वाराणसी समेत पूर्वांचल के कई जिलों में चक्रवात अर्नब का असर दिखने वाला है। मौसम विभाग ने 28 अक्टूबर को तेज हवाओं और गरज-चमक, जबकि 29 अक्टूबर को भारी बारिश की चेतावनी दी है। किसानों को सतर्क रहने को कहा गया है।
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में अगले 24 घंटों के दौरान मौसम बदल सकता है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात अर्नब के असर से वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर और आसपास के जिलों में बादल छाने और बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 28 अक्टूबर के लिए येलो अलर्ट और 29 अक्टूबर को भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका के बीच प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
28 अक्टूबर से पूर्वांचल में बदलने लगेगा मौसम
वाराणसी में मंगलवार, 27 अक्टूबर को मौसम सामान्य रहने का अनुमान है, लेकिन बुधवार से बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है। बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात अर्नब के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक, 28 अक्टूबर को सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, गाजीपुर और बलिया में तेज हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।
इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के साथ कुछ स्थानों पर गरज-चमक भी हो सकती है।
29 अक्टूबर को भारी बारिश की चेतावनी
पूर्वांचल में गुरुवार, 29 अक्टूबर को मौसम ज्यादा खराब होने की आशंका है। मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दर्ज की है। कई जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
वाराणसी के अलावा प्रयागराज, चित्रकूट, कौशांबी, प्रतापगढ़ और आसपास के इलाकों में भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग के 27 अक्टूबर के बुलेटिन में 30 अक्टूबर को भी पूर्वी उत्तर प्रदेश में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 31 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना बनी रह सकती है।
चक्रवात अर्नब की स्थिति पर मौसम विभाग की नजर
बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात अर्नब लगातार पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 26 अक्टूबर की रात तक यह गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले चुका था।
तूफान के आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की ओर बढ़ने की आशंका है। इसके प्रभाव से देश के कई हिस्सों में मौसम बदल सकता है।
उत्तर प्रदेश में चक्रवात के असर से नमी और बादलों की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। हालांकि, तूफान का मुख्य केंद्र सीधे वाराणसी पहुंचने की पुष्टि नहीं हुई है।
वाराणसी में 33.4 डिग्री दर्ज हुआ अधिकतम तापमान
वाराणसी में पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से एक डिग्री अधिक रहा। न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.7 डिग्री कम था।
शहर में नमी का स्तर 68 से 80 प्रतिशत के बीच दर्ज किया गया। अधिकतम आर्द्रता में बढ़ोतरी से मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
बारिश और बादल छाने के बाद दिन के तापमान में गिरावट आ सकती है। ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, वाराणसी में 29 अक्टूबर को अधिकतम तापमान करीब 23 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है।
बारिश से धान की फसल को हो सकता है नुकसान
अक्टूबर के आखिरी दिनों में होने वाली बारिश किसानों की परेशानी बढ़ा सकती है। पूर्वांचल के कई हिस्सों में धान की कटाई चल रही है। खेतों में कटी हुई फसल भी रखी हुई है।
तेज बारिश होने पर खुले में रखे धान के भीगने का खतरा रहेगा। खेतों में पानी भरने से तैयार फसलों को नुकसान हो सकता है। तेज हवा के कारण खड़ी फसल गिरने की भी आशंका है।
कृषि विभाग ने किसानों को मौसम की चेतावनी को ध्यान में रखकर काम करने की सलाह दी है। जिन किसानों की फसल कट चुकी है, उन्हें अनाज सुरक्षित जगह रखने और खेतों से पानी निकलने की व्यवस्था करने को कहा गया है।
तेज हवा और बिजली गिरने की आशंका, प्रशासन सतर्क
उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय ने खराब मौसम को देखते हुए लोगों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
तेज हवा और बिजली चमकने के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर दीवारों के आसपास खड़े होने से बचने को कहा गया है। खुले मैदान और जलाशयों के पास जाने में भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम खराब होने पर सुरक्षित इमारत में रुकना बेहतर होगा। किसानों को खेतों में काम करते समय बिजली गिरने की चेतावनी का ध्यान रखने को कहा गया है।








