बिहार के गयाजी में औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में आज एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है। 1670 एकड़ क्षेत्र से जुड़े बीआइएमसीजीएल के मेगा लॉन्च कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे। इस आयोजन में देशभर से 200 से अधिक डेलीगेट्स के शामिल होने की जानकारी दी गई है। कार्यक्रम को गयाजी में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार, निवेश की संभावनाओं और बिहार में नए कारोबारी अवसरों को सामने लाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
1670 एकड़ के विशाल क्षेत्र में प्रस्तावित इस पहल को लेकर उद्योग जगत की नजरें गयाजी पर टिकी हैं। इतने बड़े भू-क्षेत्र से जुड़ी औद्योगिक योजना के माध्यम से क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने, उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं। हालांकि, परियोजना में किन-किन उद्योगों को जगह मिलेगी, विकास कार्यों का चरणबद्ध कार्यक्रम क्या होगा और कितने निवेश या रोजगार का लक्ष्य रखा गया है, इसकी विस्तृत जानकारी आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
यह परियोजना बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड (BIMCGL) के माध्यम से विकसित की जा रही है। गयाजी के डोभी क्षेत्र में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारे का हिस्सा है। इसका उद्देश्य बड़े पैमाने पर विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा देना और बिहार को औद्योगिक निवेश के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करना है।
परियोजना की अनुमानित लागत करीब 1,339 करोड़ रुपये बताई गई है, जबकि इसके माध्यम से लगभग 16,524 करोड़ रुपये के निवेश की क्षमता आंकी गई है। पूरी क्षमता के साथ विकसित होने पर इससे करीब 1.09 लाख रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई है। ये आंकड़े परियोजना की अनुमानित क्षमता को दर्शाते हैं। वास्तविक निवेश और रोजगार परियोजना के विकास, उद्योगों की स्थापना तथा कंपनियों की भागीदारी पर निर्भर करेंगे।
इस औद्योगिक क्लस्टर में कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, भवन निर्माण सामग्री, चमड़ा उत्पाद, रेडीमेड कपड़े, फर्नीचर, हथकरघा, हस्तशिल्प, इंजीनियरिंग और मेडिकल उपकरण जैसे क्षेत्रों पर ध्यान देने की योजना है। इन क्षेत्रों से जुड़ी कंपनियों के आने पर स्थानीय कच्चे माल, उत्पादन, परिवहन, भंडारण और आपूर्ति से संबंधित गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। इसके साथ ही छोटे कारोबारियों और सहायक उद्योगों के लिए भी नए अवसर विकसित होने की संभावना है
परियोजना के लिए गयाजी की भौगोलिक स्थिति को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रस्तावित औद्योगिक शहर राष्ट्रीय राजमार्ग-22 और राष्ट्रीय राजमार्ग-19 के निकट स्थित है। गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से इसकी दूरी लगभग 30 किलोमीटर बताई गई है। सड़क, रेल और हवाई संपर्क की उपलब्धता उद्योगों के लिए माल की ढुलाई, कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पादों को विभिन्न बाजारों तक पहुंचाने में सहायक हो सकती है।
1670 एकड़ में फैली इस परियोजना में औद्योगिक भूखंडों के साथ सड़क, सार्वजनिक सुविधाओं, हरित क्षेत्र और अन्य बुनियादी ढांचों के लिए भी जगह निर्धारित की गई है। आधिकारिक परियोजना विवरण के अनुसार, कुल क्षेत्र का बड़ा हिस्सा औद्योगिक उपयोग के लिए नियोजित है। इससे उद्योगों को व्यवस्थित ढंग से स्थापित करने और उत्पादन से जुड़ी आवश्यक सुविधाएं विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इस मेगा लॉन्च के साथ निवेशकों के लिए परियोजना से जुड़ी जानकारी और आगे की प्रक्रिया को लेकर भी ध्यान बढ़ने की उम्मीद है। उद्योग विभाग की ओर से पहले दी गई जानकारी के अनुसार, लॉन्च के बाद औद्योगिक भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू करने की योजना है। देशभर से 200 से अधिक डेलीगेट्स की भागीदारी निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के बीच संवाद के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बिहार में औद्योगिक आधार मजबूत करने की कोशिशों के बीच गयाजी की यह परियोजना राज्य के लिए अहम मानी जा रही है। अब इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि बुनियादी ढांचे का विकास कितनी तेजी से होता है, कंपनियां कितनी संख्या में निवेश के लिए आगे आती हैं और प्रस्तावित रोजगार के अवसर कितनी तेजी से वास्तविक रूप लेते हैं। मुख्यमंत्री के शुभारंभ कार्यक्रम के बाद परियोजना की प्रगति और निवेश से जुड़ी घोषणाओं पर उद्योग जगत की नजर रहेगी।










