हरिद्वार और रुड़की में स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली के बिल बढ़ने की शिकायतें सामने आई हैं। कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली की खपत पहले जैसी है, लेकिन बिल दोगुना आ रहा है। ऊर्जा निगम ने मीटर में खराबी से इनकार किया है।
हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार और रुड़की में स्मार्ट मीटर लगाने के बाद कई उपभोक्ता बिजली के बढ़े हुए बिलों से परेशान हैं। लोगों का कहना है कि उनके घरों में पहले जितने ही पंखे, बल्ब और दूसरे बिजली उपकरण इस्तेमाल हो रहे हैं, लेकिन बिल पहले से काफी ज्यादा आने लगा है। कुछ उपभोक्ता ऊर्जा निगम के कार्यालय पहुंचकर शिकायत कर रहे हैं और पुराने मीटर दोबारा लगाने की मांग कर रहे हैं।
स्मार्ट मीटर लगने के बाद बढ़ी लोगों की परेशानी
रुड़की मंडल में करीब दो साल से स्मार्ट मीटर लगाने का काम चल रहा है। शुरुआत में ऊर्जा निगम ने तेजी से मीटर बदलने शुरू किए थे, लेकिन कई इलाकों में लोगों के विरोध के कारण काम की रफ्तार धीमी पड़ गई।
अब जिन घरों में स्मार्ट मीटर लग चुके हैं, वहां से ज्यादा बिजली बिल आने की शिकायतें मिल रही हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले जितनी बिजली इस्तेमाल करने पर सामान्य बिल आता था, अब उसी इस्तेमाल पर अधिक रकम चुकानी पड़ रही है।
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कुछ लोगों ने मीटर की जांच कराने की मांग की है, जबकि कई उपभोक्ता पुराने मीटर वापस लगवाना चाहते हैं।
400 यूनिट की जगह 762 यूनिट पहुंची रीडिंग
रुड़की की आकाशदीप कॉलोनी में रहने वाले विपेन्द्र त्यागी ने बताया कि उनके घर में मई महीने में स्मार्ट मीटर लगाया गया था। उस समय बिजली की खपत करीब 400 यूनिट दर्ज हुई थी।
जून में बिजली की खपत बढ़कर 762 यूनिट पहुंच गई। विपेन्द्र का कहना है कि उनके घर में कोई नया बिजली उपकरण नहीं लगाया गया। पहले की तरह ही बिजली इस्तेमाल की जा रही है, फिर भी मीटर ज्यादा खपत दिखा रहा है।
उन्होंने ऊर्जा निगम को आवेदन देकर स्मार्ट मीटर हटाने और पुराना मीटर लगाने की मांग की है।
2000 रुपये का बिजली बिल अब 4500 रुपये
सिविल लाइंस निवासी अजय शर्मा भी बढ़े हुए बिजली बिल से परेशान हैं। उनके मुताबिक, पहले उनके घर का मासिक बिजली बिल लगभग 2000 रुपये आता था। स्मार्ट मीटर लगने के बाद यह रकम बढ़कर करीब 4500 रुपये हो गई है।
इसी तरह बंदा रोड निवासी इस्माइल ने बताया कि पहले उनके यहां महीने में लगभग 500 यूनिट बिजली की खपत होती थी। अब मीटर में करीब 1000 यूनिट दर्ज हो रही हैं।
इस्माइल का कहना है कि उन्होंने कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
हालांकि, इन मामलों में बिजली की खपत बढ़ने की वास्तविक वजह तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
ऊर्जा निगम ने कहा- मीटर में कोई खराबी नहीं
उपभोक्ताओं की शिकायतों पर रुड़की मंडल के अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार पांडे ने कहा कि स्मार्ट मीटर में किसी तरह की तकनीकी खराबी नहीं है।
उनके मुताबिक, शुरुआती दिनों में कुछ मीटरों की रीडिंग दर्ज करने में गलतियां सामने आई थीं। इन गलतियों को ठीक कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि जिन उपभोक्ताओं को बिल या मीटर की रीडिंग को लेकर परेशानी है, उनकी शिकायतों की जांच की जा रही है। विभाग का कहना है कि लोगों की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है।
80 प्रतिशत ट्रांसफार्मरों पर लगाए गए स्मार्ट मीटर
ऊर्जा निगम की ओर से ट्रांसफार्मरों पर स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से किया जा रहा है। रुड़की मंडल में अब तक करीब 80 प्रतिशत ट्रांसफार्मरों पर स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।
हालांकि, घरेलू और दूसरे उपभोक्ताओं के कनेक्शन पर मीटर लगाने का काम अपेक्षाकृत धीमा चल रहा है। कई इलाकों में लोग नए मीटर लगाने का विरोध कर रहे हैं।
किसान संगठनों ने भी किया स्मार्ट मीटर का विरोध
स्मार्ट मीटर का मामला किसान संगठनों की बैठकों में भी उठ चुका है। 21 अक्टूबर को उत्तराखंड किसान मोर्चा की पंचायत में किसान नेताओं ने स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगाने की मांग की थी।
किसान नेताओं का कहना था कि वे किसी भी कीमत पर स्मार्ट मीटर नहीं लगने देंगे। पंचायत में मौजूद ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगाने से जुड़ा फैसला शासन स्तर का है।







