लखनऊ जेल में 45 महिलाओं के साथ बैरक में बंद श्रद्धा दुबे, किसी से नहीं की बात; सुबह 6 बजे जगाया गया

लखनऊ में शिवा शर्मा हत्याकांड की आरोपी श्रद्धा दुबे को 45 महिला बंदियों के साथ बैरक में रखा गया है। सुबह 6 बजे जगाया गया और भोजन में दाल-रोटी दी गई।
लखनऊ जेल में 45 महिलाओं के साथ बैरक में बंद श्रद्धा दुबे, किसी से नहीं की बात; सुबह 6 बजे जगाया गया
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लखनऊ में शिवा शर्मा हत्याकांड की आरोपी श्रद्धा दुबे को जेल की महिला बैरक में करीब 45 अन्य महिला बंदियों के साथ रखा गया है। जेल में पहुंचने के बाद से श्रद्धा की दिनचर्या आम बंदियों की तरह चल रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, बैरक में रहने के दौरान उसने दूसरी महिला बंदियों से बातचीत नहीं की और अधिकतर समय शांत रही। जेल प्रशासन के निर्धारित नियमों के अनुसार उसे सुबह जगाया गया और भोजन दिया गया।

जानकारी के अनुसार, श्रद्धा दुबे और उसकी बहन रश्मि दुबे को न्यायिक हिरासत में जेल भेजे जाने के बाद पहले क्वारंटाइन में रखा गया था। क्वारंटाइन अवधि पूरी होने के बाद दोनों को सामान्य महिला बैरक में शिफ्ट कर दिया गया। अब उन्हें दूसरी महिला बंदियों के साथ रहना पड़ रहा है। बैरक में करीब 45 महिलाओं के रहने की बात सामने आई है। जेल में सभी बंदियों के लिए तय नियमों और समय-सारणी का पालन किया जाता है।

जेल में श्रद्धा को भोजन में दाल, रोटी और सब्जी दी गई। रिपोर्टों के मुताबिक, रात के खाने में साबुत उड़द की दाल, रोटी और आलू-सोया-मेथी की सब्जी परोसी गई थी। सुबह करीब छह बजे उसे जगा दिया गया। इसके बाद नाश्ते में दलिया और चाय दी गई। जेल में भोजन की व्यवस्था आम तौर पर सभी बंदियों के लिए निर्धारित मेन्यू के अनुसार की जाती है। श्रद्धा को भी इसी व्यवस्था के तहत खाना दिया जा रहा है।

जेल में रहने के दौरान श्रद्धा और उसकी बहन रश्मि के व्यवहार को लेकर भी चर्चा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, श्रद्धा ने बैरक में किसी से ज्यादा बातचीत नहीं की। वह शांत रही और दूसरी महिला बंदियों से दूरी बनाए रखी। हालांकि, उसके व्यवहार या मनोदशा को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। जेल में बंदियों की दिनचर्या, सुरक्षा और निगरानी जेल प्रशासन की जिम्मेदारी होती है।

यह मामला लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की मौत से जुड़ा है। शिवा शर्मा की नौ अक्टूबर को हजरतगंज स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, वह पिछले कुछ महीनों से श्रद्धा के साथ लिव-इन में रह रहा था। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे तथा ड्राइवर दानिश उर्फ तनवीर को गिरफ्तार किया। इसके बाद तीनों को अदालत में पेश किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

पुलिस इस मामले में शिवा शर्मा की मौत से जुड़ी परिस्थितियों और आरोपियों की कथित भूमिका की जांच कर रही है। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्य और संबंधित लोगों के बयान मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होंगे। फिलहाल श्रद्धा दुबे जेल में बंद है और उसे अन्य महिला बंदियों की तरह जेल की निर्धारित दिनचर्या का पालन करना पड़ रहा है। मामले में आरोपों की पुष्टि और जिम्मेदारी का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा

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