केरल हाई कोर्ट ने CMRL-Exalogic मामले में पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और उनके परिवार को राहत दी है। अदालत ने FIR दर्ज करने वाले पुराने आदेश और आगे की जांच पर फिलहाल रोक लगाई है। तीन सप्ताह बाद सुनवाई होगी।
कोच्चि: केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पिनराई विजयन को CMRL-Exalogic मामले में हाई कोर्ट से राहत मिली है। सोमवार, 26 अक्टूबर को अदालत ने विजयन, उनकी बेटी टी. वीणा और दामाद मोहम्मद रियास से जुड़े मामले में आगे की जांच पर अंतरिम रोक लगा दी। अदालत ने उस पुराने आदेश पर भी रोक लगाई है, जिसके आधार पर भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए FIR दर्ज की गई थी।
जस्टिस के. नटराजन और जस्टिस जॉनसन जॉन की डिवीजन बेंच ने तीनों की अपील स्वीकार करते हुए यह आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई करीब तीन सप्ताह बाद होगी। तब तक पुलिस आगे की जांच नहीं कर सकेगी।
कोर्ट ने अपने आदेश में क्या कहा?
हाई कोर्ट ने सोमवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। इसके बाद अदालत ने 9 अक्टूबर के सिंगल बेंच के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी। अदालत ने साफ किया कि मामले में दर्ज FIR के आधार पर आगे की जांच अगले आदेश तक नहीं होगी। हालांकि, FIR रद्द नहीं की गई है।
इससे पहले हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने केरल के सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (VACB) को विजयन और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था। इस आदेश को विजयन, उनकी बेटी और दामाद ने चुनौती दी थी। उनका कहना था कि अदालत ने उनका पक्ष सुने बिना ही FIR दर्ज करने का निर्देश दे दिया।
क्या है CMRL-Exalogic मामला?
यह मामला कोच्चि की कंपनी कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (CMRL) और एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस के बीच पैसों के लेनदेन से जुड़ा है। एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस पिनराई विजयन की बेटी वीणा की कंपनी है। आरोप है कि CMRL ने इस कंपनी को बड़ी रकम का भुगतान किया था, लेकिन इसके बदले वास्तव में सेवाएं दी गई थीं या नहीं, इस पर सवाल उठे।
प्रवर्तन निदेशालय यानी ED इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत जांच कर रहा है। जांच एजेंसी ने लेनदेन से जुड़े कुछ दस्तावेज और जानकारी केरल पुलिस को भी भेजी थी। ED का कहना है कि उपलब्ध जानकारी में भ्रष्टाचार से जुड़े अपराध की आशंका दिखाई देती है। हालांकि, आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं।
9 अक्टूबर को FIR दर्ज करने का दिया था आदेश
केरल हाई कोर्ट के जस्टिस ए. बदरुद्दीन की सिंगल बेंच ने 9 अक्टूबर को इस मामले में फैसला सुनाया था। यह आदेश वकील के.एम. शाहजहां की याचिका पर आया था। उन्होंने ED से मिली जानकारी के आधार पर भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत FIR दर्ज करने की मांग की थी। राज्य सरकार ने पहले मामले की शुरुआती जांच के लिए विशेष जांच दल बनाया था।
लेकिन सिंगल बेंच ने इस तरीके को उचित नहीं माना और सीधे FIR दर्ज करने का निर्देश दिया। इसके बाद 12 अक्टूबर को मामला दर्ज हुआ। विजयन और उनके परिवार ने इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट का रुख किया, लेकिन शुरुआती अपील में उन्हें राहत नहीं मिली।
सुप्रीम कोर्ट से भी मिली थी राहत
हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने पर पिनराई विजयन, वीणा और मोहम्मद रियास सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। 21 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तीनों को सिंगल बेंच के फैसले के खिलाफ अपील करने का अधिकार है। जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने उन्हें हाई कोर्ट में अपना पक्ष रखने की अनुमति दी। साथ ही जांच पर अस्थायी रोक लगाई गई।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि उसने भ्रष्टाचार के आरोपों की सच्चाई पर कोई फैसला नहीं दिया है। उसका आदेश केवल अपील सुनने के अधिकार से जुड़ा था।
सुनवाई में दोनों पक्षों ने क्या दलील दी?
विजयन और उनके परिवार की ओर से पेश वकीलों ने कहा कि सिंगल बेंच ने उनके खिलाफ आदेश देने से पहले उन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब लेनदेन वीणा की कंपनी से जुड़ा है, तो केवल पारिवारिक संबंध होने के आधार पर विजयन और रियास को मामले में कैसे शामिल किया जा सकता है।
दूसरी तरफ ED के वकील ने कहा कि जांच एजेंसी ने राज्य पुलिस को ऐसी जानकारी दी थी, जिससे संज्ञेय अपराध की आशंका सामने आती है। इसलिए FIR दर्ज करना जरूरी था। ED ने आगे की जांच पर रोक लगाने का भी विरोध किया।
अब मामले में आगे क्या होगा?
हाई कोर्ट ने फिलहाल विजयन और उनके परिवार को राहत दी है, लेकिन मामला खत्म नहीं हुआ है। अदालत अगली सुनवाई में अपील से जुड़े कानूनी सवालों और पक्षों की दलीलों पर विचार करेगी।
यह भी देखा जाएगा कि ED से मिली जानकारी के आधार पर राज्य पुलिस को तुरंत FIR दर्ज करनी चाहिए थी या पहले शुरुआती जांच करने की गुंजाइश थी। अगली सुनवाई तक जांच रुकी रहेगी। मामले से जुड़े नए आदेश और अदालती कार्यवाही की जानकारी के लिए केरल हाई कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट देखे जा सकते हैं।









