उत्तर प्रदेश में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक होगी। इसमें शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रितों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने सहित कई प्रस्तावों पर फैसला हो सकता है। तीन लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर भी चर्चा संभव है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार की मंगलवार, 27 अक्टूबर को होने वाली कैबिनेट बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क निर्माण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री आवास पर बैठक प्रस्तावित है। इसमें 21 से अधिक प्रस्तावों पर विचार होने की संभावना है। शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के लिए चिकित्सा सुविधा का दायरा बढ़ाने वाला प्रस्ताव प्रमुख माना जा रहा है।
शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को मिल सकती है कैशलेस इलाज की सुविधा
योगी कैबिनेट की बैठक से प्रदेश के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को बड़ी उम्मीद है। सरकार माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े विभिन्न विद्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों तथा उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव पर निर्णय ले सकती है। इसमें अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों, वित्तविहीन स्कूलों और संस्कृत विद्यालयों में काम करने वाले कर्मचारी शामिल हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग के सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों और समग्र शिक्षा परियोजना से जुड़े शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी प्रस्ताव के दायरे में रखा गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित व्यवस्था से करीब पौने दो लाख कर्मचारियों को लाभ मिलने का अनुमान है। हालांकि, पात्रता और इलाज संबंधी विस्तृत शर्तें कैबिनेट की मंजूरी तथा संबंधित शासनादेश के बाद ही स्पष्ट होंगी।
इससे पहले जनवरी 2026 में राज्य सरकार शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा योजना को मंजूरी दे चुकी है। अब विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों को मिलने वाले लाभ को लेकर नए प्रस्ताव पर निर्णय अपेक्षित है।
![]()
तीन लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर भी नजर
- शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ प्रदेश की सड़क परियोजनाएं भी कैबिनेट के महत्वपूर्ण विषयों में शामिल हो सकती हैं।
- आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली प्रस्तावित सड़क परियोजना के विकासकर्ता चयन पर कैबिनेट से अनुमोदन लिया जा सकता है।
- इसके अलावा झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के विकासकर्ताओं के चयन से जुड़े प्रस्ताव भी चर्चा में आ सकते हैं।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के बीच बेहतर सड़क संपर्क विकसित करना है। विशेष रूप से बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए प्रस्तावित एक्सप्रेसवे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। हालांकि, परियोजनाओं के विकासकर्ता चयन और अन्य प्रक्रियाओं पर अंतिम स्थिति कैबिनेट के आधिकारिक फैसलों से ही सामने आएगी।
पंचायत नियमों, अस्पतालों और साइबर सुरक्षा पर भी प्रस्ताव
बैठक में पंचायती राज से जुड़े नियमों में बदलाव का प्रस्ताव भी रखा जा सकता है। इसमें गांव की मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए सामान्य निवास से संबंधित प्रावधानों को स्पष्ट करने की तैयारी है। स्वास्थ्य क्षेत्र में 200 बेड वाले चार अस्पतालों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी PPP मॉडल पर संचालित करने का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल बताया जा रहा है।
इसके अलावा प्रदेश में रोबोटिक्स पार्क स्थापित करने और आईआईटी कानपुर के माध्यम से साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर विकसित करने के प्रस्तावों को भी मंजूरी मिल सकती है। नगर विकास, औद्योगिक विकास, परिवहन, सहकारिता और अन्य विभागों से संबंधित प्रस्तावों पर भी विचार होने की संभावना है।









