कांग्रेस ने 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए पांच राज्यों में वॉर रूम अध्यक्ष नियुक्त किए हैं। उत्तर प्रदेश में सचिन यादव और पंजाब में पूर्व IAS कन्नन गोपीनाथन को जिम्मेदारी मिली है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सभी नियुक्तियों को मंजूरी दे दी है।
नई दिल्ली: अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस ने संगठन स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी ने शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, मणिपुर और उत्तराखंड के लिए चुनावी वॉर रूम अध्यक्षों की घोषणा की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मंजूरी के बाद पांचों नेताओं को नई जिम्मेदारी सौंप दी गई है। इनमें पंजाब के लिए नियुक्त पूर्व IAS अधिकारी कन्नन गोपीनाथन का नाम खास चर्चा में है। सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं।
कांग्रेस ने किस राज्य में किसे सौंपी जिम्मेदारी?
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) की ओर से जारी बयान में पांचों राज्यों के वॉर रूम अध्यक्षों के नाम बताए गए हैं। पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने यह जानकारी साझा की। उत्तर प्रदेश में सचिन यादव को चुनावी वॉर रूम की कमान सौंपी गई है। पंजाब के लिए कन्नन गोपीनाथन को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
गोवा में इमरोज खान, मणिपुर में बिस्वरंजन मोहंती और उत्तराखंड में कृष्ण सतरौड़ को यह जिम्मेदारी मिली है। पार्टी ने साफ किया है कि इन नियुक्तियों के लिए अलग से किसी तारीख का इंतजार नहीं करना होगा। सभी नेता तत्काल प्रभाव से अपना काम संभालेंगे। इस फैसले के जरिए कांग्रेस चुनाव प्रचार से पहले संगठन के भीतर बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश कर रही है।
पंजाब में कन्नन गोपीनाथन को क्यों मिली बड़ी जिम्मेदारी?
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पांचों नियुक्तियों में सबसे ज्यादा ध्यान पूर्व IAS अधिकारी कन्नन गोपीनाथन पर है। गोपीनाथन ने अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद लगाए गए प्रतिबंधों के विरोध में भारतीय प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दिया था। इसके बाद वह नागरिक अधिकारों और राजनीतिक मुद्दों पर लगातार अपनी राय रखते रहे। अक्टूबर 2025 में उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ली थी।
पार्टी में शामिल होने के करीब एक साल बाद अब उन्हें पंजाब जैसे महत्वपूर्ण राज्य में चुनावी तैयारियों के समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है। पंजाब में फिलहाल आम आदमी पार्टी की सरकार है। कांग्रेस अगले विधानसभा चुनाव में सत्ता में वापसी की कोशिश करेगी। ऐसे में गोपीनाथन की नई भूमिका पार्टी के चुनावी अभियान के लिए अहम मानी जा रही है।
उत्तर प्रदेश में सचिन यादव संभालेंगे चुनावी तैयारी
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस ने सचिन यादव को वॉर रूम अध्यक्ष बनाया है। राज्य में विधानसभा की 403 सीटें हैं और 2027 में चुनाव होने हैं। यहां कांग्रेस के सामने संगठन को मजबूत करने और ज्यादा से ज्यादा विधानसभा क्षेत्रों में अपनी पहुंच बढ़ाने की चुनौती होगी। चुनाव प्रचार के दौरान प्रदेश नेतृत्व, जिला इकाइयों और केंद्रीय नेताओं के कार्यक्रमों में तालमेल बनाना जरूरी रहेगा। वॉर रूम इस काम में मदद कर सकता है।
गोवा, उत्तराखंड और मणिपुर में भी नियुक्त अध्यक्षों को अपने-अपने राज्यों में चुनावी गतिविधियों के समन्वय की जिम्मेदारी संभालनी होगी। हालांकि, पार्टी ने अभी यह नहीं बताया है कि इन नेताओं के साथ कौन-कौन काम करेगा और राज्य स्तर पर वॉर रूम की टीम कितनी बड़ी होगी।
चुनाव में वॉर रूम का क्या काम होता है?
चुनाव से पहले राजनीतिक पार्टियां अपना वॉर रूम बनाती हैं। यहां से चुनाव प्रचार से जुड़े काम संभाले जाते हैं। किस नेता की सभा कहां होगी, कौन किस जिले में प्रचार करने जाएगा और सोशल मीडिया पर क्या पोस्ट किया जाएगा, इन सबकी तैयारी यहीं से होती है। वॉर रूम में बैठी टीम जिलों से लगातार जानकारी लेती रहती है। किस इलाके में पार्टी की क्या स्थिति है, लोगों के बीच किन मुद्दों की चर्चा हो रही है और कहां प्रचार पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है, इसकी जानकारी जुटाई जाती है।
इसके अलावा जिला स्तर के नेताओं और कार्यकर्ताओं से संपर्क रखना भी वॉर रूम का काम होता है। कांग्रेस ने पांचों राज्यों के लिए वॉर रूम अध्यक्षों के नाम तय कर दिए हैं। हालांकि, ये टीमें किस तरह काम करेंगी और आगे क्या तैयारी रहेगी, इसकी पूरी जानकारी पार्टी ने अभी नहीं दी है।









