प्रीमियर लीग में गोल करने के लिए क्यों जूझ रहा लिवरपूल? ब्राइटन के खिलाफ बड़ी चुनौती

Liverpool News: सात प्रीमियर लीग मैचों में लिवरपूल ने सिर्फ 9 गोल किए, जबकि चार कप मुकाबलों में 15 गोल दागे। पढ़े पूरी खबर इराओला की टीम क्यों जूझ रही है।

लिवरपूल ने प्रीमियर लीग के सात मैचों में सिर्फ नौ गोल किए हैं, जबकि चैंपियंस लीग और लीग कप के चार मुकाबलों में 15 गोल दागे। ब्राइटन से भिड़ने से पहले कोच एंडोनी इराओला ने इस अंतर पर अपनी राय रखी।

स्पोर्ट्स: चैंपियंस लीग में छह गोल, फिर चार गोल और प्रीमियर लीग में सात मैच खेलकर कुल नौ गोल। लिवरपूल के इस सीजन के आंकड़े हैरान करने वाले हैं। कोच एंडोनी इराओला की टीम यूरोपीय मुकाबलों में लगातार गोल कर रही है, लेकिन इंग्लैंड की घरेलू लीग में उसका आक्रमण वैसा नहीं दिख रहा। रविवार, 25 अक्टूबर को लिवरपूल को ब्राइटन से भिड़ना है, जिसने सात लीग मुकाबलों में 23 गोल दागे हैं। मैच लिवरपूल के घरेलू मैदान एनफील्ड में होगा, जहां टीम इस सीजन की अपनी पहली प्रीमियर लीग जीत तलाश रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अच्छे फॉरवर्ड और मिडफील्डर होने के बावजूद लिवरपूल लीग में इतने कम गोल क्यों कर पा रहा है?

सात मैचों में सिर्फ नौ गोल, चैंपियंस लीग में अलग कहानी

लिवरपूल ने प्रीमियर लीग 2026-27 के शुरुआती सात मैचों में तीन जीत दर्ज की हैं। तीन मुकाबले ड्रॉ रहे और एक में हार मिली। टीम 12 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर है। इस दौरान उसने नौ गोल किए और आठ गोल खाए। यानी हर लीग मुकाबले में औसतन केवल 1.29 गोल।

यही टीम जब चैंपियंस लीग और काराबाओ कप में उतरी, तो नतीजे बिल्कुल अलग रहे। तीन चैंपियंस लीग मैचों और टोटेनहम के खिलाफ एक लीग कप मुकाबले में लिवरपूल ने 15 गोल किए। इन चार मैचों का औसत 3.75 गोल प्रति मुकाबला है।

इन आंकड़ों में इतना बड़ा अंतर होने की वजह से कोच की रणनीति और फॉरवर्ड खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि सीजन अभी शुरुआती दौर में है, इसलिए सात मैचों के आधार पर पूरे अभियान का आकलन करना जल्दबाजी होगी।

विलारियल से पिछड़कर भी लिवरपूल ने दागे चार गोल

मंगलवार को चैंपियंस लीग में लिवरपूल ने विलारियल को 4-3 से हराया था। एनफील्ड में खेले गए मैच की शुरुआत उसके लिए खराब रही। पहले आधे घंटे में स्पेनिश टीम ने दो गोल कर दिए थे।

लेकिन लिवरपूल ने हाफ टाइम से पहले बराबरी कर ली। एलेक्सिस मैक एलिस्टर और रोनाल्ड अराउहो ने गोल किए। दूसरे हाफ में मैक एलिस्टर ने एक और गोल किया, जबकि फ्लोरियन विर्ट्ज ने चौथा गोल दागा।

इससे पहले ऑस्ट्रिया में LASK के खिलाफ लिवरपूल छह गोल कर चुका था। इन मुकाबलों में टीम ने खुलकर आक्रमण किया। फॉरवर्ड खिलाड़ियों को दौड़ने की जगह मिली और मिडफील्ड से भी गोल करने के मौके बने।

प्रीमियर लीग में यही जगह मिलना मुश्किल हो रहा है। विरोधी टीमें लिवरपूल के सामने अधिक सावधानी से खेलती दिखाई दी हैं।

कोच इराओला भी नहीं बता पाए गोल कम होने की एक वजह

विलारियल के खिलाफ जीत के बाद एंडोनी इराओला से पूछा गया कि उनकी टीम यूरोप में इतने गोल कर रही है, लेकिन प्रीमियर लीग में क्यों पिछड़ रही है।

