भारतीय शेयर बाजार में पिछले सप्ताह सेंसेक्स और निफ्टी 2% से ज्यादा गिरे, लेकिन पांच शेयरों में 27% से 45% तक तेजी आई। ओरिएंट ट्रेडलिंक सबसे आगे रहा। जानिए किन शेयरों ने गिरावट के बीच बढ़त दर्ज की।
Business: शेयर बाजार में पिछले सप्ताह ज्यादातर निवेशकों को गिरावट का सामना करना पड़ा। सेंसेक्स और निफ्टी लगातार दबाव में रहे, लेकिन कुछ छोटी कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। महज चार कारोबारी दिनों में ओरिएंट ट्रेडलिंक का शेयर 45.45 प्रतिशत चढ़ गया। वहीं, आशापुरी गोल्ड ऑर्नामेंट, एनएमएस ग्लोबल और VANS इलेक्ट्रोइंजीनियरिंग्स जैसे शेयरों ने भी अच्छी बढ़त दर्ज की। इन शेयरों का प्रदर्शन बाजार के प्रमुख सूचकांकों से बिल्कुल अलग रहा।
चार दिन के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी को बड़ा झटका
19 से 23 अक्टूबर के कारोबारी सप्ताह में शेयर बाजार लगातार दबाव में रहा। मंगलवार, 20 अक्टूबर को दशहरा के कारण बीएसई और एनएसई में कारोबार बंद था। इस वजह से सप्ताह में केवल चार दिन ट्रेडिंग हुई।
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इस दौरान सेंसेक्स 1,605.44 अंक यानी 2.15 प्रतिशत गिरकर 73,123.83 पर बंद हुआ। निफ्टी में 546.15 अंक यानी 2.36 प्रतिशत की कमजोरी आई और यह 22,600 के स्तर पर पहुंच गया।
कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और वैश्विक बाजारों में कमजोरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई। पश्चिम एशिया में तनाव का असर भी बाजार पर दिखाई दिया। हालांकि, इस गिरावट के बीच कुछ शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया।
ओरिएंट ट्रेडलिंक ने दिया सबसे ज्यादा 45.45% रिटर्न
पिछले सप्ताह तेजी दिखाने वाले शेयरों में ओरिएंट ट्रेडलिंक सबसे आगे रहा। कंपनी का शेयर 3.30 रुपये से बढ़कर 4.80 रुपये पर पहुंच गया। इस तरह चार कारोबारी दिनों में इसमें 45.45 प्रतिशत की तेजी दर्ज हुई।
शुक्रवार, 23 अक्टूबर को भी शेयर में खरीदारी देखने को मिली। बीएसई पर यह 9.59 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4.80 रुपये पर बंद हुआ। इस कीमत पर कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 18.57 करोड़ रुपये रहा।
कम कीमत वाले इस शेयर में एक सप्ताह के भीतर बड़ी बढ़त देखने को मिली। हालांकि, छोटे बाजार पूंजीकरण वाली कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव भी अधिक हो सकता है।
आशापुरी गोल्ड ऑर्नामेंट में 42% से ज्यादा तेजी
आशापुरी गोल्ड ऑर्नामेंट का शेयर भी साप्ताहिक बढ़त के मामले में आगे रहा। सप्ताह की शुरुआत से पहले इसका भाव 4.71 रुपये था, जो शुक्रवार तक बढ़कर 6.71 रुपये हो गया।
इस दौरान शेयर ने 42.46 प्रतिशत रिटर्न दिया। हालांकि, सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन इसमें 9.93 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई।
शुक्रवार को बीएसई पर इसका बंद भाव 6.71 रुपये रहा। इस स्तर पर कंपनी का मार्केट कैप करीब 223.65 करोड़ रुपये था। अंतिम दिन की गिरावट के बावजूद पूरे सप्ताह का रिटर्न सकारात्मक रहा।
एनएमएस ग्लोबल के शेयर में 34.78% का उछाल
एनएमएस ग्लोबल के निवेशकों के लिए भी पिछला सप्ताह बढ़त वाला रहा। कंपनी का शेयर 30.42 रुपये से चढ़कर 41 रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान कीमत में 10.58 रुपये की बढ़ोतरी हुई।
प्रतिशत के हिसाब से शेयर ने 34.78 प्रतिशत रिटर्न दिया। शुक्रवार को बीएसई पर इसमें 7.95 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह 41 रुपये पर बंद हुआ।
इस भाव पर कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 11.98 करोड़ रुपये रहा। छोटे बाजार पूंजीकरण के कारण ऐसे शेयरों में निवेश करते समय कारोबार की मात्रा और उपलब्ध शेयरों की खरीद-बिक्री पर ध्यान देना जरूरी होता है।
VANS इलेक्ट्रोइंजीनियरिंग्स ने लगाई 33.39% की छलांग
VANS इलेक्ट्रोइंजीनियरिंग्स के शेयर में भी चार कारोबारी दिनों के दौरान तेज बढ़त दर्ज हुई। सप्ताह की शुरुआत से पहले इसका भाव 331.10 रुपये था, जो शुक्रवार तक 441.65 रुपये पर पहुंच गया।
इस तरह शेयर की कीमत 110.55 रुपये बढ़ी और निवेशकों को 33.39 प्रतिशत का साप्ताहिक रिटर्न मिला।
शुक्रवार को शेयर 10 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ। इस कीमत पर कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 475.24 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
डीसीएम श्रीराम इंडस्ट्रीज में 27.73% की बढ़त
साप्ताहिक तेजी वाले शेयरों में पांचवां नाम डीसीएम श्रीराम इंडस्ट्रीज का रहा। उपलब्ध बीएसई साप्ताहिक गेनर्स आंकड़ों के अनुसार, इसका शेयर 39.81 रुपये से बढ़कर 50.85 रुपये पर पहुंचा। इस आधार पर सप्ताह का रिटर्न 27.73 प्रतिशत रहा।
यहां एक अंतर समझना जरूरी है। डीसीएम श्रीराम इंडस्ट्रीज और डीसीएम श्रीराम लिमिटेड अलग सूचीबद्ध कंपनियां हैं। 23 अक्टूबर को डीसीएम श्रीराम लिमिटेड का बीएसई बंद भाव 962.10 रुपये था। यह कीमत डीसीएम श्रीराम इंडस्ट्रीज की नहीं है।
इन शेयरों में निवेश से पहले क्या देखें?
चार कारोबारी दिनों में 27 से 45 प्रतिशत तक की बढ़त आकर्षक लग सकती है, लेकिन केवल पिछले रिटर्न के आधार पर शेयर खरीदना जोखिम भरा हो सकता है। खासकर छोटी कंपनियों के शेयरों में कीमतें तेजी से ऊपर-नीचे हो सकती हैं।
निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय नतीजे, कर्ज, कारोबार की स्थिति और शेयर में होने वाली खरीद-बिक्री की मात्रा देखनी चाहिए। यह भी समझना जरूरी है कि कीमतों में तेजी किसी ठोस कारोबारी वजह से आई है या केवल अचानक बढ़ी मांग के कारण।
पिछले सप्ताह इन पांच शेयरों ने प्रमुख सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन अगले सप्ताह भी यही तेजी बनी रहेगी, इसकी कोई गारंटी नहीं है।









