पीवी सिंधु फ्रेंच ओपन बैडमिंटन का खिताब जीतने से चूक गईं। पहले गेम में जीत दर्ज करने के बावजूद उन्हें दक्षिण कोरिया की एन से यंग ने तीन गेम में हराया। यंग ने लगातार तीसरी बार फ्रेंच ओपन खिताब जीता।
French Open Final: भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु फ्रेंच ओपन 2026 का खिताब जीतने से चूक गईं। रविवार, 25 अक्टूबर को पेरिस में खेले गए महिला सिंगल्स के फाइनल में उन्हें दक्षिण कोरिया की दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी एन से यंग ने 21-16, 11-21, 12-21 से हराया। सिंधु ने पहला गेम जीतकर मुकाबले की अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन अगले दोनों गेम में वह अपनी बढ़त बरकरार नहीं रख सकीं। एन से यंग ने इस जीत के साथ लगातार तीसरी बार फ्रेंच ओपन का खिताब अपने नाम किया। वहीं, सिंधु को उनके खिलाफ लगातार 11वीं हार झेलनी पड़ी। दोनों खिलाड़ियों के बीच अब तक हुए सभी 11 मुकाबले एन से यंग ने जीते हैं।
पहला गेम जीतकर सिंधु ने बनाई बढ़त
फाइनल की शुरुआत में सिंधु काफी अच्छी लय में नजर आईं। उन्होंने अपने लंबे कद और पहुंच का फायदा उठाते हुए नेट के पास कई शानदार शॉट लगाए। एन से यंग ने भी उन्हें कड़ी टक्कर दी, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने जल्द ही खेल पर पकड़ बना ली।
सिंधु ने लगातार अंक जुटाते हुए दक्षिण कोरियाई खिलाड़ी पर दबाव बनाया। पहले गेम में कई लंबी रैलियां देखने को मिलीं। सिंधु ने आक्रामक खेल दिखाया और 20 मिनट में पहला गेम 21-16 से अपने नाम कर लिया। पहला गेम जीतने के बाद सिंधु के पास फ्रेंच ओपन का अपना पहला खिताब जीतने का मौका था। हालांकि, दूसरे गेम में मुकाबले की तस्वीर बदल गई।
दूसरे गेम में एन से यंग ने की जोरदार वापसी
दूसरे गेम की शुरुआत में दोनों खिलाड़ी बराबरी पर रहीं। शुरुआती अंकों तक सिंधु मुकाबले में बनी हुई थीं, लेकिन इसके बाद एन से यंग ने अपनी रणनीति बदल दी। उन्होंने सिंधु को कोर्ट के अलग-अलग हिस्सों में दौड़ाना शुरू किया। उनके तेज स्मैश और मजबूत डिफेंस के सामने सिंधु के लिए अंक जुटाना मुश्किल हो गया।
इस दौरान सिंधु से कुछ गलतियां भी हुईं, जिनका फायदा एन से यंग ने उठाया। दक्षिण कोरियाई खिलाड़ी ने दूसरा गेम 21-11 से जीत लिया। अब मुकाबला एक-एक गेम की बराबरी पर पहुंच चुका था।
निर्णायक गेम में 8-5 की बढ़त गंवाई
तीसरे गेम में सिंधु ने एक बार फिर अच्छी शुरुआत की। उन्होंने लगातार अंक लेकर 8-5 की बढ़त बना ली। इस समय लग रहा था कि भारतीय खिलाड़ी फाइनल में बड़ा उलटफेर कर सकती हैं।
लेकिन एन से यंग ने जल्द ही वापसी कर ली। उन्होंने पहले स्कोर बराबर किया और फिर 11-9 की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद सिंधु वापसी नहीं कर सकीं।
दक्षिण कोरियाई खिलाड़ी ने लगातार अंक जुटाते हुए निर्णायक गेम 21-12 से जीत लिया। इसके साथ ही करीब एक घंटे तक चला मुकाबला खत्म हो गया और सिंधु को उपविजेता बनकर संतोष करना पड़ा।
हार के बाद सिंधु ने क्या कहा?
मैच के बाद सिंधु ने माना कि तीसरे गेम में बढ़त गंवाना उनके लिए भारी पड़ा। उन्होंने कहा कि 8-5 से आगे होने के बाद उन्हें अपनी बढ़त बनाए रखनी चाहिए थी।
सिंधु के मुताबिक, पहले गेम में उन्होंने अच्छा खेल दिखाया। दूसरे गेम की शुरुआत भी बराबरी पर हुई, लेकिन एन से यंग ने बढ़त बनाने के बाद उन्हें वापसी का मौका नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इस मैच से कई अच्छी बातें सीखने को मिली हैं। आगे अपने खेल में सुधार करने के लिए वह इन कमियों पर काम करेंगी।
सेमीफाइनल में जापानी खिलाड़ी को हराया था
सिंधु ने फाइनल में पहुंचने के लिए चार मुकाबले जीते थे। पहले दौर में उन्होंने थाईलैंड की सुपानिडा काटेथोंग को हराया। इसके बाद जापान की रिको गुंजी और चीनी ताइपे की चिउ पिन-चियान के खिलाफ जीत दर्ज की।
सेमीफाइनल में उनका मुकाबला जापान की हिना अकेची से हुआ था। सिंधु ने यह मैच 21-10, 20-22, 21-16 से जीतकर फाइनल में जगह बनाई थी।
यह 2026 में सिंधु का दूसरा सुपर 750 फाइनल था। इससे पहले जुलाई में उन्होंने जापान ओपन का खिताब जीता था। उस मुकाबले में सिंधु ने जापान की अकाने यामागुची को हराया था।
एन से यंग ने लगातार तीसरी बार जीता खिताब
24 साल की एन से यंग का इस साल प्रदर्शन शानदार रहा है। फ्रेंच ओपन में मिली जीत उनके करियर का चौथा और लगातार तीसरा फ्रेंच ओपन खिताब है।
दूसरी तरफ सिंधु इस टूर्नामेंट में पहली बार महिला सिंगल्स के फाइनल तक पहुंची थीं। खिताब हाथ नहीं लगा, लेकिन उन्होंने दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी के खिलाफ पहला गेम जीतकर कड़ी चुनौती दी।
फ्रेंच ओपन सुपर 750 टूर्नामेंट बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन के बड़े आयोजनों में शामिल है। इसमें खिलाड़ियों को प्रदर्शन के आधार पर विश्व रैंकिंग के अंक और पुरस्कार राशि मिलती है।









