खरगे के बयान पर भोपाल में भाजपा का प्रदर्शन, कांग्रेस कार्यालय घेरने की तैयारी, शिवराज ने मांगा जवाब

खरगे के पटना वाले बयान पर भोपाल में भाजपा का प्रदर्शन। कांग्रेस कार्यालय के बाहर बैरिकेडिंग, शिवराज सिंह चौहान और सीएम मोहन यादव ने जताई नाराजगी।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की पटना में की गई टिप्पणी को लेकर मध्य प्रदेश में सियासी विवाद बढ़ गया है। भाजपा ने सोमवार को भोपाल में कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने का कार्यक्रम रखा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव, शिवराज सिंह चौहान और अन्य भाजपा नेताओं ने खरगे के बयान पर आपत्ति जताई है।

भोपाल: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के एक बयान के विरोध में भाजपा सोमवार, 26 अक्टूबर को भोपाल में प्रदर्शन करेगी। पार्टी के कार्यकर्ता शिवाजी नगर चौराहे पर जुटकर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय तक पैदल मार्च करेंगे। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने कांग्रेस कार्यालय के आसपास बैरिकेडिंग की है। विवाद रविवार को पटना में दिए गए खरगे के बयान से शुरू हुआ था। भाजपा इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता का अपमान बता रही है, जबकि कांग्रेस का कहना है कि खरगे की बात को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है।

भोपाल में कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन की तैयारी

मध्य प्रदेश भाजपा ने खरगे की टिप्पणी के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने की योजना बनाई है। इसके लिए पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को रेडक्रॉस अस्पताल के सामने शिवाजी नगर चौराहे पर एकत्रित होने के लिए कहा गया है।

यहां से भाजपा कार्यकर्ता पैदल मार्च करते हुए कांग्रेस कार्यालय की तरफ बढ़ेंगे। प्रदर्शन के दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के इंतजाम किए हैं।

कांग्रेस कार्यालय की ओर जाने वाले रास्ते पर बैरिकेडिंग की गई है। पुलिस का प्रयास प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखना और किसी तरह के टकराव को रोकना होगा।

भाजपा ने केवल मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के दूसरे राज्यों में भी खरगे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। 

पटना में खरगे ने ऐसा क्या कहा, जिस पर विवाद हुआ?

यह विवाद रविवार, 25 अक्टूबर को बिहार की राजधानी पटना में हुए एक कार्यक्रम से शुरू हुआ। बापू सभागार में बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती मनाई जा रही थी। कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी पहुंचे थे।

अपने भाषण के दौरान खरगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना कर रहे थे। इसी बीच सभा में मौजूद एक व्यक्ति ने कहा कि मोदी नहीं जाएंगे।

इस पर खरगे ने जवाब दिया, 'मोदी का बाप भी जाएगा।' उनके इस बयान के बाद कार्यक्रम में विवाद शुरू हो गया।

बताया गया कि टिप्पणी करने वाले व्यक्ति को वहां मौजूद कुछ लोगों ने घेर लिया और उसके साथ मारपीट भी हुई। बाद में उस व्यक्ति ने दावा किया कि उसकी बात पूरी नहीं सुनी गई थी। उसके मुताबिक, वह कहना चाहता था कि विद्रोह के बिना मोदी नहीं जाएंगे।

खरगे के बयान का वीडियो सामने आने के बाद भाजपा नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता से जोड़ते हुए आपत्ति जताई। 

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राजनीतिक मर्यादा की बात कही

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खरगे के बयान की आलोचना की। उनका कहना है कि राजनीति में विचारों का विरोध होना सामान्य बात है, लेकिन बोलते समय भाषा का ध्यान रखना चाहिए।

मोहन यादव ने कहा कि किसी भी नेता के परिवार को राजनीतिक विवाद में घसीटना उचित नहीं है। उन्होंने राजनीतिक दलों से सार्वजनिक जीवन में शालीनता बनाए रखने की बात कही।

मुख्यमंत्री के अनुसार, राजनीतिक मतभेदों के बावजूद नेताओं को एक-दूसरे के प्रति सम्मान रखना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष की टिप्पणी को अनुचित बताया। 

