लिकटेंस्टाइन के युवराज एलोइस अपनी पत्नी युवरानी सोफी के साथ भारत की राजकीय यात्रा पर हैं। मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में उनका औपचारिक स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात में व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग पर चर्चा होगी।
नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय देश लिकटेंस्टाइन के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए युवराज एलोइस चार दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत आए हैं। मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रपति भवन में उनका औपचारिक स्वागत किया गया। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहे। युवराज के साथ उनकी पत्नी युवरानी सोफी भी भारत आई हैं। आज हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है।
राष्ट्रपति भवन में युवराज एलोइस का औपचारिक स्वागत
लिकटेंस्टाइन के कार्यवाहक राष्ट्राध्यक्ष युवराज एलोइस मंगलवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन पहुंचे। यहां उनके सम्मान में औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी कार्यक्रम से पहले राष्ट्रपति भवन पहुंचे थे। युवराज एलोइस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत आए हैं। उनकी यह यात्रा 25 से 28 अक्टूबर तक निर्धारित है।
इस दौरे में उनके साथ उच्चस्तरीय सरकारी प्रतिनिधिमंडल और कारोबारी प्रतिनिधियों का दल भी शामिल है। दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी बढ़ाना यात्रा के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।
मुंबई और वडोदरा के बाद पहुंचे दिल्ली
युवराज एलोइस और युवरानी सोफी 25 अक्टूबर को मुंबई पहुंचे थे। महाराष्ट्र सरकार के प्रोटोकॉल मंत्री जयकुमार रावल ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। इसके बाद सोमवार को शाही दंपती गुजरात के वडोदरा पहुंचे। वहां निर्धारित कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के बाद दोनों नई दिल्ली रवाना हुए। दिल्ली पहुंचने पर केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा को भारत और लिकटेंस्टाइन के बीच सहयोग बढ़ाने का अवसर बताया है।
पीएम मोदी और युवराज एलोइस की बैठक में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को हैदराबाद हाउस में लिकटेंस्टाइन के युवराज एलोइस से मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं के बीच व्यापार और निवेश के अलावा विज्ञान, नई तकनीक और इनोवेशन को लेकर बातचीत होगी। इस दौरान भारत और लिकटेंस्टाइन के बीच कारोबारी रिश्तों को आगे बढ़ाने और एक-दूसरे के साथ संपर्क बढ़ाने पर भी चर्चा की जाएगी।
बैठक में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दे भी उठ सकते हैं। भारत और लिकटेंस्टाइन नई तकनीकों और उद्योगों के क्षेत्र में साथ मिलकर काम करने के अवसर तलाश रहे हैं। ऐसे में इस दौरे को दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, किसी नए समझौते पर हस्ताक्षर होंगे या निवेश से जुड़ी कोई घोषणा की जाएगी, इसकी जानकारी बैठक के बाद ही सामने आएगी।
राजघाट जाएंगे युवराज, राष्ट्रपति मुर्मू से भी मिलेंगे
राष्ट्रपति भवन में स्वागत के बाद युवराज एलोइस राजघाट जाएंगे। वहां वह महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे। इसके बाद उनकी भारत सरकार के कई बड़े मंत्रियों से मुलाकात होगी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी भी युवराज एलोइस से अलग-अलग मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मिलेंगे।
राष्ट्रपति मुर्मू युवराज के सम्मान में राजकीय भोज का आयोजन करेंगी। इस दौरान भारत और लिकटेंस्टाइन के रिश्तों को और मजबूत बनाने पर भी बातचीत हो सकती है।









