रामंथापुर में कबाड़ की दुकान में धमाके के बाद लगी आग, मालिक बुरी तरह झुलसा

हैदराबाद के रामंथापुर में रविवार को कबाड़ की दुकान में धातु काटते समय आग भड़क उठी। दुकान मालिक 43 वर्षीय परशुराम गंभीर रूप से झुलस गए। दमकल टीम ने आग बुझाई।

हैदराबाद के रामंथापुर में रविवार को कबाड़ की दुकान में धातु काटते समय आग भड़क उठी। दुकान मालिक 43 वर्षीय परशुराम गंभीर रूप से झुलस गए। दमकल की दो गाड़ियों ने आग बुझाई। हादसे का कारण अभी स्पष्ट नहीं है।

हैदराबाद: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के रामंथापुर इलाके में रविवार, 25 अक्टूबर की सुबह कबाड़ की एक दुकान में अचानक आग लग गई। हादसे में दुकान चलाने वाले 43 वर्षीय तथिरी परशुराम गंभीर रूप से झुलस गए। वह दुकान के भीतर धातु काटने का काम कर रहे थे। इसी दौरान धमाके की खबर सामने आई और आग फैल गई। दुकान में रखी फोम सामग्री के कारण लपटें तेजी से बढ़ने की बात कही जा रही है। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की दो गाड़ियां पहुंचीं और आग पर काबू पाया। परशुराम का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस और दमकल विभाग आग लगने की वजह पता लगाने में जुटे हैं।

सुबह 11:15 बजे कबाड़ की दुकान में क्या हुआ?

घटना उप्पल पुलिस थाना क्षेत्र की चर्च कॉलोनी में हुई। परशुराम अपने मकान के ग्राउंड फ्लोर पर कबाड़ की दुकान चलाते हैं। रविवार सुबह वह दुकान में रखी धातु को काट रहे थे। इसी दौरान अचानक आग भड़क उठी। कुछ स्थानीय रिपोर्टों में तेज धमाके का भी जिक्र किया गया है।

जिस जगह आग लगी, वह दो मंजिलों वाले मकान का निचला हिस्सा है। दुकान में कबाड़ के अलावा अन्य सामग्री भी रखी हुई थी। आग लगने के बाद परशुराम उसकी चपेट में आ गए। आसपास के लोगों को घटना का पता चला तो मदद के लिए पहुंचे और दमकल विभाग को सूचना दी गई।

अधिकारियों के मुताबिक, आपातकालीन सूचना सुबह करीब 11:15 बजे मिली थी। इसके बाद दमकल की गाड़ियां घटनास्थल के लिए रवाना हुईं।

दुकान में रखी फोम से तेजी से फैलीं लपटें

शुरुआती जानकारी के अनुसार, दुकान में फोम की सामग्री भी रखी हुई थी। आग लगने के बाद इसी सामग्री की वजह से लपटें तेजी से फैलने की आशंका जताई गई है।

फोम और दूसरी ज्वलनशील वस्तुओं में आग लगने पर उसे बुझाना मुश्किल हो सकता है। हालांकि इस मामले में अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि आग सबसे पहले किस चीज में लगी थी।

स्थानीय रिपोर्टों में धातु काटने के दौरान आग लगने की बात कही गई है। कुछ खबरों के मुताबिक, पहले धमाका हुआ और उसके बाद आग फैली। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि धातु काटने के काम और आग लगने के बीच क्या संबंध था।

दुकान मालिक परशुराम गंभीर रूप से घायल

हादसे में घायल व्यक्ति की पहचान तथिरी परशुराम के रूप में हुई है। उनकी उम्र 43 साल है और वह चर्च कॉलोनी में कबाड़ खरीदने-बेचने का काम करते हैं।

आग की चपेट में आने से उनके शरीर का बड़ा हिस्सा झुलस गया। शुरुआती खबरों में करीब 50 प्रतिशत शरीर जलने की जानकारी दी गई थी। हालांकि रविवार दोपहर बाद आई कुछ अन्य रिपोर्टों में बताया गया कि परशुराम लगभग 70 प्रतिशत तक झुलसे हैं।

उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। झुलसने की सही स्थिति की पुष्टि अस्पताल की विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट से ही हो सकेगी।

घटना में किसी दूसरे व्यक्ति के घायल होने की पुष्टि नहीं हुई है। अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार, सबसे ज्यादा नुकसान परशुराम को पहुंचा है।

इलाज के लिए कई अस्पताल ले जाने की खबर

आग लगने के बाद स्थानीय लोगों और बचावकर्मियों ने परशुराम को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाने में मदद की। शुरुआती स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें सबसे पहले एलबी नगर इलाके के एक निजी अस्पताल ले जाया गया था।

बताया गया कि वहां इलाज शुरू नहीं होने पर उन्हें कंचनबाग स्थित अपोलो अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद डीआरडीओ अस्पताल पहुंचाने की जानकारी सामने आई थी।

हालांकि इन अस्पतालों में भर्ती नहीं किए जाने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित अस्पतालों की प्रतिक्रिया भी उपलब्ध नहीं है।

