बंगाल CM सुवेंदु अधिकारी बोले- कॉकरोचों को पनपने न दें, 'दिमागी नक्सल' और 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' पर साधा निशाना

पश्चिम बंगाल: मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने CJP को लेकर विवादित टिप्पणी की है। लोगों से पीएम मोदी का साथ देने को कहा और ममता सरकार पर कई आरोप लगाए।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने तमलुक में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ और ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ पर निशाना साधा। उन्होंने लोगों से प्रधानमंत्री मोदी का साथ देने की अपील की। साथ ही ममता बनर्जी की पिछली सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले कुछ समूहों पर विवादित टिप्पणी की है। उन्होंने सोमवार, 26 अक्टूबर को लोगों से कहा कि वे 'दिमागी नक्सल', 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' और कॉकरोचों को पनपने न दें। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़े होने की अपील की। मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) की नीतियों पर भी सवाल उठाए।

सुवेंदु अधिकारी सोमवार को पूर्वी मेदिनीपुर जिले के तमलुक में भाजपा के नए पार्टी कार्यालय के भूमि पूजन कार्यक्रम में पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने यह बयान दिया। पिछले दो दिनों में यह दूसरी बार है जब उन्होंने 'कॉकरोच' शब्द का इस्तेमाल करते हुए विरोधी समूहों पर निशाना साधा है।

रविवार को भी कॉकरोच और खटमल का किया था जिक्र

इससे पहले रविवार, 25 अक्टूबर को रामनगर में एक कार्यक्रम के दौरान सुवेंदु अधिकारी ने कॉकरोच, खटमल और कोरोना वायरस का उदाहरण देकर विरोधी समूहों की आलोचना की थी।

उन्होंने कहा था कि कुछ बुराइयां कॉकरोच और खटमल की तरह फैलने की कोशिश कर रही हैं। इनसे निपटने के संदर्भ में उन्होंने कीटनाशक स्प्रे 'हिट' का भी जिक्र किया।

मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी शिक्षा संस्थानों में राष्ट्रवाद और देशभक्ति की भावना बढ़ाने की बात करते हुए की थी। उन्होंने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों में हर साल भाषण, प्रश्नोत्तरी और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं होनी चाहिए।

ममता बनर्जी पर ग्रेटर बांग्लादेश बनाने का आरोप

सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी की पिछली सरकार पर भी कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के शासन में तुष्टीकरण की राजनीति हुई और बंगाल की सांस्कृतिक पहचान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी राज्य को 'ग्रेटर बांग्लादेश' बनाने की दिशा में काम कर रही थीं। उन्होंने राज्य के लिए अलग गीत, झंडे और 'जय बांग्ला' नारे का जिक्र किया।

हालांकि, ममता सरकार की ऐसी किसी योजना का प्रमाण उन्होंने पेश नहीं किया। यह उनका राजनीतिक आरोप है। अधिकारी ने कहा कि बंगाल की भाषा, संस्कृति और पुरानी परंपराओं को बचाने की जरूरत है। उनके मुताबिक, राज्य की मौजूदा सरकार इस दिशा में काम करेगी।

वामपंथियों और TMC के शासन पर भी उठाए सवाल

सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल में लंबे समय तक शासन करने वाली वामपंथी पार्टियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 34 साल की वामपंथी सरकार और उसके बाद करीब 15 साल तक सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल की विरासत को कमजोर किया।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने राज्य के इतिहास और संस्कृति से जुड़े विषयों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया।

उन्होंने कहा कि अगले शैक्षणिक सत्र से राज्य के स्कूलों के पाठ्यक्रम में बदलाव दिखाई देंगे। बंगाल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने की बात भी उन्होंने दोहराई।

NCC को लेकर ममता सरकार पर क्या आरोप लगाए?

सुवेंदु अधिकारी ने राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) को लेकर भी पिछली TMC सरकार की आलोचना की। उनका आरोप था कि ममता सरकार ने शिक्षण संस्थानों में NCC में छात्रों का नामांकन रोकने की कोशिश की थी।

उन्होंने कहा कि सरकार ने इसके स्थान पर 'जय हिंद वाहिनी' की शुरुआत की। अधिकारी के मुताबिक, NCC में प्रशिक्षण लेने वाले छात्रों को सेना में अग्निवीर के तौर पर भर्ती होने में मदद मिल सकती थी।

हालांकि, NCC में नामांकन रोकने के आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

क्या है कॉकरोच जनता पार्टी?

कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP की शुरुआत मई 2026 में एक व्यंग्यात्मक छात्र आंदोलन के रूप में हुई थी। बाद में बड़ी संख्या में छात्र और युवा इससे जुड़ गए।

NEET-UG पेपर लीक मामले में इस संगठन ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था। जून और जुलाई में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों ने लगातार धरना दिया। उनकी प्रमुख मांग तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा थी।

25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दिया। इसके बाद संगठन ने जंतर-मंतर पर अपना 36 दिनों का आंदोलन खत्म करने की घोषणा की थी।

मतदाता सूची के मुद्दे पर फिर सक्रिय हुई CJP

अक्टूबर में कॉकरोच जनता पार्टी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विरोध शुरू किया। संगठन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग की।

CJP से जुड़े लोगों ने मुंबई और दिल्ली समेत कई शहरों में प्रदर्शन किए। संगठन का कहना है कि मतदाता सूची में सुधार की प्रक्रिया निष्पक्ष होनी चाहिए और किसी पात्र व्यक्ति का मतदान अधिकार प्रभावित नहीं होना चाहिए। इसी आंदोलन के बीच सुवेंदु अधिकारी ने CJP और अन्य विरोधी समूहों पर टिप्पणी की है।

फिलहाल उनकी टिप्पणी के साथ ही ममता बनर्जी सरकार के कार्यकाल को लेकर लगाए गए आरोप चर्चा में हैं। बंगाल सरकार और संबंधित संगठनों की आगे की प्रतिक्रियाओं के लिए आधिकारिक बयानों और विश्वसनीय समाचार स्रोतों के अपडेट देखें।

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