ईरान युद्ध और महंगाई पर ओबामा ने ट्रम्प को घेरा, राष्ट्रपति बोले- अमेरिका का स्वर्णिम दौर चल रहा

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ओबामा ने ईरान युद्ध और महंगाई पर ट्रम्प को घेरा। ट्रम्प ने जॉर्जिया में टैरिफ और आव्रजन नीतियों का बचाव किया। 3 नवंबर को मतदान।

अमेरिका में 3 नवंबर के मध्यावधि चुनाव से पहले बराक ओबामा ने ईरान युद्ध और महंगाई को लेकर डोनाल्ड ट्रम्प पर हमला बोला। वहीं, ट्रम्प ने जॉर्जिया की रैली में टैरिफ और आव्रजन नीतियों का बचाव करते हुए उपलब्धियां गिनाईं।

वॉशिंगटन: अमेरिका में मध्यावधि चुनाव से महज दस दिन पहले पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प खुलकर चुनाव प्रचार में उतर आए हैं। शनिवार, 24 अक्टूबर को ओबामा ने ओहायो और मिशिगन में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों के समर्थन में रैलियां कीं। उन्होंने ईरान के साथ युद्ध, पेट्रोल की बढ़ती कीमतों और ट्रम्प सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए। दूसरी ओर ट्रम्प ने जॉर्जिया में रिपब्लिकन समर्थकों को संबोधित करते हुए दावा किया कि उनके नेतृत्व में अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है। तीन नवंबर को होने वाला चुनाव तय करेगा कि अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में किस पार्टी का बहुमत रहेगा।

ओबामा बोले- ट्रम्प सरकार की मनमानी रोकने का मौका

ओहायो के क्लीवलैंड में आयोजित रैली में ओबामा ने ट्रम्प प्रशासन के पिछले दो वर्षों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि देश ने अव्यवस्था, क्रूरता, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक नाकामी का ऐसा दौर देखा है, जिसकी आधुनिक अमेरिकी राजनीति में मिसाल मिलना मुश्किल है।

ओबामा ने लोगों से कहा कि तीन नवंबर को मतदान करके वे सरकार को संदेश दे सकते हैं कि अब बहुत हो चुका। उन्होंने इस चुनाव को ट्रम्प प्रशासन के फैसलों पर अंकुश लगाने का महत्वपूर्ण अवसर बताया।

पूर्व राष्ट्रपति ओहायो में डेमोक्रेटिक सीनेट उम्मीदवार शेरोड ब्राउन और गवर्नर पद की उम्मीदवार एमी एक्टन के समर्थन में पहुंचे थे। दोनों का मुकाबला रिपब्लिकन उम्मीदवारों से है। ओबामा ने आरोप लगाया कि रिपब्लिकन नेता आम परिवारों की परेशानियों से ज्यादा अपने राजनीतिक हितों को महत्व दे रहे हैं।

ईरान युद्ध पर ट्रम्प की विदेश नीति को घेरा

ओबामा के भाषण में ईरान युद्ध प्रमुख मुद्दा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रम्प ने अमेरिका को ऐसे युद्ध में उलझाया, जिसकी जनता ने मांग नहीं की थी। उनके मुताबिक, इस फैसले का सीधा असर तेल की कीमतों और अमेरिकी परिवारों के खर्च पर पड़ रहा है।

ओबामा ने अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान हुए ईरान परमाणु समझौते का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि कूटनीति के जरिए ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नियंत्रण रखने की व्यवस्था बनाई गई थी, लेकिन ट्रम्प ने अपने पहले कार्यकाल में अमेरिका को उस समझौते से बाहर कर लिया।

पूर्व राष्ट्रपति ने दावा किया कि युद्ध ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित करने की अधिक ताकत दे दी है। यह समुद्री रास्ता अंतरराष्ट्रीय तेल व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हालांकि युद्ध के परिणामों को लेकर ओबामा के ये राजनीतिक आकलन हैं, कोई सर्वसम्मत निष्कर्ष नहीं।

महंगाई पर बोले- मौजूदा हालात के लिए जिम्मेदार कौन?

