फाइनल आंकड़ों में बढ़ा मतदान प्रतिशत, पटना स्नातक सीट पर 21.37 फीसदी अंक का उछाल

बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के अंतिम आंकड़े जारी। पटना स्नातक सीट पर मतदान 21.37 प्रतिशत अंक बढ़ा। जानें 27 अक्टूबर को कब होगी मतगणना।

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर मतदान के अंतिम आंकड़े जारी हो गए हैं। पटना स्नातक सीट पर सबसे ज्यादा 21.37 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 82.85 फीसदी मतदान दर्ज किया गया।

पटना: बिहार विधान परिषद चुनाव 2026 में शुक्रवार को हुए मतदान की तस्वीर अंतिम आंकड़े आने के बाद बदल गई है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने शनिवार, 24 अक्टूबर को आठ सीटों का फाइनल वोटिंग प्रतिशत जारी किया। शुरुआती आंकड़ों के मुकाबले कई सीटों पर मतदान प्रतिशत बढ़ा है। सबसे ज्यादा अंतर पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में देखने को मिला, जहां पहले जारी आंकड़े से मतदान प्रतिशत 21.37 अंक अधिक रहा। अब उम्मीदवारों और उनके समर्थकों की नजर 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना पर है।

शिक्षक सीटों पर ज्यादा वोटिंग, स्नातक मतदाता रहे पीछे

बिहार विधान परिषद की चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन सीटों के लिए 23 अक्टूबर को वोट डाले गए थे। अंतिम आंकड़ों के मुताबिक शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में औसतन 82.85 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं, स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों का औसत मतदान 53.42 प्रतिशत रहा।

फाइनल आंकड़ों में बढ़ा मतदान प्रतिशत, पटना स्नातक सीट पर 21.37 फीसदी अंक का उछाल

दोनों श्रेणियों के बीच मतदान का अंतर करीब 29.43 प्रतिशत अंक है। इससे साफ है कि इस चुनाव में शिक्षक मतदाताओं की भागीदारी स्नातक मतदाताओं से कहीं अधिक रही।

शुक्रवार शाम चार बजे तक मिले आंकड़ों में शिक्षक सीटों पर 74.55 प्रतिशत और स्नातक सीटों पर 43.87 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई थी। बाद में इन आंकड़ों में क्रमशः 8.30 और 9.55 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई।

पटना स्नातक सीट के आंकड़ों में सबसे बड़ा बदलाव

इस चुनाव में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का मतदान प्रतिशत चर्चा में है। शुरुआती रिपोर्ट और अंतिम आंकड़ों की तुलना करने पर यहां 21.37 प्रतिशत अंक का अंतर सामने आया है। यह सभी आठ निर्वाचन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा है।

पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदान प्रतिशत में भी बदलाव हुआ है। शिक्षक कोटे की सीटों में शुरुआती और अंतिम आंकड़ों के बीच सबसे अधिक अंतर इसी क्षेत्र में दर्ज किया गया।

मतदान के इन नए आंकड़ों के सामने आने के बाद उम्मीदवारों के समर्थक भी अंतिम परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, मतदान प्रतिशत बढ़ने से किसी उम्मीदवार की जीत या हार का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी।

शाम चार बजे के बाद क्यों बढ़ गया मतदान प्रतिशत?

मतदान के शुरुआती और अंतिम आंकड़ों में इतना अंतर क्यों आया, इसे लेकर निर्वाचन कार्यालय ने स्थिति स्पष्ट की है। शुक्रवार को मतदान का निर्धारित समय शाम चार बजे तक था, लेकिन उस समय कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें लगी हुई थीं।

नियमों के अनुसार निर्धारित समय तक कतार में मौजूद मतदाताओं को वोट डालने का मौका दिया गया। ऐसे मतदाताओं ने देर शाम तक मतदान किया।

चार बजे तक जारी रिपोर्ट में इन सभी वोटों की गिनती शामिल नहीं थी। मतदान समाप्त होने और केंद्रों से पूरी जानकारी मिलने के बाद अंतिम प्रतिशत तैयार किया गया। इसी कारण शनिवार को जारी आंकड़े पहले के मुकाबले अधिक रहे।

सारण शिक्षक सीट पर सबसे ज्यादा मतदान

आठ निर्वाचन क्षेत्रों की बात करें तो सारण शिक्षक सीट पर सबसे अधिक 89.05 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यहां शिक्षक मतदाताओं ने बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

दूसरी ओर, तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सबसे कम 48.51 प्रतिशत मतदान हुआ। यह आंकड़ा स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के औसत मतदान प्रतिशत से भी नीचे रहा।

शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान के इस अंतर ने चुनाव को लेकर दिलचस्पी बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि अधिक मतदान वाली सीटों पर मतदाताओं का रुझान किस उम्मीदवार के पक्ष में जाता है।

150 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला 27 अक्टूबर को

बिहार विधान परिषद की इन आठ सीटों पर कुल 150 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें स्नातक कोटे की चार सीटों पर 90 और शिक्षक कोटे की चार सीटों पर 60 प्रत्याशी हैं।

मतदान पूरा होने के साथ ही सभी उम्मीदवारों की किस्मत मतपेटियों में बंद हो चुकी है। अब 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। परिणाम देर रात तक सामने आने की संभावना है।

फिलहाल उम्मीदवारों की नजर उन क्षेत्रों पर भी है, जहां शुरुआती आंकड़ों के मुकाबले मतदान प्रतिशत में बड़ा बदलाव हुआ है। पटना स्नातक सीट इनमें सबसे प्रमुख है।

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