नासिक कुंभ में मुस्लिमों की एंट्री पर नितेश राणे का विवादित बयान, बोले- केवल हिंदुओं को दुकान लगाने की मिले अनुमति

महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने नासिक कुंभ में मुस्लिमों के प्रवेश और दुकान लगाने पर रोक की मांग की। दिवाली की खरीदारी को लेकर भी दिया विवादित बयान।

महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने नासिक कुंभ मेले में मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है। नवी मुंबई में उन्होंने दिवाली की खरीदारी को लेकर भी धर्म के आधार पर व्यापार करने की बात कही।

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने नासिक में होने वाले कुंभ मेले में मुस्लिम समुदाय के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है। राणे ने कहा कि कुंभ में केवल हिंदुओं को दुकान लगाने की अनुमति मिलनी चाहिए। उन्होंने दिवाली के दौरान सामान खरीदने और बेचने को लेकर भी धर्म के आधार पर कारोबार करने की बात कही।

राणे ने यह बयान शनिवार, 24 अक्टूबर को नवी मुंबई के जुईनगर में आयोजित एक कार्यक्रम में दिया। यहां उन्होंने कुंभ मेले में गैर-हिंदुओं की भागीदारी पर सवाल उठाए और मुस्लिम धार्मिक संगठनों के फतवों का उदाहरण देते हुए इसी तरह के आदेश जारी करने की बात कही।

कुंभ मेले में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर क्या बोले राणे?

नितेश राणे ने कहा कि नासिक कुंभ मेला हिंदू धर्म का बड़ा धार्मिक आयोजन है। इसलिए इसमें दूसरे धर्म के लोगों को आने और कारोबार करने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।

उन्होंने मुस्लिम समुदाय को लेकर एक धमकी भरी टिप्पणी भी की। राणे ने कहा कि यदि कोई मुसलमान कुंभ मेले में आता है, तो उसे अपने पैरों पर वापस नहीं जाना चाहिए। उनके इस बयान पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, यह मंत्री की ओर से की गई मांग है। कुंभ मेले में मुस्लिम समुदाय के प्रवेश पर किसी सरकारी प्रतिबंध की पुष्टि नहीं हुई है।

फतवे का उदाहरण देकर आदेश जारी करने की मांग

राणे ने अपने भाषण में मुस्लिम धार्मिक संगठनों द्वारा जारी किए जाने वाले फतवों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब धार्मिक संगठन अपने समुदाय के लिए फतवे जारी कर सकते हैं, तो कुंभ मेले के लिए भी इसी तरह निर्देश दिए जाने चाहिए।

उन्होंने सवाल किया कि हिंदुओं के धार्मिक आयोजन में दूसरे समुदाय के लोगों को कारोबार करने की जरूरत क्या है। राणे महाराष्ट्र सरकार में मत्स्यव्यवसाय और बंदरगाह विकास मंत्री हैं। उनके इस बयान के बाद धार्मिक आयोजनों में लोगों की भागीदारी और व्यापार को लेकर नई बहस शुरू हुई है।

दिवाली पर हिंदुओं से ही सामान खरीदने की अपील

नितेश राणे ने केवल कुंभ मेले की बात नहीं की। उन्होंने दिवाली के दौरान होने वाली खरीदारी को भी धर्म से जोड़ दिया।

राणे ने कहा कि हिंदू दुकानदारों को अपना सामान हिंदू ग्राहकों को ही बेचना चाहिए। इसी तरह हिंदू परिवारों को भी त्योहार की खरीदारी हिंदू व्यापारियों से करनी चाहिए। उनका तर्क था कि इससे हिंदू समाज के व्यापारियों की कमाई बढ़ेगी और समाज आर्थिक रूप से मजबूत होगा।

उन्होंने मुंबई के मोहम्मद अली रोड का उदाहरण देते हुए रमजान के दौरान वहां होने वाले कारोबार पर भी सवाल उठाया। हालांकि, इस तुलना के समर्थन में उन्होंने कोई ठोस नियम या प्रमाण पेश नहीं किया।

पहले मदरसों को लेकर भी दिया था बयान

नितेश राणे इससे पहले भी मुस्लिम समुदाय और मदरसों को लेकर विवादित टिप्पणियां कर चुके हैं। अप्रैल 2026 में उन्होंने मदरसों के बारे में दावा किया था कि वहां डॉक्टर या इंजीनियर बनने के बजाय आतंकवादी तैयार होते हैं। उनके इस आरोप के समर्थन में कोई व्यापक प्रमाण सामने नहीं आया था। सितंबर में गरबा और डांडिया कार्यक्रमों में मुस्लिमों की भागीदारी को लेकर भी उन्होंने विश्व हिंदू परिषद की पाबंदी वाली मांग का समर्थन किया था।

उस समय महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने अलग राय रखी थी। उन्होंने कहा था कि त्योहार सभी के लिए होते हैं और कोई मुस्लिम व्यक्ति गरबा में शामिल होकर खुशी मनाता है, तो इसमें गलत क्या है।

नासिक कुंभ मेला कब शुरू होगा?

महाराष्ट्र के नासिक और त्र्यंबकेश्वर में होने वाला सिंहस्थ कुंभ मेला 31 अक्टूबर 2026 को ध्वजारोहण के साथ शुरू होने वाला है। इसके मुख्य अमृत स्नान अगस्त और सितंबर 2027 में होंगे। पहला अमृत स्नान 2 अगस्त और दूसरा 31 अगस्त को तय है। तीसरा स्नान नासिक में 11 सितंबर और त्र्यंबकेश्वर में 12 सितंबर 2027 को प्रस्तावित है।

कुंभ मेले की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण के पास है। प्रशासन आयोजन में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात और दूसरी सुविधाओं की तैयारी कर रहा है।

क्या कुंभ में प्रवेश पर लगेगी रोक?

फिलहाल नितेश राणे की मांग को लेकर किसी आधिकारिक प्रतिबंध की घोषणा सामने नहीं आई है। मेले में प्रवेश और व्यापार करने की अनुमति से जुड़े फैसले संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।

राणे के बयान के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि धार्मिक पहचान के आधार पर कारोबार या प्रवेश रोकने की मांग पर सरकार क्या रुख अपनाएगी। कुंभ मेले के प्रवेश नियमों, सुरक्षा व्यवस्था और आयोजन की तारीखों की सही जानकारी के लिए महाराष्ट्र सरकार तथा नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण के आधिकारिक निर्देश देखें।

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