ब्राजील में आज राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर की वोटिंग होगी। मौजूदा राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा का मुकाबला फ्लावियो बोल्सोनारो से है। पहले दौर में बोल्सोनारो आगे थे। अंतिम सर्वे में दोनों के बीच कड़ी टक्कर दिखाई दे रही है।''
ब्रासीलिया: ब्राजील में रविवार, 25 अक्टूबर को राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर के लिए वोट डाले जाएंगे। मुकाबला मौजूदा राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा और पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे फ्लावियो बोल्सोनारो के बीच है। चार अक्टूबर को हुए पहले दौर में बोल्सोनारो ने लूला को करीब 22 लाख वोटों से पीछे छोड़ दिया था। हालांकि दोनों में से किसी को भी जीत के लिए जरूरी 50 प्रतिशत से अधिक वैध वोट नहीं मिले। अब देश के करीब 15.87 करोड़ मतदाता नए राष्ट्रपति का फैसला करेंगे। मतदान से ठीक पहले आए सर्वे बता रहे हैं कि दोनों उम्मीदवारों के बीच मुकाबला बेहद करीबी है।
पहले दौर में लूला से आगे निकले थे फ्लावियो बोल्सोनारो
ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव का पहला दौर चार अक्टूबर को हुआ था। इसमें फ्लावियो बोल्सोनारो को 47.04 प्रतिशत वोट मिले, जबकि लूला दा सिल्वा 45.15 प्रतिशत वोट हासिल कर सके। दोनों के बीच करीब 22.5 लाख वोटों का अंतर रहा। पहले दौर में बोल्सोनारो को पांच करोड़ 60 लाख से अधिक लोगों ने वोट दिया था। वहीं, लूला के पक्ष में करीब पांच करोड़ 38 लाख वोट पड़े।
ब्राजील में राष्ट्रपति बनने के लिए आधे से ज्यादा वैध वोट हासिल करना जरूरी है। पहले दौर में कोई उम्मीदवार यह आंकड़ा पार नहीं कर पाया था। इसी वजह से रविवार को दूसरे दौर का मतदान हो रहा है। इस बार मुकाबले में सिर्फ दो उम्मीदवार हैं। जिसे ज्यादा वैध वोट मिलेंगे, वही देश का अगला राष्ट्रपति बनेगा।
आखिरी सर्वे में बोल्सोनारो को मामूली बढ़त
चुनाव से एक दिन पहले शनिवार को कई नए सर्वे सामने आए। इनमें बोल्सोनारो को लूला पर मामूली बढ़त मिली है। हालांकि अंतर इतना कम है कि नतीजे को लेकर कुछ भी निश्चित नहीं कहा जा सकता।
CNT/MDA के सर्वे में बोल्सोनारो को 46.3 प्रतिशत और लूला को 45 प्रतिशत समर्थन मिला। वहीं, डेटाफोल्हा के सर्वे में बोल्सोनारो 48 प्रतिशत और लूला 47 प्रतिशत पर रहे। दोनों सर्वे की त्रुटि सीमा को देखते हुए मुकाबले को लगभग बराबरी का माना जा रहा है।
पिछले कुछ दिनों में लूला ने अपने प्रतिद्वंद्वी से अंतर कम किया है। अब दोनों उम्मीदवारों की नजर उन मतदाताओं पर है, जिन्होंने पहले दौर में किसी दूसरे प्रत्याशी को वोट दिया था या मतदान करने नहीं पहुंचे थे।
भारत में शाम 4:30 बजे शुरू होगी वोटिंग
ब्राजील में रविवार सुबह आठ बजे मतदान शुरू होगा और शाम पांच बजे तक चलेगा। यह समय ब्रासीलिया के अनुसार है। भारतीय समय के मुताबिक वोटिंग रविवार शाम 4:30 बजे शुरू होगी और सोमवार, 26 अक्टूबर की रात 1:30 बजे समाप्त होगी।
ब्राजील में मतदान के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों का इस्तेमाल होता है। मतदान खत्म होने के बाद वोटों की गिनती शुरू होगी। शुरुआती रुझान भारतीय समय के अनुसार सोमवार तड़के आने लगेंगे।
चुनाव आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर मतगणना से जुड़े आंकड़े देखे जा सकेंगे। पिछले चुनावों में ब्राजील में मतदान समाप्त होने के कुछ घंटों के भीतर ही नतीजों की तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई थी।
महंगाई और अपराध को लेकर दोनों नेताओं में तीखी बहस
चुनाव प्रचार के आखिरी दिनों में लूला और बोल्सोनारो ने अर्थव्यवस्था, महंगाई, अपराध और भ्रष्टाचार को प्रमुख मुद्दा बनाया। शुक्रवार, 23 अक्टूबर को दोनों नेता आखिरी टेलीविजन बहस में आमने-सामने आए। इस दौरान एक-दूसरे की नीतियों के साथ निजी आरोपों पर भी बहस हुई।
लूला ने कहा कि उनकी सरकार ने न्यूनतम वेतन बढ़ाने, गरीब परिवारों की मदद करने और भुखमरी कम करने के लिए काम किया है। उन्होंने अपनी सरकार की सामाजिक योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि गरीबों की आर्थिक स्थिति सुधारना उनकी प्राथमिकता रही है।
दूसरी ओर फ्लावियो बोल्सोनारो ने खाने-पीने की चीजों के बढ़ते दाम, परिवारों पर कर्ज और अपराध को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार लोगों की सुरक्षा और रोजमर्रा के खर्च को नियंत्रित करने में सफल नहीं रही है।