क्लीवलैंड में ओबामा ने माना कि 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में बहुत से मतदाता महंगाई और आर्थिक परेशानियों के कारण डेमोक्रेटिक पार्टी से नाराज थे। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के बाद कीमतों में बढ़ोतरी ने लोगों के घरेलू बजट पर असर डाला था।

लेकिन ओबामा का आरोप है कि ट्रम्प ने सत्ता में आने के बाद स्थिति सुधारने के बजाय कुछ ऐसे फैसले किए, जिनसे खर्च और बढ़ गया। उन्होंने विशेष रूप से ईरान युद्ध और टैरिफ नीति पर सवाल उठाए।

ओबामा ने कहा कि किसी भी राष्ट्रपति के हाथ में पूरी अर्थव्यवस्था का नियंत्रण नहीं होता, लेकिन सरकार के अपने फैसलों की जिम्मेदारी उससे जरूर पूछी जानी चाहिए। डेमोक्रेटिक पार्टी अब महंगाई और स्वास्थ्य सेवाओं की लागत को प्रमुख चुनावी मुद्दा बना रही है।

व्हाइट हाउस की सजावट पर भी कसा तंज

भाषण के दौरान ओबामा ने ट्रम्प की व्हाइट हाउस में कराई जा रही सजावट का मजाक भी उड़ाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति आम लोगों की परेशानियां हल करने के बजाय इमारत की सजावट पर ज्यादा ध्यान देते दिखाई दे रहे हैं।

उन्होंने व्हाइट हाउस में सोने के रंग वाली सजावट और नए निर्माण कार्यों को लेकर व्यंग्य किया। साथ ही रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठाए।

ओबामा ने ट्रम्प प्रशासन पर भ्रष्टाचार और निजी आर्थिक हितों को सरकारी फैसलों से जोड़ने के आरोप लगाए। इन आरोपों पर व्हाइट हाउस की ओर से तत्काल विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

मिशिगन में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार के लिए मांगे वोट

क्लीवलैंड के बाद ओबामा मिशिगन के डेट्रॉयट पहुंचे। यहां उन्होंने सीनेट चुनाव लड़ रहे डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल-सैयद और गवर्नर पद की उम्मीदवार जोसलीन बेन्सन के समर्थन में सभा की।

अल-सैयद का मुकाबला रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स से है। ओबामा ने उनकी नीतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह स्वास्थ्य सेवाओं और आम लोगों की आर्थिक स्थिति सुधारने की बात कर रहे हैं।

पूर्व राष्ट्रपति ने अल-सैयद के नाम और मुस्लिम पहचान को लेकर किए जा रहे राजनीतिक हमलों की भी आलोचना की। उन्होंने याद दिलाया कि राष्ट्रपति चुनाव लड़ते समय उनके धर्म और जन्मस्थान को लेकर भी गलत दावे किए गए थे।

ओबामा ने मिशिगन के मतदाताओं से चुनाव में भाग लेने की अपील की। उनका कहना था कि संसद में बदलाव लाकर सरकार से अधिक जवाबदेही मांगी जा सकती है।

ईरान युद्ध और महंगाई पर ओबामा ने ट्रम्प को घेरा, राष्ट्रपति बोले- अमेरिका का स्वर्णिम दौर चल रहा

जॉर्जिया में ट्रम्प बोले- अमेरिका मजबूत हो रहा है

ओबामा के हमलों के बीच डोनाल्ड ट्रम्प ने जॉर्जिया के पेरी शहर में चुनावी रैली की। उन्होंने अपनी आर्थिक, व्यापार और आव्रजन नीतियों का बचाव किया। ट्रम्प ने समर्थकों से कहा कि अमेरिका स्वर्णिम दौर से गुजर रहा है और देश लगातार मजबूत हो रहा है।

