GST Registration New Rules: Amazon-Flipkart पर सामान बेचने वालों को राहत, 1 नवंबर से आसान हो सकता है GST रजिस्ट्रेशन

GST Registration New Rules 2026: Amazon-Flipkart पर सामान बेचने वाले छोटे व्यापारियों को 1 नवंबर से राहत मिल सकती है। जानें GST रजिस्ट्रेशन के नए नियम और फायदे

ऑनलाइन सामान बेचने वाले छोटे कारोबारियों के लिए GST रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आसान होने वाली है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत दुकानदार दूसरे राज्यों में अपना ऑफिस खोले बिना ई-कॉमर्स कंपनी के गोदाम के पते पर रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। नई सुविधा 1 नवंबर 2026 से शुरू होने की उम्मीद है।

बिजनेस डेस्क: Amazon और Flipkart जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कारोबार करने वाले छोटे दुकानदारों को जल्द राहत मिल सकती है। सरकार GST रजिस्ट्रेशन की ऐसी व्यवस्था लाने की तैयारी कर रही है, जिससे दूसरे राज्यों में सामान बेचना पहले से आसान हो जाएगा। अभी कई दुकानदार दूसरे राज्य में अपना माल रखने और वहां से ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए जरूरी कारोबारी पते का इंतजाम नहीं कर पाते। नई व्यवस्था में वे ई-कॉमर्स कंपनी के गोदाम का पता इस्तेमाल कर सकेंगे। वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, यह सुविधा 1 नवंबर से GST पोर्टल पर उपलब्ध कराई जा सकती है।

दूसरे राज्य में दुकान या ऑफिस खोलना जरूरी नहीं होगा?

मान लीजिए, कोई दुकानदार जयपुर में कपड़ों का कारोबार करता है। वह अपना सामान दिल्ली या महाराष्ट्र के ग्राहकों को भी बेचना चाहता है। इसके लिए वह ई-कॉमर्स कंपनी के दूसरे राज्य में मौजूद गोदाम में माल रखता है। ऐसे मामलों में GST रजिस्ट्रेशन के लिए उस राज्य में कारोबारी पते की जरूरत पड़ती है।

छोटे कारोबारियों के लिए अलग जगह किराये पर लेना या उसके दस्तावेज तैयार करना आसान नहीं होता। इसी परेशानी को देखते हुए GST काउंसिल ने रजिस्ट्रेशन की नई व्यवस्था की सिफारिश की है। इसके तहत पात्र दुकानदार ई-कॉमर्स कंपनी के गोदाम को अपना मुख्य कारोबारी पता दिखा सकेंगे। हालांकि, इसके लिए संबंधित कंपनी की मंजूरी जरूरी होगी। दुकानदार को उस राज्य में अपना अलग ऑफिस रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

1 नवंबर से क्या बदलने वाला है?

8 अक्टूबर को हुई GST काउंसिल की 57वीं बैठक में छोटे ऑनलाइन कारोबारियों के लिए रजिस्ट्रेशन आसान करने की सिफारिश की गई थी। इसके लिए CGST नियमों में नया नियम 14B जोड़ने का प्रस्ताव है। इस व्यवस्था में पात्र दुकानदारों का रजिस्ट्रेशन जरूरी जांच पूरी होने के बाद ऑनलाइन सिस्टम से हो सकेगा।

वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने 22 अक्टूबर को बताया कि GST पोर्टल पर इस सुविधा के लिए जरूरी तैयारी कर ली गई है। हालांकि, आवेदन से जुड़े सभी नियम और जरूरी कागजों की पूरी जानकारी अधिसूचना के जरिए साफ होगी।

GST Registration New Rules: Amazon-Flipkart पर सामान बेचने वालों को राहत, 1 नवंबर से आसान हो सकता है GST रजिस्ट्रेशन

किन दुकानदारों को मिलेगा फायदा?

नई सुविधा हर कारोबारी के लिए नहीं होगी। इसका फायदा मुख्य रूप से उन छोटे विक्रेताओं को मिलेगा, जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए सामान बेचते हैं।दुकानदार के पास अपने गृह राज्य में कारोबार का पता और नियमित GST रजिस्ट्रेशन होना जरूरी होगा। योजना में हर महीने ₹2.5 लाख तक की निर्धारित टैक्स संबंधी सीमा भी रखी गई है। 

इस सीमा और दूसरी शर्तों को पूरा करने वाले दुकानदार आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा नए नियम के तहत मिला रजिस्ट्रेशन सिर्फ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए सामान बेचने के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा।

Amazon और Flipkart पर सामान बेचना कैसे आसान होगा?

छोटे दुकानदार अक्सर अपने शहर या आसपास के इलाकों में ही सामान बेच पाते हैं। दूसरे राज्य में कारोबार बढ़ाने के लिए माल रखने और उसकी डिलीवरी का इंतजाम करना पड़ता है। Amazon और Flipkart जैसी कंपनियों के अलग-अलग शहरों में गोदाम हैं। नई सुविधा के तहत पात्र दुकानदार इन गोदामों का इस्तेमाल करके दूसरे राज्यों में सामान रख सकेंगे।

इससे ग्राहक के नजदीक सामान रखने में मदद मिलेगी और ऑर्डर पहुंचाने में लगने वाला समय भी कम हो सकता है। सबसे ज्यादा राहत उन दुकानदारों को मिल सकती है, जिनके पास दूसरे शहर में दुकान या ऑफिस खोलने के लिए ज्यादा पैसा नहीं है।

क्या ₹20 लाख तक के कारोबार पर GST नहीं लगेगा?

कई छोटे दुकानदारों के मन में यह सवाल होगा कि नया नियम आने के बाद क्या ₹20 लाख तक के कारोबार पर GST नहीं देना पड़ेगा? ऐसा नहीं है। GST रजिस्ट्रेशन की सामान्य छूट की सीमा और यह नई सुविधा अलग-अलग बातें हैं। GST की सीमा इस बात पर निर्भर करती है कि आप किस तरह का कारोबार करते हैं और आपका कारोबार किस राज्य में है।

नया नियम मुख्य रूप से दूसरे राज्यों में ऑनलाइन सामान बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन आसान करने से जुड़ा है। इससे सभी दुकानदारों को अपने आप टैक्स या रजिस्ट्रेशन से छूट नहीं मिलेगी। इसी तरह ऑनलाइन बिक्री पर TCS से सभी कारोबारियों को छूट मिलने की बात भी सही नहीं होगी। इसके लिए मौजूदा टैक्स नियम लागू रहेंगे।

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