टोटेनहम ने प्रीमियर लीग में चेल्सी को उसके घरेलू मैदान पर 2-0 से हराया। गोलकीपर माइक पेंडर्स के आत्मघाती गोल ने मैच पलटा। कोल पामर को रेड कार्ड मिला, जबकि मैथिस टेल ने दूसरा गोल करके जीत पक्की की।
स्पोर्ट्स: इंग्लिश प्रीमियर लीग में शनिवार, 24 अक्टूबर को टोटेनहम हॉटस्पर ने चेल्सी को उसके घरेलू मैदान स्टैमफोर्ड ब्रिज पर 2-0 से हरा दिया। टोटेनहम के लिए यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि पिछले 36 वर्षों में उसने यहां केवल दूसरी बार लीग मुकाबला जीता है। मैच के 77वें मिनट में चेल्सी के गोलकीपर माइक पेंडर्स की गलती से टोटेनहम को बढ़त मिली। इसके तीन मिनट बाद कोल पामर को रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर भेज दिया गया। चेल्सी अभी इस झटके से संभल भी नहीं पाई थी कि 87वें मिनट में मैथिस टेल ने दूसरा गोल कर दिया। भारी बारिश के बीच खेले गए इस मुकाबले में मेजबान टीम अंत तक कोई गोल नहीं कर सकी।
77वें मिनट में गोलकीपर की गलती से बदला मैच
पहले हाफ में दोनों टीमों को गोल करने के मौके मिले, लेकिन कोई भी गेंद को नेट तक नहीं पहुंचा सका। दूसरे हाफ में भी काफी देर तक स्कोर 0-0 रहा। फिर 77वें मिनट में टोटेनहम को कॉर्नर मिला। मातेउस फर्नांडिस ने गेंद चेल्सी के बॉक्स में भेजी, जहां टोटेनहम के डिफेंडर यान पॉल वान हेके उसे हासिल करने के लिए आगे बढ़े।
चेल्सी के गोलकीपर माइक पेंडर्स भी गेंद को मुक्का मारकर दूर करने के लिए उछले। लेकिन वह गेंद को सही दिशा में नहीं भेज सके और गेंद उनके हाथ से लगकर अपने ही गोल में चली गई। डिफेंडर मैक्सेंस लैक्रोइक्स ने गेंद बाहर निकालने की कोशिश की, मगर तब तक देर हो चुकी थी। रेफरी ने इसे आत्मघाती गोल करार दिया।
उस समय तक चेल्सी मुकाबले में बनी हुई थी। मगर एक गलती से पिछड़ने के बाद टीम पर दबाव बढ़ गया। टोटेनहम के खिलाड़ियों ने इसका फायदा उठाते हुए आक्रमण जारी रखा।
पहली लीग शुरुआत में पेंडर्स के साथ हुआ बुरा अनुभव
21 साल के बेल्जियम के गोलकीपर माइक पेंडर्स के लिए यह मुकाबला यादगार बन सकता था, लेकिन एक गलती ने उनके प्रदर्शन पर पानी फेर दिया। वह चेल्सी की ओर से प्रीमियर लीग में पहली बार शुरुआती एकादश का हिस्सा बने थे।
चेल्सी के नियमित गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज पिछले मुकाबले में एवर्टन के खिलाफ चोटिल हो गए थे। उनके जबड़े में फ्रैक्चर होने के कारण सर्जरी करनी पड़ी। इसी वजह से पेंडर्स को टोटेनहम के खिलाफ खेलने का मौका मिला।
दिलचस्प बात यह है कि आत्मघाती गोल से पहले पेंडर्स ने कई अच्छे बचाव किए थे। उन्होंने उमर मारमूश और मैथिस टेल के प्रयासों को रोककर टीम को मुकाबले में बनाए रखा। लेकिन 77वें मिनट की गलती उनके लिए भारी साबित हुई।
प्रीमियर लीग के इतिहास में अपने ही गोल में गेंद पहुंचाने वाले वह चेल्सी के दूसरे गोलकीपर बन गए। इससे पहले दिसंबर 2009 में पेट्र चेक के नाम भी एवर्टन के खिलाफ आत्मघाती गोल दर्ज हुआ था।
नौ मिनट में दो येलो कार्ड, बाहर हुए कोल पामर
चेल्सी के लिए मुश्किल केवल एक गोल से पिछड़ने तक सीमित नहीं रही। टीम के स्टार मिडफील्डर कोल पामर को 80वें मिनट में रेड कार्ड मिला, जिसके कारण मेजबान टीम को बाकी मुकाबला दस खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा।
पामर को पहला येलो कार्ड 71वें मिनट में मिला था। टोटेनहम के मातेउस फर्नांडिस के साथ टकराव के दौरान उन्होंने उन्हें धक्का दिया था। इस घटना के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ी आमने-सामने आ गए और मैदान पर कुछ समय के लिए तनाव बढ़ गया।
इसके ठीक नौ मिनट बाद पामर ने कॉनर गैलाघर को गेंद छीनने की कोशिश में देर से टैकल किया। रेफरी क्रिस कावानाघ ने इसे फाउल मानते हुए दूसरा येलो कार्ड दिखाया। दो पीले कार्ड मिलने पर पामर को मैदान छोड़ना पड़ा।
