शिवा शर्मा हत्याकांड में नया खुलासा, श्रद्धा के तीन मददगार चिह्नित, दोहराया जाएगा घटनाक्रम

लखनऊ में शिवा शर्मा हत्याकांड की जांच तेज हुई। पुलिस ने श्रद्धा के तीन संदिग्ध मददगार चिह्नित किए। फोरेंसिक टीम घटनाक्रम दोहराएगी।

लखनऊ के शिवा शर्मा हत्याकांड में पुलिस ने श्रद्धा दुबे को फरार होने में मदद करने वाले आमिर समेत तीन लोगों को चिह्नित किया है। फ्लैट में मौजूद लोगों के बयानों में अंतर मिलने के बाद फोरेंसिक टीम से सीन रिक्रिएशन कराने की तैयारी है।

लखनऊ: कैफे संचालक शिवा शर्मा की मौत की जांच में पुलिस अब दो अहम सवालों के जवाब तलाश रही है। पहला, घटना के समय फ्लैट में वास्तव में क्या हुआ था और दूसरा, मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे को फरार होने में किन लोगों ने मदद की थी। पुलिस ने आमिर समेत तीन संदिग्ध मददगारों की पहचान की है। वहीं, श्रद्धा और उसकी बहन के बयान नौकरानी की बताई बातों से मेल नहीं खा रहे हैं। इस विरोधाभास को दूर करने के लिए घटनास्थल पर सीन रिक्रिएशन कराया जाएगा।

श्रद्धा के फरार होने में आमिर समेत तीन लोगों की भूमिका की जांच

पुलिस को जांच के दौरान ऐसे तीन लोगों के बारे में जानकारी मिली है, जिन पर शिवा की मौत के बाद श्रद्धा दुबे की मदद करने का संदेह है। इनमें आमिर भी शामिल है। पुलिस अब इन तीनों की भूमिका और श्रद्धा से उनके संपर्क की जानकारी जुटा रही है।

जांच में पता चला है कि श्रद्धा के फरार रहने के दौरान होटल में ठहरने की व्यवस्था कराने और उसे नेपाल पहुंचाने में कुछ लोगों ने मदद की थी। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि इन इंतजामों में किस व्यक्ति की क्या भूमिका रही।

फिलहाल तीनों को चिह्नित किया गया है। पुलिस के अनुसार, उनकी संलिप्तता की पुष्टि होने पर मुकदमे में उनके नाम भी शामिल किए जा सकते हैं।

श्रद्धा और रश्मि के बयान से अलग निकली नौकरानी की बात

इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण जानकारी घटना के समय फ्लैट में मौजूद लोगों के बयानों से सामने आई है। पुलिस जांच के मुताबिक, उस समय फ्लैट में शिवा शर्मा के अलावा श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और एक नौकरानी मौजूद थीं।

पूछताछ के दौरान श्रद्धा और रश्मि ने बताया कि वे दोनों एक कमरे में थीं, जबकि शिवा दूसरे कमरे में था। लेकिन नौकरानी ने पुलिस को इससे अलग जानकारी दी।

नौकरानी के मुताबिक, शिवा जिस कमरे में मौजूद था, श्रद्धा और रश्मि भी उसी कमरे में थीं। इन दोनों बयानों में अंतर होने के कारण पुलिस घटना के समय की परिस्थितियों को दोबारा समझने की कोशिश कर रही है।

जांच अधिकारियों के सामने अब यह सवाल है कि घटना से ठीक पहले फ्लैट के अंदर कौन कहां मौजूद था। इसी जानकारी को स्पष्ट करने के लिए दूसरे साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी।

9 अक्टूबर को अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरे थे शिवा

लखनऊ के प्रयागनारायण रोड स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट में 9 अक्टूबर को यह घटना हुई थी। अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के कारण 27 वर्षीय कैफे संचालक शिवा शर्मा की मौत हो गई थी।

घटना के बाद शिवा की मां रंजना ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे, चालक दानिश और अन्य लोगों पर बेटे की हत्या का आरोप लगाया था।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। इस मामले में श्रद्धा, रश्मि और दानिश को गिरफ्तार किया जा चुका है। तीनों को जेल भेज दिया गया है।

हालांकि, शिवा किन परिस्थितियों में चौथी मंजिल से नीचे गिरे, इसका पूरा घटनाक्रम स्पष्ट होना अभी बाकी है।

फोरेंसिक टीम की मदद से दोहराया जाएगा घटनाक्रम

डीसीपी मध्य अर्पित विजयवर्गीय के मुताबिक, घटनास्थल पर सीन रिक्रिएशन कराने के लिए फोरेंसिक विभाग को पत्र भेजा गया है। मुकदमा दर्ज कराने वाले पक्ष को भी इसकी जानकारी दे दी गई है।

फोरेंसिक टीम से समय मिलने के बाद इसी सप्ताह घटनाक्रम दोहराने की योजना है। इस प्रक्रिया में घटनास्थल की परिस्थितियों और वहां मौजूद लोगों की बताई गई स्थिति को समझने का प्रयास किया जाएगा।

सीन रिक्रिएशन से पुलिस को यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि घटना के समय फ्लैट में लोगों की मौजूदगी को लेकर दिए गए बयान कितने सही हैं। इससे शिवा के गिरने की परिस्थितियों को समझने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

पड़ोसियों से दोबारा पूछताछ, सीसीटीवी फुटेज भी जांचेगी पुलिस

घटना की कड़ियां जोड़ने के लिए पुलिस अब अपार्टमेंट में रहने वाले पड़ोसियों के बयान दोबारा दर्ज करेगी। इससे पहले पूछताछ में मिली जानकारी का मिलान नए बयानों से किया जाएगा।

इसके अलावा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांच का हिस्सा बनेगी। पुलिस आरोपियों के बयानों की तुलना कैमरों की रिकॉर्डिंग और पड़ोसियों से मिली जानकारी के साथ करेगी।

जांच का उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि घटना के दौरान और उसके आसपास क्या गतिविधियां हुई थीं। अगर बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों में कोई अंतर मिलता है, तो उसके आधार पर आगे की पूछताछ की जा सकती है।

पुलिस की अगली कार्रवाई में इन सवालों पर रहेगा ध्यान

शिवा शर्मा की मौत के मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है। एक तरफ फोरेंसिक टीम की मदद से घटनास्थल की परिस्थितियों को समझने की तैयारी है, वहीं दूसरी तरफ श्रद्धा को फरार होने में मदद करने वाले संदिग्धों के बारे में सबूत जुटाए जा रहे हैं।

आमिर समेत तीन लोगों की भूमिका स्पष्ट होने के बाद पुलिस उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई पर फैसला करेगी। फिलहाल आरोपों की न्यायिक पुष्टि होना बाकी है।

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