इराओला ने माना कि उनके पास इस अंतर की कोई एक स्पष्ट वजह नहीं है। उन्होंने कहा कि LASK के खिलाफ मुकाबला अलग था, लेकिन एटलेटिको मैड्रिड और विलारियल जैसी मजबूत टीमों के सामने भी लिवरपूल का आक्रमण अच्छा रहा।

कोच के मुताबिक, इसका संबंध केवल प्रतियोगिता से नहीं है। सामने खेलने वाली टीम और उसकी रणनीति भी काफी मायने रखती है। प्रीमियर लीग में विरोधी क्लब जिस तरीके से रक्षापंक्ति तैयार करते हैं, उससे गोल करने के अवसर बदल जाते हैं।

इराओला का मानना है कि उनकी टीम लीग में रक्षात्मक तौर पर बेहतर रही है, लेकिन आक्रमण में उसी स्तर का प्रदर्शन नहीं कर पा रही।

डिफेंस में पीछे खड़ी टीमों को तोड़ना मुश्किल

लिवरपूल के सामने एक बड़ी परेशानी विरोधी टीमों की 'लो ब्लॉक' रणनीति रही है। इसमें डिफेंडर अपनी गोलपोस्ट के आसपास रहते हैं और मैदान के बीच में ज्यादा खाली जगह नहीं छोड़ते।

उपलब्ध मैच आंकड़ों के मुताबिक, लिवरपूल ने लीग में लगभग 28 प्रतिशत समय ऐसी रक्षात्मक व्यवस्था का सामना किया है। यह बाकी प्रीमियर लीग टीमों की तुलना में सबसे ज्यादा है। दूसरी ओर विरोधी टीमों के ऊंचे दबाव वाली रक्षात्मक व्यवस्था का सामना उसे केवल 15 प्रतिशत समय करना पड़ा है।

इसका सीधा असर आक्रमण पर पड़ता है। गेंद लिवरपूल के पास रहने के बावजूद बॉक्स में पहुंचने का रास्ता आसानी से नहीं मिलता। ऐसे में फॉरवर्ड खिलाड़ियों को गोल करने के लिए कम जगह और कम समय मिलता है।

इराओला पहले कह चुके हैं कि वह ऐसी टीमों के खिलाफ खेलना पसंद करते हैं जो पीछे रहकर बचाव करती हैं, क्योंकि इससे उनकी टीम ज्यादा समय विरोधी हाफ में खेल सकती है। लेकिन अब उन्हें इसी स्थिति में गोल निकालने का तरीका तलाशना है।

पहले गोल खाने से और बढ़ जाती है परेशानी

लिवरपूल की एक और कमजोरी मैच की शुरुआत में सामने आई है। सात लीग मुकाबलों में चार बार विरोधी टीम ने उसके खिलाफ पहला गोल किया। इससे लिवरपूल को बराबरी हासिल करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ी।

बढ़त लेने के बाद विरोधी क्लब अपनी रक्षापंक्ति और मजबूत कर सकते हैं। ऐसे में लिवरपूल को लगातार गेंद आगे पहुंचाने और मौके बनाने की जरूरत पड़ती है।

रक्षात्मक आंकड़े देखें तो टीम ने सात मैचों में तीन बार कोई गोल नहीं खाया। कुल आठ गोल उसके खिलाफ हुए हैं। इसके विपरीत चैंपियंस लीग और लीग कप के चार मुकाबलों में भी उसने आठ गोल खाए।

मतलब साफ है कि यूरोपीय मुकाबलों में ज्यादा गोल करने के साथ लिवरपूल को ज्यादा गोल खाने का जोखिम भी उठाना पड़ा है। लीग में उसकी रक्षात्मक स्थिति कुछ बेहतर रही, लेकिन आक्रमण उतना असरदार नहीं बना।

सलाह के जाने के बाद किन खिलाड़ियों पर है जिम्मेदारी?