चेल्सी को बराबरी का गोल करने के लिए आक्रामक खेल की जरूरत थी, लेकिन एक खिलाड़ी कम होने से उसकी मुश्किल और बढ़ गई। इस रेड कार्ड के कारण पामर अब लिवरपूल के खिलाफ काराबाओ कप मुकाबले में भी नहीं खेल सकेंगे।
मैथिस टेल ने अकेले दम पर किया शानदार गोल
टोटेनहम की जीत पर अंतिम मुहर फ्रांस के युवा फॉरवर्ड मैथिस टेल ने लगाई। मैच के 87वें मिनट में उन्होंने मैदान के बीच से गेंद लेकर दौड़ लगाई। चेल्सी के खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए वह बाईं ओर से आगे बढ़े और फिर अंदर की तरफ मुड़कर गोल पर निशाना लगाया।
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टेल ने लगभग 25 गज की दूरी से जमीन के पास एक तेज शॉट लगाया। गेंद गोलकीपर पेंडर्स को छकाते हुए नेट के निचले कोने में चली गई। इस गोल के साथ टोटेनहम की बढ़त 2-0 हो गई।
टेल के इस प्रयास की खास बात यह रही कि उन्होंने किसी साथी खिलाड़ी के पास का इंतजार नहीं किया। गेंद मिलने के बाद खुद आगे बढ़े और मौके को गोल में बदल दिया। मैच के आखिरी हिस्से में चेल्सी के पास वापसी के लिए ज्यादा समय नहीं बचा था।
पहले हाफ में टोटेनहम ने बनाए थे ज्यादा मौके
मुकाबले की शुरुआत से ही टोटेनहम ने गेंद पर नियंत्रण बनाने की कोशिश की। बारिश के कारण मैदान गीला था और खिलाड़ियों को पास देने तथा गेंद संभालने में सावधानी बरतनी पड़ रही थी। इसके बावजूद मेहमान टीम ने लगातार आक्रमण किए।
पहले हाफ में टोटेनहम के पास करीब 70 प्रतिशत समय गेंद रही। उमर मारमूश को गोल करने का अच्छा मौका मिला था, लेकिन वह पेंडर्स को नहीं छका सके। मैथिस टेल का एक प्रयास भी गोलकीपर ने रोक दिया।
चेल्सी के लिए कोल पामर, जॉर्डन हेंडरसन और पेड्रो नेटो ने गोल करने की कोशिश की। हालांकि टोटेनहम के गोलकीपर एंटोनिन किंस्की ने कई महत्वपूर्ण बचाव किए। मध्यांतर तक दोनों टीमों का स्कोर बराबर था।
पूरे मुकाबले में टोटेनहम ने 15 शॉट लगाए, जबकि चेल्सी केवल सात प्रयास कर सकी। इससे पता चलता है कि टोटेनहम ने सिर्फ गोलकीपर की गलती के कारण जीत हासिल नहीं की, बल्कि आक्रमण में भी उसका प्रदर्शन बेहतर रहा।
2018 के बाद पहली बार स्टैमफोर्ड ब्रिज में जीता टोटेनहम
चेल्सी के घरेलू मैदान पर टोटेनहम का रिकॉर्ड लंबे समय से खराब रहा है। इस मुकाबले से पहले पिछले 36 लीग दौरों में टीम यहां केवल एक बार जीत पाई थी। उस दौरान उसे 24 हार का सामना करना पड़ा और 11 मैच ड्रॉ रहे थे।
टोटेनहम ने इससे पहले 1 अप्रैल 2018 को स्टैमफोर्ड ब्रिज में चेल्सी को 3-1 से हराया था। उस समय मौरिसियो पोचेटिनो टोटेनहम के मैनेजर थे, जबकि चेल्सी की जिम्मेदारी एंटोनियो कॉन्टे संभाल रहे थे।
उस जीत से भी पहले टोटेनहम को इस मैदान पर लीग मुकाबला जीतने के लिए 10 फरवरी 1990 तक पीछे जाना पड़ता है। तब टेरी वेनेबल्स की टीम ने चेल्सी को 2-1 से हराया था।
इस बार टोटेनहम ने न केवल जीत का लंबा इंतजार खत्म किया, बल्कि बिना कोई गोल खाए मुकाबला अपने नाम किया। स्टैमफोर्ड ब्रिज में चेल्सी के खिलाफ ऐसी जीत उसे दिसंबर 1986 के बाद पहली बार मिली है।
कोच डी जर्बी की टीम ने लगातार दूसरी जीत दर्ज की
टोटेनहम के मुख्य कोच रॉबर्टो डी जर्बी के लिए भी यह नतीजा राहत लेकर आया है। टीम की प्रीमियर लीग में शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। लगातार मुकाबलों में जीत नहीं मिलने से उसकी स्थिति अंक तालिका में कमजोर हो गई थी।
सोमवार को टोटेनहम ने कोवेंट्री सिटी को अपने घरेलू मैदान पर 3-1 से हराकर सीजन की पहली लीग जीत दर्ज की थी। अब चेल्सी के खिलाफ जीत के साथ उसने एक सप्ताह में लगातार दो मुकाबले अपने नाम कर लिए हैं।
डी जर्बी ने मैच के बाद खिलाड़ियों की मानसिकता की तारीफ की। उनका कहना था कि टीम ने गेंद पर नियंत्रण रखने के साथ संघर्ष भी किया और जरूरी मौकों पर बेहतर प्रदर्शन किया। उन्होंने खास तौर पर मातेउस फर्नांडिस, सैंड्रो टोनाली, जेम्स मैडिसन और मैथिस टेल के खेल को सराहा।










