीदवारों को जनता के बीच पहचान बनाने में आसानी होती है। इसलिए उम्मीदवारों की सूची तैयार करते समय ऐसे नेताओं को प्राथमिकता देने पर विचार किया जाएगा, जो स्थानीय समस्याओं को जानते हों और अपने क्षेत्र में नियमित रूप से काम करते रहे हों।

चुनाव आयोग की घोषणा से पहले तैयारी पूरी करना चाहती है DMK

डीएमके नेतृत्व के सामने अभी उम्मीदवारों का चयन और पांचों विधानसभा क्षेत्रों में संगठन को सक्रिय करना सबसे बड़ा काम है। जिला सचिवों को नामों की सूची जल्द भेजने के लिए कहा गया है, ताकि पार्टी को उम्मीदवार तय करने और प्रचार की योजना बनाने के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

दूसरी ओर उपचुनाव की तारीख को लेकर स्थिति अदालत की कार्यवाही और चुनाव आयोग के फैसले पर निर्भर करेगी। जब तक चुनाव कार्यक्रम जारी नहीं होता, तब तक यह स्पष्ट नहीं कहा जा सकता कि पांचों सीटों पर मतदान कब होगा।

फिलहाल स्टालिन ने अपनी पार्टी को चुनावी तैयारी में जुटने का संदेश दे दिया है। मदुरांतकम और धारापुरम में दूसरे स्थान पर रहने के बाद डीएमके की कोशिश अब इन पांच सीटों पर बेहतर प्रदर्शन करने की है।

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