मोहम्मद सलाह के जाने के बाद लिवरपूल के आक्रमण में बदलाव आया है। हालांकि यह कहना सही नहीं होगा कि टीम के पास गोल करने वाले खिलाड़ी नहीं बचे हैं। मौजूदा सीजन में सभी प्रतियोगिताओं को मिलाकर उसके दस अलग-अलग खिलाड़ी गोल कर चुके हैं।

अलेक्जेंडर इसाक ने प्रीमियर लीग में पांच गोल किए हैं। यानी टीम के नौ लीग गोलों में पांच उन्हीं के नाम हैं। इसाक ने अपनी फॉर्म से राहत जरूर दी है, लेकिन बाकी खिलाड़ियों से भी नियमित गोल की जरूरत है।

फ्लोरियन विर्ट्ज ने लीग में सबसे ज्यादा 20 मौके बनाए हैं, जिनमें 18 खुले खेल से बने। इसके बावजूद वह लीग में अब तक गोल नहीं कर पाए हैं। विलारियल के खिलाफ उन्होंने सीजन का अपना पहला गोल किया था।

कोडी गाकपो, ब्रैडली बारकोला, विक्टर मुनोज और युवा रियो नगुमोहा भी आक्रमण में विकल्प दे रहे हैं। टीम के पास खिलाड़ी हैं, लेकिन लीग में उन्हें गोल में बदलने के अवसर अभी पर्याप्त सफलता नहीं दिला रहे।

आंकड़ों में दिखाई देती है फिनिशिंग की कमी

लिवरपूल के अपेक्षित गोल यानी एक्सपेक्टेड गोल्स (xG) का आंकड़ा 10.9 है। इसका अर्थ है कि बनाए गए मौकों की गुणवत्ता के आधार पर टीम से लगभग 11 गोल की उम्मीद की जा सकती थी। वास्तविक संख्या नौ है।

करीब दो गोल का अंतर बहुत बड़ा नहीं है, लेकिन कम स्कोर वाले मुकाबलों में यही फर्क अंक गंवाने की वजह बन सकता है।

विर्ट्ज जैसे खिलाड़ी मौके बना रहे हैं और इसाक गोल भी कर रहे हैं। इसलिए समस्या केवल मौके पैदा करने की नहीं, बल्कि बॉक्स में सही समय पर पहुंचने और मिले अवसरों को गोल में बदलने की भी है।

एनफील्ड में अब तक नहीं मिली घरेलू लीग जीत

लिवरपूल अपने घरेलू मैदान एनफील्ड में भी अच्छी शुरुआत नहीं कर सका। इस सीजन के पहले तीन घरेलू प्रीमियर लीग मैचों में उसे दो ड्रॉ और एक हार मिली है।

पिछले सीजन के मुकाबलों को जोड़ें तो टीम लगातार पांच घरेलू लीग मैचों से जीत नहीं पाई है। ऐसे मैदान पर यह रिकॉर्ड लिवरपूल के लिए चिंता की बात है, जिसे लंबे समय तक घरेलू मुकाबलों में मजबूत टीम माना जाता रहा है।

रविवार को ब्राइटन के खिलाफ जीत हासिल नहीं हुई तो लिवरपूल अपने पहले चार घरेलू लीग मैचों में बिना जीत के रहेगा। क्लब के इतिहास में इससे पहले केवल तीन बार ऐसा हुआ है।

ब्राइटन के 23 गोल ने बढ़ाई लिवरपूल की चुनौती

ब्राइटन इस समय प्रीमियर लीग की सबसे ज्यादा गोल करने वाली टीम है। सात मैचों में 23 गोल करने वाली इस टीम ने अपने पिछले चार लीग मुकाबले जीते हैं। इन चार मैचों में उसने 15 गोल किए और एक भी गोल नहीं खाया।

ब्राइटन के मुख्य कोच फेबियन हर्जेलर की टीम तीसरे स्थान पर है। वह तेज आक्रमण के साथ अच्छी रक्षात्मक व्यवस्था के कारण भी चर्चा में है।

लिवरपूल के लिए चुनौती दोहरी होगी। उसे ब्राइटन की गोल करने की रफ्तार रोकनी होगी और अपनी घरेलू मैदान पर जीत का इंतजार भी खत्म करना होगा।

ब्राइटन गेंद अपने पास रखकर खेलने में भी सहज है। ऐसे में लिवरपूल को उसके खिलाफ उन मुकाबलों से अलग अवसर मिल सकते हैं, जहां विरोधी टीम केवल बचाव करने उतरती है।

ब्राइटन के बाद आर्सेनल से होगा मुकाबला

लिवरपूल और ब्राइटन का मुकाबला रविवार, 25 अक्टूबर को एनफील्ड में खेला जाएगा। मैच भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे शुरू होगा।

ब्राइटन के बाद लिवरपूल को मौजूदा चैंपियन आर्सेनल से भी भिड़ना है। इसलिए अगले दो लीग मैच इराओला की टीम के लिए अहम साबित हो सकते हैं।

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