राष्ट्रपति ने स्वीकार किया कि पेट्रोल की कीमतें फिलहाल अधिक हैं, लेकिन उनका दावा था कि यह स्थिति अस्थायी है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में ईंधन सस्ता होगा।

ट्रम्प ने कहा कि आयात शुल्क यानी टैरिफ से सरकार को बड़ी रकम मिल रही है। उनके मुताबिक, विदेशी कंपनियां अमेरिका में नए कारखाने लगाने और निवेश बढ़ाने के लिए आगे आ रही हैं।

हालांकि टैरिफ से होने वाली सरकारी आय और उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले वास्तविक आर्थिक असर का आकलन उनके चुनावी दावों से अलग विषय है।

हर वयस्क को 5000 डॉलर देने का वादा दोहराया

ट्रम्प ने अपने चुनाव प्रचार में एक बार फिर अमेरिकी वयस्क नागरिकों को 5,000 डॉलर देने का प्रस्ताव उठाया। उन्होंने कहा कि यदि रिपब्लिकन पार्टी प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों में बहुमत हासिल करती है, तो वह इस भुगतान की व्यवस्था करना चाहेंगे।

राष्ट्रपति का दावा है कि टैरिफ से मिलने वाली रकम का उपयोग इस योजना में किया जा सकता है। हालांकि यह फिलहाल चुनावी वादा है। भुगतान की अंतिम पात्रता, वित्तीय व्यवस्था और जरूरी कानूनी मंजूरी तय नहीं हुई है।

ट्रम्प ने आव्रजन के मुद्दे पर भी डेमोक्रेटिक पार्टी को निशाना बनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की नीतियों से सीमा सुरक्षा कमजोर होगी। कुछ देशों से आने वाले प्रवासियों के बारे में उन्होंने आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया।

मेलानिया के साथ ट्रम्प ने पहले ही डाल दिया वोट

शनिवार को जॉर्जिया की रैली में जाने से पहले ट्रम्प ने फ्लोरिडा के वेस्ट पाम बीच में मतदान किया। उनके साथ पत्नी और अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रम्प भी मौजूद थीं।

ट्रम्प ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया है। फ्लोरिडा में 24 अक्टूबर से अर्ली वोटिंग शुरू हुई थी, जिसके तहत मतदाता निर्धारित चुनाव दिवस से पहले भी वोट डाल सकते हैं।

मतदान के बाद ईरान युद्ध पर पूछे गए सवाल के जवाब में ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका समझौते की कोशिश कर सकता है या जरूरत पड़ने पर आगे सैन्य कार्रवाई भी कर सकता है। उन्होंने दोनों परिस्थितियों में अमेरिकी जीत का दावा किया।

3 नवंबर का चुनाव क्यों है इतना महत्वपूर्ण?

अमेरिका में तीन नवंबर को मध्यावधि चुनाव होंगे। इस दौरान प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों पर मतदान होगा। इनमें सीनेट के दो विशेष चुनाव भी शामिल हैं।

फिलहाल अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत है। डेमोक्रेटिक पार्टी को प्रतिनिधि सभा या सीनेट में बहुमत मिलने पर ट्रम्प सरकार के लिए कानून पारित कराना और कुछ महत्वपूर्ण फैसलों पर समर्थन जुटाना कठिन हो सकता है।

विपक्षी बहुमत के बाद संसदीय समितियां सरकारी फैसलों की जांच भी बढ़ा सकती हैं। हालांकि राष्ट्रपति के पास वीटो और कई कार्यकारी अधिकार बने रहेंगे।

इसलिए चुनाव ट्रम्प को राष्ट्रपति पद से नहीं हटाएगा, लेकिन उनके शेष दो वर्षों के कार्यकाल में संसद की भूमिका बदल सकता है।

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