शिवराज सिंह चौहान ने सोनिया और राहुल गांधी से मांगा जवाब

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी खरगे की टिप्पणी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष जैसे अनुभवी नेता से सार्वजनिक मंच पर संयमित भाषा की उम्मीद की जाती है।

शिवराज ने कहा कि भारतीय परंपरा में दिवंगत लोगों के प्रति सम्मान रखने की बात कही जाती है। ऐसे में प्रधानमंत्री के स्वर्गीय पिता के बारे में की गई टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती।

उन्होंने सोनिया गांधी और राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या खरगे ने यह बयान उनके कहने पर दिया था। शिवराज ने यह भी पूछा कि यदि कांग्रेस नेतृत्व इस तरह की भाषा का समर्थन नहीं करता, तो क्या पार्टी खरगे से इस्तीफा मांगेगी।

शिवराज ने कांग्रेस पर प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता को स्वीकार नहीं कर पाने का आरोप भी लगाया। हालांकि, उनके आरोपों को लेकर गांधी परिवार की ओर से कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आई है।

हेमंत खंडेलवाल और रामेश्वर शर्मा ने भी जताई नाराजगी

मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष की टिप्पणी राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि खरगे पहले भी ऐसे बयान दे चुके हैं।

खंडेलवाल ने सवाल उठाया कि कांग्रेस अध्यक्ष इस तरह की बातें स्वयं कहते हैं या इसके पीछे गांधी परिवार की सहमति होती है।

भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी कांग्रेस नेतृत्व की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजनीतिक विरोध में व्यक्तिगत टिप्पणियां करने लगे हैं।

शर्मा ने कहा कि खरगे लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं और संसदीय परंपराओं को अच्छी तरह जानते हैं। इसके बावजूद उनकी ओर से इस्तेमाल की गई भाषा उचित नहीं थी।

वहीं, मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने भी बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि राजनीतिक प्रतिस्पर्धा में किसी नेता के दिवंगत माता-पिता को लेकर टिप्पणी करना सही नहीं है।

कांग्रेस ने खरगे के बयान पर क्या सफाई दी?

भाजपा की आलोचना के बीच कांग्रेस ने भी अपना पक्ष रखा है। पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने दावा किया कि पटना के कार्यक्रम में मौजूद एक भाजपा समर्थक ने पहले खरगे के दिवंगत पिता के बारे में टिप्पणी की थी।

खेड़ा के मुताबिक, इसके जवाब में खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी के वैचारिक पिता के संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का उल्लेख किया था। कांग्रेस का कहना है कि इस टिप्पणी को प्रधानमंत्री के वास्तविक पिता से जोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है।

इस तरह भाजपा और कांग्रेस दोनों बयान के अर्थ और उसके संदर्भ को लेकर अलग-अलग दावे कर रही हैं।

कांग्रेस ने यह आरोप भी लगाया कि खरगे को कार्यक्रम के दौरान जानबूझकर अपमानित करने की कोशिश की गई थी।

देश के दूसरे राज्यों में भी भाजपा का विरोध प्रदर्शन

खरगे के बयान के बाद सोमवार को दिल्ली, पटना, बेंगलुरु, लखनऊ और जम्मू समेत कई स्थानों पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।

पटना में भाजपा नेताओं ने विरोध मार्च निकाला और खरगे का पुतला जलाया। दिल्ली में भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष के आवास की ओर मार्च करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।

भाजपा नेताओं की मांग है कि कांग्रेस अध्यक्ष अपने बयान को लेकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। बिहार में इस मामले को लेकर पुलिस में शिकायत भी दी गई है। 

फिलहाल भोपाल में प्रस्तावित प्रदर्शन और कांग्रेस के जवाब के चलते मध्य प्रदेश में दोनों दलों के बीच राजनीतिक विवाद जारी है। आने वाले समय में इस बयान को लेकर कांग्रेस नेतृत्व की प्रतिक्रिया और भाजपा की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

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