सीकर की हर्ष पहाड़ी पर मिला जोधपुर से लापता युवक का शव, 9 दिन पहले जीणमाता के दर्शन करने आया था

सीकर की हर्ष पहाड़ी पर जोधपुर निवासी 41 वर्षीय दिनेश भील का शव मिला। वह नौ दिन पहले जीणमाता मेले से लापता हुआ था। पुलिस ने कपड़ों और हाथ के टैटू से पहचान की।

सीकर में जीणमाता मेले के दौरान लापता हुए जोधपुर निवासी दिनेश भील का शव हर्ष पहाड़ी पर मिला है। वह नौ दिन पहले श्रद्धालुओं के समूह के साथ दर्शन करने आया था। पुलिस ने कपड़ों और टैटू से उसकी पहचान की।

सीकर: राजस्थान के सीकर जिले में जीणमाता के दर्शन करने आए एक युवक की मौत का मामला सामने आया है। जोधपुर से श्रद्धालुओं के समूह के साथ पहुंचे 41 वर्षीय दिनेश भील का शव हर्ष पहाड़ी पर मिला है। वह करीब नौ दिन पहले जीणमाता मेले के दौरान अपने साथियों से बिछड़ गया था। इसके बाद उसका कोई पता नहीं चल रहा था। परिजनों ने जीणमाता पुलिस थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तलाश के दौरान पहाड़ी क्षेत्र में शव मिलने पर पुलिस ने उसकी पहचान कराई। फिलहाल युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।

जोधपुर से श्रद्धालुओं के साथ दर्शन करने पहुंचा था दिनेश

जीणमाता थाना प्रभारी राकेश कुमार मीणा के अनुसार, 11 से 19 अक्टूबर के बीच जीणमाता का धार्मिक मेला आयोजित हुआ था। इस दौरान राजस्थान के अलग-अलग जिलों से श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे थे। जोधपुर से भी भक्तों का एक समूह मेले में शामिल होने आया था। इसी समूह में दिनेश भील भी मौजूद था। वह जोधपुर के सूरसागर क्षेत्र की भील बस्ती, भेरा भाकर का रहने वाला था।

पुलिस के मुताबिक, 18 से 19 अक्टूबर के बीच दिनेश अपने साथ आए लोगों से बिछड़ गया। समूह के बाकी सदस्यों को जब उसकी जानकारी नहीं मिली तो तलाश शुरू की गई। आसपास खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चल सका।

परिजनों ने जीणमाता थाने में दर्ज कराई थी गुमशुदगी

दिनेश का काफी समय तक कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजनों ने पुलिस से संपर्क किया। उन्होंने जीणमाता थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराते हुए उसकी पहचान से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई। परिवार ने बताया था कि दिनेश ने काले रंग की जींस पहन रखी थी। उसके हाथ पर नाम का टैटू भी बना हुआ था। पुलिस ने इन जानकारियों को तलाश के दौरान पहचान के लिए इस्तेमाल किया।

दिनेश के पास मोबाइल फोन नहीं था। इस कारण परिवार और उसके साथ आए लोग उससे सीधे संपर्क नहीं कर पा रहे थे। पुलिस के सामने उसे खोजने की चुनौती बनी हुई थी।

हर्ष पहाड़ी पर मिला शव, कपड़ों और टैटू से हुई पहचान

युवक की तलाश के दौरान पुलिस को हर्ष पहाड़ी क्षेत्र में एक शव मिलने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने शव की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू की। शव पर मौजूद कपड़ों और हाथ पर बने नाम के टैटू का मिलान गुमशुदगी की रिपोर्ट में दी गई जानकारी से किया गया। इसके आधार पर पुलिस ने मृतक की पहचान दिनेश भील के रूप में की।

थाना प्रभारी राकेश कुमार मीणा ने इसकी पुष्टि की है। हालांकि, शव पहाड़ी के किस हिस्से में मिला और उसकी मौत कब हुई, इस बारे में उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट विवरण नहीं है।

जोधपुर में बर्तन धोने का काम करता था युवक

पुलिस के अनुसार, दिनेश भील की उम्र 41 वर्ष थी। उसके पिता का नाम श्यामलाल है और वह जोधपुर के सूरसागर इलाके के वार्ड नंबर 12 में रहता था।

दिनेश बर्तन धोने का काम करके अपनी आजीविका चलाता था। पुलिस ने बताया कि उसे शराब पीने की आदत थी। हालांकि, इस जानकारी के आधार पर उसकी मौत को शराब सेवन से जोड़ना उचित नहीं होगा। पुलिस की ओर से अभी ऐसा कोई प्रमाण सामने नहीं रखा गया है, जिससे मौत की वजह स्पष्ट हो सके।

युवक की मौत कैसे हुई, अभी स्पष्ट नहीं

हर्ष पहाड़ी पर दिनेश का शव मिलने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि वह अपने साथियों से बिछड़ने के बाद वहां कैसे पहुंचा। यह भी स्पष्ट नहीं है कि वह पहाड़ी पर अकेले गया था या उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति मौजूद था।

मौत किसी दुर्घटना, स्वास्थ्य संबंधी परेशानी या दूसरी वजह से हुई, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट अथवा अन्य जांच के निष्कर्ष के बिना किसी एक कारण को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उपलब्ध पुलिस जानकारी में किसी संदिग्ध व्यक्ति की भूमिका या आपराधिक घटना की पुष्टि भी नहीं की गई है।

जीणमाता मेले में बड़ी संख्या में पहुंचते हैं श्रद्धालु

सीकर का जीणमाता मंदिर राजस्थान के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां नवरात्र के दौरान मेले का आयोजन होता है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। हर्ष पहाड़ी भी धार्मिक महत्व रखने वाला क्षेत्र है। यहां हर्षनाथ मंदिर सहित कई धार्मिक स्थल हैं। 

जीणमाता के दर्शन करने आने वाले कुछ श्रद्धालु हर्ष पर्वत भी जाते हैं। फिलहाल दिनेश के मामले में पुलिस से संबंधित अतिरिक्त जानकारी और मौत की वजह स्पष्ट होने का इंतजार है।

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