प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 25 अक्टूबर को भुवनेश्वर में RBI के नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन किया। इस पर 169 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। कार्यक्रम में पीएम मोदी ने ऑनलाइन बैंकिंग को सुरक्षित बनाने और छोटे शहरों व गांवों तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाने की बात कही।
भुवनेश्वर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को ओडिशा के भुवनेश्वर पहुंचे। यहां उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान की शुरुआत की। कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि देश में ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में लोगों के पैसे और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी को सुरक्षित रखना जरूरी हो गया है। उन्होंने देश के विकास को लेकर भी बात की। मोदी ने कहा कि अच्छे अस्पताल, सड़कें और दूसरे जरूरी संस्थान केवल बड़े शहरों में ही नहीं होने चाहिए। गांवों और छोटे शहरों के लोगों को भी इनका फायदा मिलना चाहिए।
169 करोड़ रुपये में बना RBI का नया डेटा सेंटर
भुवनेश्वर के पास जटनी की इन्फो वैली-II में RBI का नया डेटा सेंटर बनाया गया है। यह करीब 18.55 एकड़ जमीन पर फैला है। इसे तैयार करने का काम मार्च 2023 में शुरू हुआ था। उस समय RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने इसकी नींव रखी थी। यहां चार आधुनिक डेटा सेंटर बनाए गए हैं। इनका इस्तेमाल बैंकिंग से जुड़ी जरूरी जानकारी और पेमेंट सिस्टम को संभालने के लिए किया जाएगा। इससे बैंकों के तकनीकी कामकाज को ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने में मदद मिलेगी।
इसके साथ एक साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान भी खोला गया है। यहां बैंक और वित्तीय संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों को साइबर अपराध से बचाव की ट्रेनिंग दी जाएगी। नई तकनीक और ऑनलाइन धोखाधड़ी के तरीकों को समझने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
बैंकिंग सिस्टम को साइबर ठगों से बचाना जरूरी
उद्घाटन के बाद लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने साइबर अपराध के बढ़ते खतरे पर बात की। उन्होंने कहा कि आज किसी देश को नुकसान पहुंचाने के लिए केवल हथियारों की जरूरत नहीं है। उसकी अर्थव्यवस्था पर हमला करके भी उसे कमजोर किया जा सकता है। पीएम मोदी के मुताबिक, भारत की आर्थिक ताकत बढ़ रही है। ऐसे में बैंकों और पैसों के लेनदेन से जुड़ी व्यवस्था की सुरक्षा पहले से ज्यादा जरूरी हो गई है। उन्होंने साइबर ठगों और साइबर आतंकियों से बैंकिंग सिस्टम को बचाने के लिए लगातार काम करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि पिछले दस साल में सरकार ने उन लोगों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ा, जिनके पास पहले बैंक खाता तक नहीं था। अब आने वाले दस साल में कोशिश रहेगी कि बैंकिंग सेवाएं और बेहतर तथा सुरक्षित बनें।
पहले बड़े शहरों में ही मिलती थीं ज्यादा सुविधाएं
![]()
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में देश के पुराने विकास मॉडल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले बड़े अस्पताल, एयरपोर्ट और शिक्षण संस्थान ज्यादातर बड़े शहरों में ही बनाए जाते थे। इस वजह से छोटे शहरों और गांवों के लोगों को इलाज, पढ़ाई और दूसरे जरूरी कामों के लिए दूर जाना पड़ता था।उन्होंने कहा कि कई गांवों में सड़क, पानी और बिजली जैसी जरूरतें पूरी नहीं हो पाती थीं। छोटे शहरों में हवाई सेवाओं और अच्छी स्वास्थ्य सुविधाओं की भी कमी थी।
पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने इस स्थिति को बदलने के लिए काम किया है। सरकार की कोशिश है कि लोगों को जरूरी सुविधाओं के लिए बार-बार बड़े शहरों का रुख न करना पड़े।
गांवों और छोटे शहरों में भी पहुंच रही सुविधाएं
पीएम मोदी ने बताया कि अब छोटे शहरों को भी एक्सप्रेसवे से जोड़ा जा रहा है। कई राज्यों में एम्स जैसे बड़े अस्पताल खोले गए हैं। इसके अलावा छोटे शहरों में मेडिकल कॉलेज भी बनाए जा रहे हैं, ताकि लोगों को इलाज और पढ़ाई के लिए ज्यादा दूर न जाना पड़े। उन्होंने बताया कि गांवों में करीब 1.75 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए गए हैं। इन केंद्रों के जरिए लोगों को घर के आसपास स्वास्थ्य सेवाएं देने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार गांवों में इंटरनेट और दूसरी डिजिटल सुविधाएं पहुंचाने पर भी काम कर रही है। उनका कहना था कि विकास का फायदा हर इलाके के लोगों को मिलना चाहिए।
डिजिटल बैंकिंग से लोगों को क्या फायदा हुआ?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि डिजिटल बैंकिंग आने के बाद लोगों के लिए पैसे भेजना और बैंक से जुड़े कई काम करना आसान हुआ है। अब बैंक की शाखा में जाए बिना भी मोबाइल से कई काम किए जा सकते हैं। उन्होंने करीब 60 करोड़ जनधन खातों का जिक्र किया। पीएम के मुताबिक, इन खातों की मदद से सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे लोगों तक पहुंच रहा है।
मोदी ने कहा कि छोटे दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों और कारीगरों को भी बैंकिंग सेवाओं से जोड़ने की कोशिश की गई है। पहले कई लोगों को बैंक से कर्ज लेने में परेशानी होती थी। अब सरकारी योजनाओं के जरिए ऐसे लोगों के लिए भी कर्ज के रास्ते खोले गए हैं, जिनके पास गिरवी रखने के लिए संपत्ति नहीं है।प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल और बढ़ेगा। इसलिए बैंकिंग सेवाओं को आसान बनाने के साथ लोगों की जानकारी और पैसों की सुरक्षा पर भी ध्यान देना होगा।









