दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली 'वोट बचाओ, देश बचाओ' महारैली के लिए हिमाचल कांग्रेस ने सभी 12 जिलों में प्रभारी नियुक्त किए हैं। कांगड़ा की जिम्मेदारी सतपाल रायजादा को मिली है। पार्टी ने कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है।
शिमला: दिल्ली में एक नवंबर को प्रस्तावित कांग्रेस और विपक्षी दलों की महारैली को लेकर हिमाचल प्रदेश कांग्रेस ने जिला स्तर पर जिम्मेदारियां तय कर दी हैं। प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार की मंजूरी के बाद सभी 12 जिलों के लिए समन्वय प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। इन नेताओं को स्थानीय कांग्रेस कमेटियों के साथ बैठकें करने और कार्यकर्ताओं के दिल्ली पहुंचने की व्यवस्था देखने को कहा गया है। पार्टी का लक्ष्य प्रदेश से बड़ी संख्या में लोगों को रामलीला मैदान तक पहुंचाना है।
कांगड़ा में सतपाल रायजादा, चंबा में मनमोहन कटोच को जिम्मेदारी
हिमाचल कांग्रेस ने दिल्ली रैली की तैयारियों के लिए अलग-अलग जिलों में अपने नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी है। कांगड़ा जिले का समन्वय सतपाल रायजादा संभालेंगे। वहीं, चंबा जिले में मनमोहन कटोच को प्रभारी बनाया गया है।
हमीरपुर में पवन ठाकुर और ऊना में विकास ठाकुर को यह जिम्मेदारी मिली है। बिलासपुर जिले में रमेश चौहान को कार्यकर्ताओं के साथ तालमेल बनाने और दिल्ली रैली की तैयारियां देखने का काम सौंपा गया है।
मंडी जिले में बलविंदर बबलू, जबकि कुल्लू में प्रकाश चौधरी को प्रभारी नियुक्त किया गया है। सोलन की जिम्मेदारी अनीता वर्मा को दी गई है।
इसके अलावा किन्नौर में सुरेश नगटा, लाहौल-स्पीति में हरि चंद शर्मा, शिमला में धर्मेंद्र धम्मी और सिरमौर में सत्यजीत नेगी को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रदेश कांग्रेस की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, सभी प्रभारी अपने जिलों में संगठन के नेताओं के साथ मिलकर रैली की तैयारियों को आगे बढ़ाएंगे।
जिला और ब्लॉक स्तर पर होंगी कांग्रेस की बैठकें
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने नए प्रभारियों को जल्द से जल्द अपने क्षेत्रों में बैठकें करने के निर्देश दिए हैं। इनमें जिला कांग्रेस कमेटी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और पार्टी के दूसरे संगठनों के पदाधिकारियों को शामिल किया जाएगा।
युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन यानी एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं को भी तैयारियों से जोड़ा जाएगा।
पार्टी चाहती है कि केवल जिला मुख्यालयों तक गतिविधियां सीमित न रहें। विधानसभा क्षेत्रों और ब्लॉक स्तर पर भी कार्यकर्ताओं से संपर्क किया जाए, ताकि दिल्ली जाने वाले लोगों की संख्या का आकलन किया जा सके।
प्रदेश कांग्रेस महासचिव संगठन विनोद जिंटा की ओर से जिला प्रभारियों की सूची जारी की गई है। इन प्रभारियों को संगठन के अलग-अलग स्तरों के बीच तालमेल बनाए रखने की जिम्मेदारी दी गई है।
हिमाचल से 15 हजार लोगों को दिल्ली ले जाने का लक्ष्य
कांग्रेस ने दिल्ली की महारैली में हिमाचल प्रदेश से लगभग 14 से 15 हजार लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखा है। इसके लिए करीब 200 बसों की व्यवस्था करने की योजना है।
पार्टी नेताओं के अनुसार, अलग-अलग जिलों से कार्यकर्ताओं को दिल्ली ले जाने और कार्यक्रम के बाद वापस पहुंचाने की व्यवस्था स्थानीय स्तर पर की जाएगी।
दूरदराज के इलाकों से आने वाले कार्यकर्ताओं को ध्यान में रखते हुए परिवहन व्यवस्था महत्वपूर्ण रहेगी। हिमाचल के कई जिलों से दिल्ली पहुंचने में लंबा समय लगता है। ऐसे में प्रभारियों को यात्रा से जुड़ी तैयारियां पहले ही पूरी करने के लिए कहा गया है।
हालांकि, कितनी बसें अंतिम रूप से उपलब्ध होंगी और कितने कार्यकर्ता वास्तव में दिल्ली पहुंचेंगे, इसकी जानकारी रैली के दिन ही स्पष्ट हो सकेगी।
मतदाता सूची के मुद्दे पर कांग्रेस ने बुलाई महारैली
दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली इस रैली को कांग्रेस ने 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान से जोड़ा है। पार्टी मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों और विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव के दौरान कुछ पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों को स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।
पार्टी इस मुद्दे पर चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा की मांग कर रही है।
प्रस्तावित महारैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन के नेताओं के शामिल होने की योजना है।
हिमाचल में गांवों तक अभियान पहुंचाने की तैयारी
दिल्ली महारैली के अलावा हिमाचल कांग्रेस ने प्रदेश में भी मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर अभियान चलाने की तैयारी की है।
पार्टी ने 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक अलग-अलग क्षेत्रों में जनसंपर्क और चौपाल कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। इसके तहत स्थानीय कार्यकर्ताओं को मतदाताओं से संपर्क करने और मतदाता सूची में नाम जांचने के बारे में जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके लिए कांग्रेस ने पहले भी प्रदेश में पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की थी। अब दिल्ली रैली के लिए अलग से जिला समन्वय प्रभारी बनाए गए हैं।
इस व्यवस्था से पार्टी संगठन को स्थानीय अभियान और राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम की तैयारियां साथ-साथ चलाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
एक नवंबर से पहले तैयारियां पूरी करने के निर्देश
हिमाचल कांग्रेस के पास रैली की तैयारियों के लिए अब कुछ ही दिन बचे हैं। ऐसे में सभी जिला प्रभारियों को कार्यकर्ताओं से संपर्क करने और परिवहन व्यवस्था जल्द तय करने को कहा गया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार की ओर से नियुक्त प्रभारियों को यह भी देखना होगा कि उनके क्षेत्र से दिल्ली जाने वाले कार्यकर्ताओं को यात्रा के दौरान परेशानी न हो।
कांगड़ा, मंडी, शिमला, ऊना और दूसरे जिलों में संगठनात्मक बैठकों के बाद कार्यकर्ताओं की भागीदारी की स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।
फिलहाल पार्टी का ध्यान सभी 12 जिलों में समन्वय बनाकर प्रस्तावित महारैली की तैयारियां पूरी करने पर है। एक नवंबर को होने वाले कार्यक्रम में हिमाचल से वास्तविक भागीदारी कितनी रहती है, यह रैली के बाद सामने आएगा।