80 साल के लूला चौथी बार राष्ट्रपति बनना चाहते हैं
लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ब्राजील की राजनीति के पुराने और अनुभवी नेताओं में शामिल हैं। उन्होंने पहली बार 2003 में राष्ट्रपति पद संभाला था। इसके बाद 2010 तक लगातार दो कार्यकाल पूरे किए। साल 2022 का चुनाव जीतकर वह जनवरी 2023 में तीसरी बार राष्ट्रपति बने।
अब 80 साल के लूला चौथी बार राष्ट्रपति बनने की कोशिश कर रहे हैं। वह वर्कर्स पार्टी के नेता हैं और उन्हें मजदूरों तथा कम आय वाले परिवारों का मजबूत समर्थन मिलता रहा है।
उनकी सरकार ने गरीब परिवारों के लिए आर्थिक सहायता, वेतन बढ़ोतरी और सामाजिक कल्याण की योजनाओं पर काम किया है। हालांकि इस बार महंगाई, अपराध और भ्रष्टाचार से जुड़े विवादों ने उनकी चुनावी राह मुश्किल बनाई है। लगातार तीसरे कार्यकाल की कोशिश नहीं, बल्कि अपने राजनीतिक जीवन का चौथा राष्ट्रपति कार्यकाल हासिल करना उनका लक्ष्य है।
पहली बार राष्ट्रपति चुनाव लड़ रहे फ्लावियो बोल्सोनारो
फ्लावियो बोल्सोनारो ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बड़े बेटे हैं। वह रियो डी जेनेरो से सीनेटर हैं और पेशे से वकील भी हैं। यह उनका पहला राष्ट्रपति चुनाव है। फ्लावियो अपने पिता की दक्षिणपंथी राजनीति को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
उनके पिता जायर बोल्सोनारो 2019 से 2022 तक राष्ट्रपति रहे थे। सितंबर 2025 में ब्राजील की सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 2022 का चुनाव हारने के बाद सत्ता में बने रहने के लिए तख्तापलट की साजिश रचने के मामले में दोषी ठहराया था। उन्हें 27 साल और तीन महीने की सजा सुनाई गई।
जायर बोल्सोनारो खुद चुनाव नहीं लड़ सकते। ऐसे में उनके समर्थकों की उम्मीदें अब फ्लावियो पर टिकी हैं। फ्लावियो ने अपराध पर सख्ती, महंगाई कम करने और आर्थिक नीतियों में बदलाव का वादा किया है।
3.3 करोड़ लोगों ने पहले दौर में नहीं डाला था वोट
ब्राजील के इस चुनाव में उन लोगों की भूमिका अहम हो सकती है, जो चार अक्टूबर को वोट डालने नहीं पहुंचे थे। चुनाव आयोग के मुताबिक पहले दौर में 21.08 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान नहीं किया। इनकी संख्या करीब 3 करोड़ 34 लाख थी।
ब्राजील में 18 से 70 साल के अधिकांश साक्षर नागरिकों के लिए मतदान अनिवार्य है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग वोट देने नहीं पहुंचे। कुछ लोगों ने मतदान से दूरी बनाई, जबकि अन्य मतदाता निजी या दूसरी परिस्थितियों के कारण मतदान नहीं कर सके।
दोनों उम्मीदवार इन मतदाताओं को अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रहे हैं। पहले दौर में करीब 22 लाख वोटों का अंतर था। ऐसे में मतदान प्रतिशत में मामूली बदलाव भी अंतिम नतीजे को प्रभावित कर सकता है।
अमेरिका और चीन की भी ब्राजील चुनाव पर नजर
ब्राजील दक्षिण अमेरिका का सबसे बड़ा देश और लैटिन अमेरिका की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। वह BRICS समूह का संस्थापक सदस्य भी है। इसलिए राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों का असर उसकी विदेश नीति और व्यापारिक रिश्तों पर पड़ सकता है।
लूला ने अपने कार्यकाल में चीन और BRICS देशों के साथ आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है। उनकी सरकार अमेरिका के साथ भी संबंध बनाए रखने की पक्षधर रही है, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की व्यापार नीतियों और ब्राजील के आंतरिक मामलों को लेकर अमेरिकी रुख की आलोचना करती रही है।
फ्लावियो बोल्सोनारो को ट्रम्प के करीबी राजनीतिक नेताओं में गिना जाता है। उन्होंने अमेरिका के साथ व्यापार और निवेश संबंधी समझौते मजबूत करने की बात कही है। खासकर दुर्लभ खनिजों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर उनका जोर रहा है।
चुनाव से तय होगी ब्राजील की आगे की राजनीतिक दिशा
ब्राजील में यह मुकाबला केवल दो उम्मीदवारों तक सीमित नहीं है। दोनों नेताओं की आर्थिक, सामाजिक और विदेश नीतियों में बड़ा अंतर है। लूला सामाजिक सहायता और सरकारी योजनाओं को महत्व देते हैं, जबकि फ्लावियो सुरक्षा, बाजार आधारित आर्थिक नीतियों और अमेरिका के साथ नजदीकी संबंधों पर जोर दे रहे हैं।