रविवार दोपहर बाद प्रकाशित समाचार एजेंसी UNI और स्थानीय अखबारों की रिपोर्ट में बताया गया कि परशुराम को गांधी अस्पताल ले जाया गया है। वहां उनका उपचार चल रहा है और उनकी हालत गंभीर है।

दो दमकल गाड़ियों ने आग पर पाया काबू

हादसे की जानकारी मिलने पर दमकल विभाग की दो गाड़ियां चर्च कॉलोनी पहुंचीं। आग बुझाने के साथ कर्मचारियों ने आसपास की इमारतों को सुरक्षित रखने पर भी ध्यान दिया।

घटनास्थल पर मौजूद दमकलकर्मी श्रीधर ने स्थानीय समाचार वेबसाइट सियासत को बताया कि विभाग को सुबह 11:15 बजे सूचना मिली थी। दो दमकल गाड़ियों की मदद से आग बुझा दी गई और उसके बाद ठंडा करने की प्रक्रिया शुरू की गई।

आग बुझने के बाद भी कुछ सामग्री के भीतर गर्मी बनी रह सकती है। इसलिए दमकल कर्मचारी प्रभावित हिस्सों की जांच करते हैं, ताकि दोबारा आग भड़कने का खतरा न रहे।

फिलहाल दुकान में हुए आर्थिक नुकसान का आकलन सामने नहीं आया है।

HYDRAA और स्थानीय पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची

दमकलकर्मियों के अलावा हैदराबाद डिजास्टर रिस्पॉन्स एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी यानी HYDRAA की टीम भी मौके पर पहुंची। बचाव कार्य के दौरान स्थानीय पुलिस ने घटनास्थल की स्थिति देखी।

उप्पल पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर रामलिंगा रेड्डी और सब-इंस्पेक्टर मधु ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने दुकान में मौजूद सामान और आग से प्रभावित हिस्से के बारे में जानकारी जुटाई।

बाद की रिपोर्टों के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और बम निरोधक जांच दल भी वहां पहुंचे। धमाके की खबर आने के कारण जांच में इस पहलू को भी शामिल किया गया है।

हालांकि किसी विस्फोटक सामग्री की बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। धमाके का वास्तविक कारण अभी सामने नहीं आया है।

रिहायशी इलाके में दुकान होने से बढ़ी चिंता

परशुराम की दुकान चर्च कॉलोनी के एक रिहायशी हिस्से में स्थित है। जिस इमारत के निचले तल पर दुकान चल रही थी, उसके ऊपर भी निर्माण है। आसपास दूसरे मकान और दुकानें मौजूद हैं।

स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, आग लगने के दौरान धुआं उठने और धमाके की आवाज से आसपास रहने वाले लोग घबरा गए थे। दमकल विभाग की प्राथमिकता आग को उसी परिसर तक सीमित रखने की थी।

ऐसी दुकानों में धातु के टुकड़ों के साथ प्लास्टिक, फोम, पैकेजिंग सामग्री और दूसरी चीजें भी रखी जा सकती हैं। यदि ज्वलनशील सामान खुले में रखा हो, तो आग लगने के बाद स्थिति तेजी से बिगड़ सकती है।

हालांकि परशुराम की दुकान में कौन-कौन सी सामग्री कितनी मात्रा में रखी थी, इसका आधिकारिक विवरण अभी जारी नहीं हुआ है।

धातु काटते समय आग कैसे लग सकती है?

कबाड़ की दुकानों में लोहे और दूसरी धातुओं को छोटे टुकड़ों में काटने के लिए अलग-अलग उपकरण इस्तेमाल होते हैं। कुछ उपकरणों से काम करते समय चिंगारियां निकल सकती हैं।

अगर आसपास आग पकड़ने वाली सामग्री रखी हो, तो छोटी चिंगारी भी आग लगने की वजह बन सकती है। बंद डिब्बों या पुराने उपकरणों के भीतर मौजूद ज्वलनशील पदार्थ भी कुछ परिस्थितियों में खतरा पैदा कर सकते हैं।

लेकिन ये सामान्य औद्योगिक जोखिम हैं। रामंथापुर की घटना में आग लगने की वजह चिंगारी, किसी रसायन या दूसरी सामग्री का विस्फोट था, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है।

दमकल विभाग और पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि रविवार सुबह दुकान में वास्तव में क्या हुआ था।

पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की जांच

समाचार एजेंसी UNI के अनुसार, पुलिस ने घटना को लेकर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आग अचानक कैसे लगी और क्या दुकान में रखी किसी सामग्री से धमाका हुआ था।

जांच में धातु काटने वाले उपकरण, दुकान में रखे कबाड़ और घटनास्थल से मिले दूसरे साक्ष्यों का परीक्षण किया जा सकता है। फिलहाल पुलिस ने किसी व्यक्ति की लापरवाही को हादसे का निश्चित कारण नहीं बताया है।

यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि दुकान में सुरक्षा के कौन-कौन से इंतजाम उपलब्ध थे। नुकसान का पूरा आकलन भी जांच के बाद ही सामने आएगा।

रविवार को हुई इस घटना में आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन परशुराम की हालत गंभीर बनी हुई है। अब उनके इलाज से जुड़ी अगली मेडिकल जानकारी और पुलिस की जांच रिपोर्ट का इंतजार है।

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